फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Israel Supreme Court says government not giving Palestinian prisoners enough food

Israel: जेलों में भुखमरी पर इस्राइली सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी, सरकार बोली- न्यूनतम सुविधाएं ही मिलेंगी

Mon, 08 Sep 2025 05:37 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 08 Sep 2025 05:37 AM IST
सार

इस्राइल की सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को एक अहम फैसले में कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि देश की सरकार ने फलस्तीनी कैदियों को 'जीवन-निर्वाह करने के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं कराया।' कोर्ट ने पोषण की स्थिति में तत्काल सुधार लाने का आदेश दिया।

विज्ञापन
Israel Supreme Court says government not giving Palestinian prisoners enough food
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम एशिया में बीते 23 माह से अधिक समय से हिंसक संघर्ष हो रहा है। गाजा पट्टी में रहने वाले लोग भुखमरी और अभूतपूर्व मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं। भारी गोलाबारी के बीच फलस्तीनी जनता तक राहत सामग्री पहुंचाने में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं।

विज्ञापन


ताजा घटनाक्रम में इस्राइल की सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को एक अहम फैसले में कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि देश की सरकार ने फलस्तीनी कैदियों को 'जीवन-निर्वाह करने के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं कराया।' कोर्ट ने पोषण की स्थिति में तत्काल सुधार लाने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लगभग दो साल से चल रहे युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली सरकार की कार्यप्रणाली में दुर्लभ हस्तक्षेप की तरह देखा जा रहा है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: US: व्हाइट हाउस के बाहर चार दशक से बैठे प्रदर्शनकारी को हटाया, ट्रंप के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
विज्ञापन
विज्ञापन


बीते 23 महीनों में इस्राइल ने हजारों लोगों को हिरासत में लिया
बता दें कि गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से बीते 23 महीनों के दौरान इस्राइल ने हजारों लोगों को हिरासत में लिया है। कई लोगों को बिना आरोप महीनों बाद रिहा किया गया। हालांकि, मानवीय संकट को देखते हुए मानवाधिकार संगठनों ने जेलों में भोजन की कमी, स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली, गंदगी और मारपीट की घटनाओं को रेखांकित करते हुए कोर्ट का रुख किया। इसी साल मार्च में एक 17 वर्षीय फलस्तीनी किशोर की जेल में मौत की खबर आने के बाद डॉक्टरों ने 'भूख और कुपोषण' मौत का प्रमुख कारण बताया था।

ये भी पढ़ें: Trump Warns Hamas: राष्ट्रपति ट्रंप का दावा- इस्राइल ने शर्तें मानी, अब हमास की बारी; कहा- यह अंतिम चेतावनी...

हमास के आतंकियों का बचाव कर रही अदालत: बेन-ग्वीर
इस मामले के सामने आने के बाद इस्राइली नागरिक अधिकार संघ (ACRI) और गीशा संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसपर सख्ती दिखाते हुए कोर्ट ने कहा कि सरकार ने पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं कराया। कोर्ट ने माना कि कैदियों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा और जेल प्रशासन को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने का आदेश दिया। हालांकि, देश के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन-ग्वीर ने फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि अदालत 'हमास आतंकियों का बचाव कर रही है।' उन्होंने कहा कि बंदियों को जेल में न्यूनतम सुविधाएं ही मिलेंगी। दूसरी तरफ ACRI ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को तुरंत लागू करने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed