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Israel-Hezbollah: इस्राइल-हिजबुल्ला की जंग ने क्यों ताजा की 2006 के भीषण लड़ाई की याद, लेबनान में क्या हो रहा?

Wed, 25 Sep 2024 03:49 PM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Wed, 25 Sep 2024 03:49 PM IST
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सार
Israel-Hezbollah: इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच लंबे समय से चल रहा संघर्ष खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इस्राइल ने लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर बमबारी की जिसमें 558 लोग मारे गए। इन हमलों के बाद 2006 के युद्ध जैसे हालात पैदा होने की आशंका व्यक्त की जा रही है, जब इस्राइल और हिजबुल्ला के 34 दिन तक के संघर्ष में 1,000 से अधिक लेबनानी और 150 इस्राइली मारे गए थे। 
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Israel Hezbollah war in Lebanon and 2006 conflict news in hindi
इस्राइल-हिजबुल्ला जंग - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

इस्राइल और हमास के बीच 7 अक्तूबर 2023 को शुरू हुआ युद्ध अभी भी जारी है। ये संघर्ष रुका नहीं लेकिन इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच एक और मोर्चा खुल गया है। दोनों ओर से हमले किए जा रहे हैं। पिछले दिनों इस्राइल ने लेबनान में 1,000 से ज्यादा जगहों पर बमबारी की जिसमें 500 से ज्यादा लोग मारे गए। यह 1990 में खत्म हुए गृहयुद्ध के बाद से देश का सबसे घातक दिन साबित हुआ। हवाई हमले मंगलवार को भी जारी रहे। उधर पलटवार करते हुए हिजबुल्ला ने इस्राइल में 100 से ज्यादा मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन दागे हैं। 


इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच फिर तनाव बढ़ गया है। इस्राइल और हमास पहले से ही जंग लड़ रहे हैं। यह संघर्ष ऐसे समय हो रहा है जब विश्वभर के नेता न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। उन्हें यह आशंका है कि यह संघर्ष और अधिक बढ़ सकता है और इसमें हिजबुल्ला समर्थक ईरान जैसे देश भी शामिल हो सकते हैं।


आइये जानते हैं कि इस्राइल-हिजबुल्ला के बीच क्या हो रहा है? इस्राइल ने लेबनान में हमले क्यों किए? इस्राइल और हिजबुल्ला क्यों लड़ रहे हैं? हिजबुल्ला क्या है और इसका इतिहास क्या है? हिजबुल्ला का संगठन कितना मजबूत है? इसे मदद कहां से मिलती है?

इस्राइल-हिजबुल्ला के बीच क्या हो रहा है? 
लेबनान में मौजूद सशस्त्र गुट हिजबुल्ला इस्राइल और हमास के बीच जारी संघर्ष में हमास का साथ दे रहा है। लंबे समय से चल रहा यह संघर्ष खतरनाक मोड़ पर पहुंच रहा है। इस्राइल ने सोमवार को दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में 1,000 से ज्यादा जगहों पर बमबारी की। इस्राइली लड़ाकू विमानों ने देश में हिजबुल्ला के ठिकानों पर बमबारी की जिसमें 558 लोग मारे गए और 1,800 अन्य घायल हो गए। 

यह 2006 के बाद से लेबनान में हुए सबसे घातक हमला माना जा रहा है। सोमवार से शुरू हुए हवाई हमले मंगलवार को भी जारी रहे। इस बीच, इस्राइल सेना ने पुष्टि की है कि पिछले सप्ताह लेबनान की राजधानी बेरूत में इस्राइली हवाई हमले में समूह के दो सीनियर कमांडर इब्राहिम अकील कुबैसी और अहमद वहबी भी मारे गए थे। इस्राइल ने कहा कि कुबैसी हिजबुल्ला के मिसाइल और रॉकेट बल का नेतृत्व करता था।

लेबनान पिछले हफ्ते से ही इस्राइली हमलों का सामना कर रहा है जहां पहले पेजर और फिर वॉकी-टॉकी में हुए धमाकों में करीब 20 लोग मारे गए और 3500 जख्मी हुए थे। नए तरह के हमलों में हिजबुल्ला के कई सदस्य घायल हुए हैं। इसके बावजूद, हिजबुल्ला पीछे नहीं हटा है। सशस्त्र समूह ने रविवार से इस्राइल में 100 से ज्यादा मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन दागे, जिनमें से ज्यादातर को रोक दिया गया। इस्राइल में किसी की मौत या गंभीर चोट की सूचना नहीं मिली है।

इस्राइल और हिजबुल्ला का टकराव
इस्राइल और हिजबुल्ला का टकराव - फोटो : अमर उजाला
इस्राइल से युद्ध लड़ने वाला हिजबुल्ला क्या है?
हिजबुल्ला एक शिया मुस्लिम सशस्त्र समूह है जिसका गठन 1980 के दशक में लेबनान के लंबे गृहयुद्ध की अराजकता के दौरान हुआ था। कहा जाता है कि इसे ईरान की मदद से दक्षिणी लेबनान पर इस्राइल के कब्जे से लड़ने के लिए बनाया गया था। 

हिजबुल्ला लेबनान में एक शक्तिशाली राजनीतिक और लड़ाकू शक्ति के रूप में उभरा है। इसके साथ ही समूह ने सीरिया, इराक, यमन और पश्चिम एशिया में अन्य जगहों पर अपने गुट का विस्तार किया है। लेबनान में इसके पास अपने समूह को ताकतवर बनाने के लिए एक व्यापक बुनियादी ढांचा है। इसमें सामाजिक सेवाओं, संचार और आंतरिक सुरक्षा के लिए बनाए गए दफ्तर शामिल हैं।

2022 के चुनावों में लेबनान की संसद में हिजबुल्ला और उसके राजनीतिक सहयोगियों ने अपना बहुमत खो दिया। हालांकि, इसके बावजूद हिजबुल्ला लेबनान में शक्तिशाली बना हुआ है और यह देश के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण रखता है, जिसमें उत्तरी इस्राइल की सीमा पर मौजूद दक्षिणी लेबनान भी शामिल है।

हिज्बुल्ला-इस्राइल के बीच हमले तेज।
हिज्बुल्ला-इस्राइल के बीच हमले तेज। - फोटो : अमर उजाला/ANI
हिजबुल्ला और इस्राइल अभी क्यों लड़ रहे हैं?
हिजबुल्ला, हमास के समर्थन में लगभग एक साल से उत्तरी इस्राइल में हवाई हमले कर रहा है। हमास वह फलस्तीनी समूह है जिसने 7 अक्तूबर 2023 को इस्राइल में हमले किए थे, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और इसके बाद से ही गाजा में जंग छिड़ी हुई है।

हिजबुल्ला ने हमास का समर्थन करने के लिए 8 अक्तूबर को इस्राइल पर रॉकेट दागना शुरू कर दिया। तब से इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच गोलीबारी जारी है। इस संघर्ष के कारण दोनों देशों के 1,60,000 से अधिक निवासियों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।

हाल के हमलों ने 2006 के युद्ध की स्थिति तैयार कर दी है, जब इस्राइल और हिजबुल्ला ने 34 दिनों तक संघर्ष किया था। 2006 की जंग में 1,000 से अधिक लेबनानी और 150 इस्राइली मारे गए थे। इस सप्ताह हुए इस्राइली हमले 2006 के युद्ध के दौरान हुए हमलों से भी खतरनाक माने जा रहे हैं।

इस्राइली सेना को उम्मीद थी कि लगातार हमलों से हिजबुल्ला इस्राइल-लेबनान सीमा से और पीछे हटने को मजबूर हो जाएगा। फिलहाल, ऐसा होता नहीं दिख रहा है। हिजबुल्ला ने कहा है कि वह तब तक अपने हमले जारी रखेगा जब तक कि इस्राइल और हमास के बीच गाजा में युद्ध विराम पर सहमति नहीं बन जाती।

बेरूत में इस्राइल के हमले में
बेरूत में इस्राइल के हमले में - फोटो : अमर उजाला
हिजबुल्ला की मदद कौन करता है?
हिजबुल्ला का गठन ईरान के समर्थन से हुआ था और इसके ईरान के साथ वित्तीय और सैन्य संबंध भी हैं। हिजबुल्ला उस संगठन का हिस्सा है जिसे ईरान अपने 'विरोध की धुरी' कहता है। यह 'विरोध की धुरी' इस्राइल विरोधी ताकतों का एक नेटवर्क है जिसमें गाजा में हमास और यमन में हूती शामिल हैं।

सैन्य विश्लेषक हिजबुल्ला को ईरानी प्रॉक्सी समूहों में सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली मानते हैं और यह इस्राइल के लिए सबसे गंभीर सैन्य खतरा भी माना जाता है। माना जाता है कि ईरान ने हिजबुल्ला को ताकतवर मिसाइलें दी हैं जो कई इस्राइली शहरों पर हमला कर सकती हैं। 

हिजबुल्ला के सदस्य कौन हैं?
1992 से हिजबुल्ला का नेतृत्व मौलवी हसन नसरल्ला कर रहे हैं। खतरे के डर से नसरल्ला बमुश्किल ही सार्वजनिक रूप से सामने आते हैं। नसरल्ला ने हिजबुल्ला के सह-संस्थापक अब्बास अल-मुसावी की जगह ली, जब इस्राइल ने उन्हें मार दिया था।

अनुमान है कि इस समूह में 20,000 से 30,000 लड़ाके हैं। उनमें से हजारों सीरिया में युद्ध लड़ा है। हिजबुल्ला अपने लड़ाकों की पहचान गुप्त रखने के लिए हर संभव कोशिश करता है। पिछले सप्ताह बेरूत में इस्राइली हवाई हमले में समूह के दो वरिष्ठ कमांडर इब्राहिम अकील और अहमद वहबी मारे गए। अकील 1983 में दो बम विस्फोटों में उसकी भूमिका के लिए अमेरिका में वांटेड था। 1983 में बेरूत में अमेरिकी दूतावास और अमेरिकी मरीन कॉर्प्स बैरकों पर 350 से अधिक लोग मारे गए थे। वहीं वहबी 1997 में दक्षिणी लेबनान के अंसारिया शहर के पास इस्राइली नौसेना कमांडो पर हमले का सरगना था। हिजबुल्ला के लड़ाकों ने उस ऑपरेशन में लगभग एक दर्जन इस्राइली नौसैनिकों को मार डाला था।

हिजबुल्ला की सैन्य क्षमताएं क्या हैं?
2006 में हुए खतरनाक युद्ध के बाद हिजबुल्ला ने इस्राइल का मुकाबला करने के लिए इन वर्षों में अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाई है। ऐसा अनुमान है कि हिजबुल्ला के पास हजारों रॉकेट और कुछ उन्नत और सटीक मिसाइलें हैं। इस महीने की शुरुआत में इस्राइली सेना ने पड़ोसी सीरिया में हिजबुल्ला के मिसाइल उत्पादन केंद्र को तबाह कर दिया था। 
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