Israeli Strike: गाजा में इस्राइली हमले, स्कूल से शरणार्थी शिविर में तब्दील जगह पर 36 की मौत, कुल 52 की जान गई
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार को गाजा पट्टी में इस्राइली हमलों में कम से कम 52 लोग मारे गए। इनमें एक स्कूल में 36 लोग शामिल हैं। स्कूल को आश्रय स्थल बना दिया गया था। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस्राइल के जवाबी हमले में लगभग 54,000 फलस्तीनी मारे गए हैं। मृतकों में आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं।
विस्तार
गाजा में इस्राइल के ताजा हमलों में 52 लोगों की मौत हो गई। हमले दो अलग-अलग जगहों पर किए गए। पहला हमला एक स्कूल से शरणार्थी शिविर में तब्दील जगह पर किया गया, जबकि दूसरा हमला एक आवासीय इमारत पर किया गया। इमारत में 16 लोगों की मौत हुई, जबकि स्कूल से शरणार्थी शिविर में तब्दील स्थल पर इस्राइली हमले में कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे बताए जा रहे हैं। गाजा पट्टी के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, आपातकालीन सेवा के प्रमुख फहमी अवद ने बताया कि उत्तरी गाजा में स्कूल पर हमले में 55 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। स्कूल पर तीन बार हमला किया गया। हमला उस वक्त किया गया, जब लोग सो रहे थे। इससे उनके सामान में आग लग गई।
युद्धविराम समाप्त करने के बाद मार्च में इस्राइल ने हमले फिर से शुरू किए
हमास के साथ युद्धविराम समाप्त करने के बाद मार्च में इस्राइल ने हमले फिर से शुरू कर दिए थे। इस्राइल ने दोहराया कि वह गाजा पर नियंत्रण करने और हमास के खात्मे या हथियार डालने तक लड़ाई जारी रखेगा। इस्राइल ने कहा था कि वह तब तक नहीं रुकेगा, जब तक हमास 7 अक्तूबर, 2023 को हुए हमले में बचे हुए 58 बंधकों को वापस नहीं कर देता। माना जा रहा है कि इनमें से एक तिहाई ही जीवित बचे होंगे।
इस्राइली सेना ने क्या कहा?
इस्राइली सेना ने कहा कि उसने स्कूल के अंदर एक उग्रवादी कमांड और नियंत्रण केंद्र को निशाना बनाया। इसका इस्तेमाल हमास और इस्लामिक जिहादी हमलों के लिए खुफिया जानकारी जुटाने के लिए करते थे। इस्राइल ने नागरिकों की मौत के लिए हमास को दोषी ठहराया, क्योंकि यह आवासीय क्षेत्रों में काम करता है।
एक ही परिवार के 15 सदस्यों की मौत
गाजा शहर के शिफा अस्पताल के मुताबिक, एक घर पर एक अलग हमले में एक ही परिवार के 16 सदस्यों की मौत हो गई, जिसमें पांच महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। हमास के नेतृत्व वाले लड़ाकों ने 7 अक्तूबर के हमले में लगभग 1,200 लोगों की हत्या कर दी थी, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे। इस दौरान 251 लोगों का अपहरण कर लिया गया था।