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Israel-Hamas: क्या गाजा पर जमीनी हमला करेगा इस्राइल, शिजैया ऑपरेशन पर क्यों लगे थे युद्ध अपराध के आरोप?
Mon, 16 Oct 2023 06:06 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Mon, 16 Oct 2023 06:06 PM IST
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हमास-इस्राइल
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
इस्राइल और हमास के बीच चल रहे युद्ध को 10 दिन हो चुके हैं। इसमें अब तक इस्राइल के 1400 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, इस्राइल के पलटवार में मौतों का आंकड़ा अब 2500 के करीब पहुंच चुका है। स्थिति और खराब होने की आशंका जाताई जा रही है। दरअसल, इस्राइली सेना जल्द ही गाजा पर समुद्र और जमीनी मार्ग से भी हमला करने की तैयारी में जुट गई है।ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस्राइल गाजा पर हमले की क्या तैयारी कर रहा है? इसने हमास को लेकर क्या कहा है? यदि इस्राइल गाजा में घुसकर हमला करता है तो इसके परिणाम क्या होंगे? क्या पहले कभी गाजा पर जमीनी हमला हुआ है? आइये समझते हैं...
इस्राइल की सैन्य शक्ति
- फोटो :
AMAR UJALA
क्या गाजा पर जमीनी हमले की तैयारी कर रहा इस्राइल?
रविवार को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में दौरान इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू ने कहा, 'हमास ने सोचा था कि इस्राइल टूट जाएगा। लेकिन हम हमास को ही तोड़ देंगे। हमने ठाना है कि हम हमास को पूरी तरह से तबाह कर देंगे।' नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल हमास के खिलाफ जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा।
इस्रायली सरकार ने सोमवार को गाजा की पूरी घेराबंदी करने की घोषणा की। इसके साथ ही गाजा में पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों की आपूर्ति पर रोक जारी है। इस्राइली सेना ने लोगों को उत्तरी गाजा पट्टी खाली करने को कहा था, दो सुरक्षित गलियारे भी दिए थे। लेफ्टिनेंट कर्नल पीटर लर्नर ने जानकारी दी कि सेना उत्तरी गाजा में रहने वाले लोगों को दक्षिण की तरफ भेजने का प्रयास कर रही है।
रविवार को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में दौरान इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू ने कहा, 'हमास ने सोचा था कि इस्राइल टूट जाएगा। लेकिन हम हमास को ही तोड़ देंगे। हमने ठाना है कि हम हमास को पूरी तरह से तबाह कर देंगे।' नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल हमास के खिलाफ जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा।
इस्रायली सरकार ने सोमवार को गाजा की पूरी घेराबंदी करने की घोषणा की। इसके साथ ही गाजा में पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों की आपूर्ति पर रोक जारी है। इस्राइली सेना ने लोगों को उत्तरी गाजा पट्टी खाली करने को कहा था, दो सुरक्षित गलियारे भी दिए थे। लेफ्टिनेंट कर्नल पीटर लर्नर ने जानकारी दी कि सेना उत्तरी गाजा में रहने वाले लोगों को दक्षिण की तरफ भेजने का प्रयास कर रही है।
इस्राइल और हमास का युद्ध
- फोटो :
social media
हमास के कई कमांडर ढेर, अब मुखिया निशाने पर
इस बीच, हवाई हमलों के जरिए इस्राइली सेना हमास के कमांडरों को ढेर करने में जुट गई है। इन हमलों में हमास की नौसैनिक कमांडो इकाई नुखबा का कमांडर बिलाल अल-केदरा, हमास की वायुसेना का मुखिया अबू मुदाद और कमांडो फोर्स का मुखिया अली कादी मारे जा चुके हैं।
इस्राइली रक्षा बलों (आईडीएफ) के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता ले. कर्नल रिसर्च हेच ने कहा कि अब सिनवर की बारी है। वह इस्राइल में सात अक्तूबर के पश्चिमी नेगेव नरसंहार का जिम्मेदार है। हेच ने कहा कि याह्या सिनवर ही इस नरसंहार का मास्टरमाइंड है, बहुत कुछ ओसामा बिन लादेन की तरह। फलस्तीन में भी उसका काम लोगों की हत्याएं करना था। जिन फलस्तीनियों को वह इस्राइल का सहयोगी मानता, उन्हें मार देता था। इसी से उसे खान यूनुस का कसाई नाम मिला। हम इस आदमी और उसके दल को खत्म करके ही दम लेंगे। इसके लिए अभियान लंबा भी चल सकता है।
हिजबुल्ला भी निशाने पर
इस्राइल की उत्तरी सीमा पर लेबनान की ओर से हिजबुल्ला इस्राइल पर छोटे हमले कर रहा है। हेच ने कहा कि सेना धीरे-धीरे दक्षिणी गाजा पट्टी में पहुंचेगी। हर लक्ष्य को गिराने से पहले गहन खुफिया जानकारियों का विश्लेषण किया जाएगा। इस समय हमास की नुहबा यूनिट खत्म की जा रही है, इस यूनिट के आतंकी हमलों में सबसे आगे थे।
इस बीच, हवाई हमलों के जरिए इस्राइली सेना हमास के कमांडरों को ढेर करने में जुट गई है। इन हमलों में हमास की नौसैनिक कमांडो इकाई नुखबा का कमांडर बिलाल अल-केदरा, हमास की वायुसेना का मुखिया अबू मुदाद और कमांडो फोर्स का मुखिया अली कादी मारे जा चुके हैं।
इस्राइली रक्षा बलों (आईडीएफ) के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता ले. कर्नल रिसर्च हेच ने कहा कि अब सिनवर की बारी है। वह इस्राइल में सात अक्तूबर के पश्चिमी नेगेव नरसंहार का जिम्मेदार है। हेच ने कहा कि याह्या सिनवर ही इस नरसंहार का मास्टरमाइंड है, बहुत कुछ ओसामा बिन लादेन की तरह। फलस्तीन में भी उसका काम लोगों की हत्याएं करना था। जिन फलस्तीनियों को वह इस्राइल का सहयोगी मानता, उन्हें मार देता था। इसी से उसे खान यूनुस का कसाई नाम मिला। हम इस आदमी और उसके दल को खत्म करके ही दम लेंगे। इसके लिए अभियान लंबा भी चल सकता है।
हिजबुल्ला भी निशाने पर
इस्राइल की उत्तरी सीमा पर लेबनान की ओर से हिजबुल्ला इस्राइल पर छोटे हमले कर रहा है। हेच ने कहा कि सेना धीरे-धीरे दक्षिणी गाजा पट्टी में पहुंचेगी। हर लक्ष्य को गिराने से पहले गहन खुफिया जानकारियों का विश्लेषण किया जाएगा। इस समय हमास की नुहबा यूनिट खत्म की जा रही है, इस यूनिट के आतंकी हमलों में सबसे आगे थे।
गाजा पट्टी की सीमा पर दो तरफ से इस्राइल तो एक ओर मिस्र की निगरानी।
- फोटो :
Amar Ujala
अभी गाजा की स्थिति क्या है, जमीनी हमला हुआ तो क्या होगा?
रेड क्रॉस ने आशंका जताई है कि दुनिया के सबसे छोटे क्षेत्रों में शामिल गाजा पट्टी का इलाका श्मशान में बदल सकता है। दरअसल, गाजा पट्टी का कुल क्षेत्रफल महज 365 वर्ग किमी है। इसकी लंबाई महज 41 किलोमीटर और अधिकतम चौड़ाई 12 किलोमीटर है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 365 वर्ग किलोमीटर के इस छोटे से इलाके में कम से कम 23 लाख लोग रहते हैं। यह दुनिया का 63वां सबसे घनी आबादी वाला शहरी क्षेत्र है।
यूनीसेफ के आंकड़े कहते हैं कि गाजा पट्टी में लगभग 10 लाख बच्चे रहते हैं। जिसका अर्थ है कि गाजा पर जमीनी हमला हुआ तो यहां रहने वाले बच्चे मानवीय संकट का शिकार बन जाएंगे। सीआईए के अनुसार, लगभग 40 प्रतिशत आबादी 15 वर्ष से कम आयु की है। संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी के मुताबिक यहां की कुल आबादी में 14 लाख से ज्यादा फलस्तीनी शरणार्थी हैं। कोई भी हमला इन शरणार्थियों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित करेगा।
विश्व बैंक के आंकड़ों कहते हैं कि गाजा पट्टी की बेरोजगारी दर दुनिया में सबसे अधिक है। यहां की 80 फीसदी आबादी बुनियादी जरूरत के लिए भी अंतर्राष्ट्रीय सहायता पर निर्भर है। हालिया संघर्ष शुरू होने से यहां बाहरी सहायता भी प्रभावित हो रही है और आशंका जताई जा रही है कि स्थिति और भी खराब हो सकती है।
रेड क्रॉस ने आशंका जताई है कि दुनिया के सबसे छोटे क्षेत्रों में शामिल गाजा पट्टी का इलाका श्मशान में बदल सकता है। दरअसल, गाजा पट्टी का कुल क्षेत्रफल महज 365 वर्ग किमी है। इसकी लंबाई महज 41 किलोमीटर और अधिकतम चौड़ाई 12 किलोमीटर है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 365 वर्ग किलोमीटर के इस छोटे से इलाके में कम से कम 23 लाख लोग रहते हैं। यह दुनिया का 63वां सबसे घनी आबादी वाला शहरी क्षेत्र है।
यूनीसेफ के आंकड़े कहते हैं कि गाजा पट्टी में लगभग 10 लाख बच्चे रहते हैं। जिसका अर्थ है कि गाजा पर जमीनी हमला हुआ तो यहां रहने वाले बच्चे मानवीय संकट का शिकार बन जाएंगे। सीआईए के अनुसार, लगभग 40 प्रतिशत आबादी 15 वर्ष से कम आयु की है। संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी के मुताबिक यहां की कुल आबादी में 14 लाख से ज्यादा फलस्तीनी शरणार्थी हैं। कोई भी हमला इन शरणार्थियों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित करेगा।
विश्व बैंक के आंकड़ों कहते हैं कि गाजा पट्टी की बेरोजगारी दर दुनिया में सबसे अधिक है। यहां की 80 फीसदी आबादी बुनियादी जरूरत के लिए भी अंतर्राष्ट्रीय सहायता पर निर्भर है। हालिया संघर्ष शुरू होने से यहां बाहरी सहायता भी प्रभावित हो रही है और आशंका जताई जा रही है कि स्थिति और भी खराब हो सकती है।
इस्राइल-फलस्तीन संघर्ष
- फोटो :
AMAR UJALA
क्या पहले कभी गाजा पर जमीनी हमला हुआ है?
2014 में हमास ने तीन इस्राइली युवाओं को अगवा कर हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों ओर से हमलों में कई फलस्तीनी और इस्राइली नागरिक मारे गए थे। तब इस्राइल ने गाजा के शिजैया में एक जमीनी सैन्य अभियान चलाया था।
हमलों के बाद संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ठोस संकेत मिले कि शिजैया ऑपरेशन में अंधाधुंध गोलीबारी शामिल थी जो युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकती है। फिलहाल अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय इस लड़ाई के दौरान दोनों पक्षों द्वारा किए गए किसी भी युद्ध अपराधों की जांच कर रहा है।
2014 में हमास ने तीन इस्राइली युवाओं को अगवा कर हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों ओर से हमलों में कई फलस्तीनी और इस्राइली नागरिक मारे गए थे। तब इस्राइल ने गाजा के शिजैया में एक जमीनी सैन्य अभियान चलाया था।
हमलों के बाद संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ठोस संकेत मिले कि शिजैया ऑपरेशन में अंधाधुंध गोलीबारी शामिल थी जो युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकती है। फिलहाल अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय इस लड़ाई के दौरान दोनों पक्षों द्वारा किए गए किसी भी युद्ध अपराधों की जांच कर रहा है।