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Israel: क्या नेतन्याहू के निशाने पर थे ईरानी वार्ताकार? न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट पर आ गया इस्राइल का बयान
Sat, 04 Jul 2026 08:45 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Sat, 04 Jul 2026 08:45 AM IST
सार
ईरानी वार्ताकारों को निशाना बनाए जाने की आशंका वाली रिपोर्ट पर इस्राइल प्रतिक्रिया आई है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी दावों पर अपना पक्ष साफ कर दिया। आइए, विस्तार से जानते हैं कि न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में आखिर क्या कहा गया था, अमेरिका को किस बात की चिंता थी, इस्राइल ने इसे झूठ क्यों बताया और इस पूरे विवाद का ईरान-अमेरिका वार्ता पर क्या असर पड़ सकता है?
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रिपोर्ट पर क्या बोला नेतन्याहू का कार्यालय?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने उस मीडिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका को आशंका थी कि इस्राइल ईरान के वरिष्ठ वार्ताकारों को निशाना बना सकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस रिपोर्ट को फेक न्यूज और हकीकत से पूरी तरह अलग बताते हुए कहा कि इसमें किए गए दावे वास्तविकता पर आधारित नहीं हैं। इस बयान के बाद एक बार फिर मध्य पूर्व की कूटनीतिक हलचल और इस्राइल-ईरान संबंध चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।
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क्या था न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट का दावा?
मामला उस रिपोर्ट से जुड़ा है, जिसमें दावा किया गया कि इस साल इस्लामाबाद वार्ता के दौरान अमेरिकी अधिकारियों को यह आशंका थी कि इस्राइल ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ को निशाना बना सकता है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ मौजूदा और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों का मानना था कि 8 अप्रैल के युद्धविराम के बाद के हफ्तों में इस्राइल ऐसी योजना पर विचार कर सकता था। इसी आशंका के चलते अमेरिका ने कथित तौर पर क्षेत्र के कुछ देशों के माध्यम से तेहरान तक अप्रत्यक्ष संदेश पहुंचाया, ताकि ईरानी नेतृत्व को संभावित खतरे से आगाह किया जा सके। हालांकि रिपोर्ट में इन दावों को अधिकारियों के हवाले से पेश किया गया था।
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