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Israel: 'इस्राइली लोगों को हमास ने नहीं बल्कि गाजा की भीड़ ने बंधक बनाया', एक रिपोर्ट में किया गया दावा
Wed, 20 Dec 2023 01:28 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, गाजा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, गाजा
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Wed, 20 Dec 2023 01:28 PM IST
सार
सात अक्तूबर को इस्राइल पर हमास द्वारा दागे गए रॉकेट के दौरान इस्राइली लोगों को बंधक बनाया गया था। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस्राइली लोगों को बंधक बनाने वाले हमास के नागरिक नहीं बल्कि गाजा के नागरिक थे।
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इस्राइल हमास युद्ध (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
विस्तार
गाजा स्थित हमास आतंकी समूह द्वारा सात अक्तूबर को इस्राइल पर पांच हजार रॉकेट दागे गए थे। गाजा से सटी इस्राइली सीमा में लगे फेंसिंग को हमलावरों ने तोड़ दिया था, जिसके बाद हमास के लड़ाकू इस्राइली शहरों में जा पहुंचे थे। इस दौरान इस्राइली लोगों को बड़ी संख्या में बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया। इस घटना के दौरान सोशल मीडिया में एक इस्राइली युवती की बंधक बनाए जाने की वीडियो जमकर वायरल हो हुई थी। जिसमें दो हमास हमलावर बाइक के जरिए उसे ले जा रहे थे। हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह हमलावर हमास के नहीं बल्कि गाजा के नागरिकों की भीड़ ने बंधक बनाया था।
हमास नहीं गाजा के थे बंधक बनाने वाले नागरिक
सात अक्तूबर की घटना के दौरान कई इस्राइली नागरिकों को बंधक बनाया गया था। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि उस दौरान इस्राइली नागरिकों को बंधक बनाने वाले हमास के आतंकी नहीं बल्कि गाजा के नागरिकों की भीड़ थी। उन्होंने द्वारा हमास के हमलों का फायदा उठाया गया और इस्राइल में दाखिल हो गए थे।
रिपोर्ट में इस्राइली सैन्य अधिकारियों से बातचीत का जिक्र
रिपोर्ट में दो इस्राइली सैन्य अधिकारियों से बातचीत का जिक्र है। उन्होंने कहा कि यह संभव है कि सात अक्तूबर को संगीत समारोह में नुखबा फोर्स के नरसंहार के कुछ घंटों बाद कई लोगों वहां पहुंच गए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों में से एक ने बताया कि नोआ और अन्यों का अपहरण के वीडियो में देखा गया कोई भी बंधक सशस्त्र या सामरिक जैकेट पहने हुए नहीं दिखता है, जिससे पता चलता है कि उनके नुखबा सदस्य होने की संभावना नहीं है।
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वीडियो में दिख रही दरिंदगी की हदें
नोओ अरगामनी को बंधक बनाए जाने वाला वीडियो में हमास की दरिंदगी का काला सच सामने दिखाई दे रहा था। बालों से घसीटकर युवती को ले जाया जा रहा था। वीडियो में युवती चिल्लाती और चीखें नजर आ रही है।
कहां है नोआ?
इस्राइल और हमास के बीच युद्धविराम के दौरान हमास द्वारा बंधक बनाए गए 240 बंधकों में से 100 से अधिक को रिहा कर दिया गया था। नोआ उन 14 महिला नागरिकों में शामिल हैं जिन्हें अभी तक रिहा नहीं किया गया है। इस्राइल और अमेरिका दोनों ने कहा है कि हमास द्वारा उन महिलाओं को रिहा करने से इनकार करने के कारण यह युद्धविराम टूट गया।
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हमास नहीं गाजा के थे बंधक बनाने वाले नागरिक
सात अक्तूबर की घटना के दौरान कई इस्राइली नागरिकों को बंधक बनाया गया था। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि उस दौरान इस्राइली नागरिकों को बंधक बनाने वाले हमास के आतंकी नहीं बल्कि गाजा के नागरिकों की भीड़ थी। उन्होंने द्वारा हमास के हमलों का फायदा उठाया गया और इस्राइल में दाखिल हो गए थे।
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रिपोर्ट में इस्राइली सैन्य अधिकारियों से बातचीत का जिक्र
रिपोर्ट में दो इस्राइली सैन्य अधिकारियों से बातचीत का जिक्र है। उन्होंने कहा कि यह संभव है कि सात अक्तूबर को संगीत समारोह में नुखबा फोर्स के नरसंहार के कुछ घंटों बाद कई लोगों वहां पहुंच गए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों में से एक ने बताया कि नोआ और अन्यों का अपहरण के वीडियो में देखा गया कोई भी बंधक सशस्त्र या सामरिक जैकेट पहने हुए नहीं दिखता है, जिससे पता चलता है कि उनके नुखबा सदस्य होने की संभावना नहीं है।
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वीडियो में दिख रही दरिंदगी की हदें
नोओ अरगामनी को बंधक बनाए जाने वाला वीडियो में हमास की दरिंदगी का काला सच सामने दिखाई दे रहा था। बालों से घसीटकर युवती को ले जाया जा रहा था। वीडियो में युवती चिल्लाती और चीखें नजर आ रही है।
कहां है नोआ?
इस्राइल और हमास के बीच युद्धविराम के दौरान हमास द्वारा बंधक बनाए गए 240 बंधकों में से 100 से अधिक को रिहा कर दिया गया था। नोआ उन 14 महिला नागरिकों में शामिल हैं जिन्हें अभी तक रिहा नहीं किया गया है। इस्राइल और अमेरिका दोनों ने कहा है कि हमास द्वारा उन महिलाओं को रिहा करने से इनकार करने के कारण यह युद्धविराम टूट गया।