Gaza: गाजा में इस्राइल के हमले तेज, और अंदर घुसी सेना, शहर में फोन-इंटरनेट बंद; मृतकों की संख्या 65000 पार
इस्राइली सेना ने गाजा सिटी में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, जिससे लाखों फलस्तीनी लोग सुरक्षित स्थान की ओर भाग रहे हैं। लगातार बमबारी और जमीन पर सेना की बढ़ती मौजूदगी के बीच मृतकों की संख्या 65,000 से अधिक हो गई है। फोन और इंटरनेट सेवाएं बाधित होने से बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं, और गाजा में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं।
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इस्राइल और हमास के बीच 23 महीनों से चल रहे संघर्ष में गाजा की स्थिति दिन-प्रतिदिन और भयावह होती जा रही है। इसके बावजूद इस्राइल का गाजा पर हमला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी सिलसिले में गाजा से एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां गाजा सिटी में बुधवार को इस्राइली सेना ने अपनी टैंकों और सैनिकों को और अंदर भेज दिया है। इससे वहां के हालात और बिगड़ गए हैं। साथ ही, लगातार चल रहे हवाई हमलों और तोपखाने की बमबारी के चलते फोन और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे घायल लोगों की मदद के लिए एम्बुलेंस बुलाना और बचाव कार्य करना बहुत मुश्किल हो गया है।
देखा जाए तो दिन-प्रतिदिन गाजा की हालत बेहद खराब होती जा रही है। शहर के करीब 90 फीसदी लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगह की ओर भाग चुके हैं। इस्राइल ने गाजा सिटी के दक्षिण में एक निकास मार्ग खोलकर लोगों को दो दिन के लिए सुरक्षित बाहर निकलने की अनुमति दी है। लेकिन फोन और इंटरनेट बंद होने से बाहर की दुनिया से संपर्क करना मुश्किल हो गया है और इससे राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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फलस्तीनी नेता ने अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर गाजा में इस हमले के बीच फलस्तीनी नेता गाजी हमद ने पहली बार सार्वजनिक रूप से कहा कि अमेरिका मध्यस्थता में पक्षपात कर रहा है। साथ ही हमद ने ये भी कहा कि अमेरिका इस संघर्ष में इस्राइल का साथ दे रहा है। कतर ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे फलस्तीनियों के खिलाफ नरसंहार बताया है।
गाजा संघर्ष में 65000 फलस्तीनियों की मौत
बता दें कि 23 महीनों से चल रहे इस संघर्ष में अब तक भारी तबाही मची है। गाजा के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस युद्ध में अब तक लगभग 65,000 फलस्तीनी लोग मारे जा चुके हैं। इनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। वहीं लाखों लोग घायल हो गए हैं। इस्राइली सेना ने पिछले कुछ दिनों में गाजा सिटी पर 150 से ज्यादा हवाई और तोपखाने के हमले किए हैं। कई ऊंची इमारतें और आवासीय इलाके पूरी तरह तबाह हो गए हैं। सेना का कहना है कि ये इमारतें हमास द्वारा अपने सैनिक कामकाज के लिए इस्तेमाल की जा रही थीं।
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संयुक्त राष्ट्र ने इस्राइल पर फिर लगाया नरसंहार का आरोप
वहीं एक बार फिर इस संघर्ष को लेकर संयुक्त राष्ट्र के एक जांच आयोग ने भी इस्राइल पर नरसंहार का आरोप लगाया है। हालांकि, इस्राइल इस आरोप को पूरी तरह खारिज करता है। विश्व के कई मानवतावादी संगठन भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जल्द और ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि इस संघर्ष को रोका जा सके।
गौरतलब है कि इस्राइली नेताओं का दावा पर गौर करें तो वे पूरी तरह गाजा सिटी पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लें। हालांकि, हमास की लड़ाकू क्षमता काफी कमजोर हो गई है और अब वे ज्यादा छुपकर और छोटे-छोटे हमले कर रहे हैं। ऐसे में मामला पूरी तरह साफ है कि गाजा में हालात बहुत खराब हैं और लोगों को तत्काल मदद की जरूरत है, लेकिन लगातार बमबारी, संचार व्यवस्था बंद होने और लोगों के विस्थापन से राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।