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Israel Hamas War: गाजा में हुईं सबसे ज्यादा मौतें, जानिए पहले इंतिफादा से अब तक कितना रहा मौतों का आंकड़ा

Sun, 22 Oct 2023 09:39 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 22 Oct 2023 09:39 AM IST
सार

साल 1987 में फलस्तीन ने पहला विद्रोह किया, जिसे इंतिफादा के नाम जाना जाता है। यह इंतिफादा 1987 से 1992 तक चला और इस दौरान 1500 फलस्तीनी मारे गए थे। 

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इस्राइल फलस्तीन में मौतों का आंकड़ा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस्राइल द्वारा गाजा पट्टी पर लगातार बमबारी की जा रही है और अब इस्राइल जमीनी हमले की तैयारी कर रहा है। यह पहली बार नहीं है कि इस्राइल, गाजा पट्टी में जमीनी हमला करने जा रहा है, लेकिन इस बार डर है कि बड़े पैमाने पर हिंसा हो सकती है। अभी तक इस्राइल की बमबारी में गाजा पट्टी में 4137 लोगों की मौत हो चुकी है। बीते दिनों गाजा के अल-अहली अस्पताल हुए हमले में ही 500 के करीब लोगों की मौत हो गई थी। ताजा लड़ाई में हुई मौतों की संख्या दूसरे इंतिफादा में मारे गए लोगों की संख्या को भी पार कर गई है। दूसरे इंतिफादा में 3000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। 
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पहले इंतिफादा में हुई थी 1500 फलस्तीनियों की मौत
बता दें कि इस्राइल हमास के बीच लड़ाई बीती 7 अक्तूबर को शुरू हुई थी, जब हमास के आतंकियों ने इस्राइल की सीमा में घुसकर निर्दोष लोगों को निशाना बनाया। हमास के हमले में 1400 इस्राइली नागरिकों की मौत हुई है। इसी के जवाब में इस्राइल गाजा पट्टी, वेस्ट बैंक और सीरिया में बम बरसा रहा है। इस्राइल और फलस्तीन के बीच हिंसा का लंबा इतिहास है। इस्राइल के बनने के बाद से ही पश्चिम एशिया में हिंसा शुरू हो गई थी। हालांकि साल 1987 में फलस्तीन ने पहला विद्रोह किया, जिसे इंतिफादा के नाम जाना जाता है। यह इंतिफादा 1987 से 1992 तक चला और इस दौरान 1500 फलस्तीनी मारे गए थे। वहीं चार सौ इस्राइली नागरिकों की मौत हुई। 
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2021 में भी बड़े पैमाने पर हुई थी हिंसा
इसके बाद साल 2000 में दूसरे इंतिफादा की शुरुआत हुई, जो साल 2005 तक चला। इस दौरान 3000 फलस्तीनी मारे गए और इस्राइल की तरफ 1000 लोग मारे गए। ताजा हिंसा में मारे गए लोगों का आंकड़ा सबसे ज्यादा हो गया है, जिसमें अभी तक ही गाजा पट्टी में चार हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और हजारों घायल हैं। साल 2014 में जब इस्राइल और फलस्तीन के बीच हिंसा हुई थी तो उस वक्त भी 2251 फलस्तीनी नागरिक मारे गए थे, वहीं इस्राइल की तरफ 73 जानें गईं थी। साल 2021 में जब अल-अक्सा मस्जिद को लेकर विवाद हुआ, उस वक्त भी फलस्तीन के 261 लोग मारे गए थे और इस्राइल में 12 लोगों की मौत हुई थी। 
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साल 2008-09 में भी दोनों पक्षों में हिंसा हुई थी, जिसमें फलस्तीन के 1385 लोग मारे गए थे, जबकि इस्राइल में 9 लोगों की जान गई थी। गाजा पट्टी को दुनिया की सबसे बड़ी खुली जेल भी कहा जाता है। इस बार इस्राइल ने गाजा में बिजली-पानी की सप्लाई भी रोक दी है, जिससे गाजा पट्टी में हालात बेहद अमानवीय हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस्राइल के इस कदम की आलोचना की है। जारी हिंसा में वेस्ट बैंक में भी 78 फलस्तीनी नागरिकों की जान गई है। 


 
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