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इस्राइल का कबूलनामा: 7 अक्तूबर को हुए हमले की पहली जांच पर रिपोर्ट में कई खुलासे, सेना ने माना हुई बड़ी चूक
Fri, 12 Jul 2024 06:52 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Fri, 12 Jul 2024 06:52 PM IST
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सार
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इस्राइल-हमास युद्ध
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
इस्राइल और हमास के बीच 7 अक्तूबर, 2023 को शुरू हुआ युद्ध अभी भी जारी है। पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी गाजा में इस्राइल की कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं। पिछले 48 घंटों में इस्राइली सेना ने रात के समय भारी बमबारी की है। वायु सेना ने गाजा पट्टी के मध्य भाग में नुसेरात और खान यूनिस के पूर्वी भाग में लगातार हमले किए। इस कार्रवाई में 32 लोगों के मारे जाने की खबर है। उधर इस्राइली सेना का कहना है कि उसने लेबनान से दागे गए एक रॉकेट को रोका है, जो उत्तरी उत्तरी इस्राइल में एक खुले क्षेत्र में गिरा। युद्ध की शुरुआत से ही हिजबुल्ला और इस्राइल के बीच गोलीबारी लगभग रोज की घटना बन गई है।इस संघर्ष के बीच, इस्राइली सेना ने 7 अक्तूबर हमले की पहली जांच पर रिपोर्ट जारी की है। अपनी इस रिपोर्ट में इस्राइल ने माना है कि हमला इस्राइली सेना की विफलताओं के चलते हुआ, जिसके कारण इस्राइल के दक्षिणी किबुत्ज बेरी में 100 से ज्यादा नागरिकों की हत्या हुई और हमास ने 31 लोगों को बंधक लिया।
आइये जानते हैं कि 7 अक्तूबर, 2023 को आखिर इस्राइल में क्या घटा था? हमले के बारे में कौन सी रिपोर्ट आई है? रिपोर्ट में इस्राइल की किन गलतियों को उजागर किया है?
इस्राइल-हमास युद्ध
- फोटो :
AMAR UJALA
पहले जानते हैं 7 अक्तूबर, 2023 को आखिर इस्राइल में क्या घटा था?
हमास ने 7 अक्तूबर 2023 को इस्राइल की अभेद्य मानी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए इसके इलाकों में हमला किया था। इस हमले में करीब 1200 इस्राइलियों की जानें गई थीं और 5000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस दौरान हमास लड़ाके 240 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले गए थे। इन बंधकों में से कई लोगों को छुड़ा लिया गया है हालांकि, दर्जनों लोग अभी भी गाजा में बंधक हैं। वहीं इस्राइल के जवाबी हमलों में 38,000 से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। गाजा के 24 लाख लोगों में से 20 लाख से ज्यादा को अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं, उनमें आधे बच्चे शामिल हैं।
7 अक्तूबर, 2023 के हमले के बाद इस्राइल ने हमास को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया था। इसके लिए इस्राइली सेना ने गाजा में हवाई और जमीनी हमले किए। इस तरह से हमास और इस्राइल के बीच बीते नौ महीने से खूनी जंग जारी है। हालांकि, कई देशों के प्रयास से दोनों पक्षों में युद्धविराम को लेकर बात भी हुई है, लेकिन अभी तक अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
हमास ने 7 अक्तूबर 2023 को इस्राइल की अभेद्य मानी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए इसके इलाकों में हमला किया था। इस हमले में करीब 1200 इस्राइलियों की जानें गई थीं और 5000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस दौरान हमास लड़ाके 240 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले गए थे। इन बंधकों में से कई लोगों को छुड़ा लिया गया है हालांकि, दर्जनों लोग अभी भी गाजा में बंधक हैं। वहीं इस्राइल के जवाबी हमलों में 38,000 से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। गाजा के 24 लाख लोगों में से 20 लाख से ज्यादा को अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं, उनमें आधे बच्चे शामिल हैं।
7 अक्तूबर, 2023 के हमले के बाद इस्राइल ने हमास को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया था। इसके लिए इस्राइली सेना ने गाजा में हवाई और जमीनी हमले किए। इस तरह से हमास और इस्राइल के बीच बीते नौ महीने से खूनी जंग जारी है। हालांकि, कई देशों के प्रयास से दोनों पक्षों में युद्धविराम को लेकर बात भी हुई है, लेकिन अभी तक अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
ईरान पर इस्राइल पर हमला किया
- फोटो :
पीटीआई
हमले के बारे में अब कौन सी रिपोर्ट आई है?
इस्राइली सेना ने गुरुवार को 7 अक्तूबर, 2023 के घातक हमास हमले के दौरान हुई सुरक्षा चूक की पहली जांच रिपोर्ट जारी कर दी। प्रकाशित किए निष्कर्ष में सेना ने स्वीकार किया कि वह बेरी में नागरिकों की सुरक्षा नहीं कर सकी थी। हमास के हमले में बेरी सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में से एक था। लगभग 1,000 लोगों की आबादी वाले बेरी पर हुए हमले में 100 से अधिक लोग मारे गए और 31 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया। किबुत्ज बेरी के 31 बंधकों में से 11 अभी भी हमास के कब्जे में हैं। बता दें कि किबुत्ज इस्राइल में एक प्रकार का संगठित ग्रामीण समुदाय है जिसमें सैकड़ों लोग एक साथ रहकर खेती-किसानी का काम करते हैं।
सेना ने कहा कि जांच में दिन भर की घटनाओं, लड़ाई और सुरक्षा बलों के बर्ताव की जांच की गई। किबुत्ज नागरिकों की सुरक्षा में अपनी चूक को स्वीकार करते हुए इस्राइली सेना ने बेरी निवासियों की बहादुरी की सराहना की।
इस्राइली सेना ने गुरुवार को 7 अक्तूबर, 2023 के घातक हमास हमले के दौरान हुई सुरक्षा चूक की पहली जांच रिपोर्ट जारी कर दी। प्रकाशित किए निष्कर्ष में सेना ने स्वीकार किया कि वह बेरी में नागरिकों की सुरक्षा नहीं कर सकी थी। हमास के हमले में बेरी सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में से एक था। लगभग 1,000 लोगों की आबादी वाले बेरी पर हुए हमले में 100 से अधिक लोग मारे गए और 31 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया। किबुत्ज बेरी के 31 बंधकों में से 11 अभी भी हमास के कब्जे में हैं। बता दें कि किबुत्ज इस्राइल में एक प्रकार का संगठित ग्रामीण समुदाय है जिसमें सैकड़ों लोग एक साथ रहकर खेती-किसानी का काम करते हैं।
सेना ने कहा कि जांच में दिन भर की घटनाओं, लड़ाई और सुरक्षा बलों के बर्ताव की जांच की गई। किबुत्ज नागरिकों की सुरक्षा में अपनी चूक को स्वीकार करते हुए इस्राइली सेना ने बेरी निवासियों की बहादुरी की सराहना की।
इस्राइल हिजबुल्लाह के बीच बढ़ा तनाव (फाइल फोटो)
- फोटो :
PTI
इस्राइली सेना से क्या चूक हुई?
जांच में पाया गया कि की सेना इस्राइल में हमलावरों की बड़े पैमाने पर घुसपैठ की स्थिति के लिए तैयार नहीं थी। बेरी क्षेत्र में में पर्याप्त सुरक्षा बल भी नहीं था जिसे किबुत्ज भेजा जा सके। स्थानीय सुरक्षा दल ने सुबह से ही सूचना उपलब्ध करा दी थी लेकिन इसके बावजूद सेना दोपहर तक इलाके में घटित हो रही घटनाओं पर जानकारी नहीं दे सकी। सुरक्षा अधिकारियों ने सुबह के समय हमले के बारे में पर्याप्त चेतावनी नहीं दी थी। इसके अलावा, समन्वय की कमी के कारण बड़ी संख्या में सैनिक लड़ने के लिए क्षेत्र में जाने के बजाय किबुत्ज बेरी के बाहर इकट्ठे हो गए।
इस जांच में उस घर पर टैंक से गोलीबारी में कोई दोष नहीं मिलने का दावा किया गया है, जहां हमास ने लगभग 15 लोगों को बंधक बना रखा था। इस घटना की इस्राइल में यह कहकर आलोचना की गई थी कि इससे नागरिकों को खतरा पैदा हुआ। सेना ने रिपोर्ट में कहा, 'जब घर से गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं और हमलावरों ने खुद को और बंधकों को मारने की मंशा जाहिर की, तो सुरक्षा बलों ने बंधकों को बचाने के लिए घर पर धावा बोलने का निर्णय लिया।'
रिपोर्ट में आगे कहा गया, 'टीम ने पाया कि घर के अंदर मौजूद नागरिकों को टैंक के गोलों से कोई नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि, यह पता लगाने के लिए आगे की जांच की आवश्यकता है कि घर के अंदर मौजूद बंधकों की मौत कैसे हुई, क्योंकि संकेत इस ओर इशारा कर रहे हैं कि उन्हें बंदूकधारियों ने मारा है।'
जांच में पाया गया कि की सेना इस्राइल में हमलावरों की बड़े पैमाने पर घुसपैठ की स्थिति के लिए तैयार नहीं थी। बेरी क्षेत्र में में पर्याप्त सुरक्षा बल भी नहीं था जिसे किबुत्ज भेजा जा सके। स्थानीय सुरक्षा दल ने सुबह से ही सूचना उपलब्ध करा दी थी लेकिन इसके बावजूद सेना दोपहर तक इलाके में घटित हो रही घटनाओं पर जानकारी नहीं दे सकी। सुरक्षा अधिकारियों ने सुबह के समय हमले के बारे में पर्याप्त चेतावनी नहीं दी थी। इसके अलावा, समन्वय की कमी के कारण बड़ी संख्या में सैनिक लड़ने के लिए क्षेत्र में जाने के बजाय किबुत्ज बेरी के बाहर इकट्ठे हो गए।
इस जांच में उस घर पर टैंक से गोलीबारी में कोई दोष नहीं मिलने का दावा किया गया है, जहां हमास ने लगभग 15 लोगों को बंधक बना रखा था। इस घटना की इस्राइल में यह कहकर आलोचना की गई थी कि इससे नागरिकों को खतरा पैदा हुआ। सेना ने रिपोर्ट में कहा, 'जब घर से गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं और हमलावरों ने खुद को और बंधकों को मारने की मंशा जाहिर की, तो सुरक्षा बलों ने बंधकों को बचाने के लिए घर पर धावा बोलने का निर्णय लिया।'
रिपोर्ट में आगे कहा गया, 'टीम ने पाया कि घर के अंदर मौजूद नागरिकों को टैंक के गोलों से कोई नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि, यह पता लगाने के लिए आगे की जांच की आवश्यकता है कि घर के अंदर मौजूद बंधकों की मौत कैसे हुई, क्योंकि संकेत इस ओर इशारा कर रहे हैं कि उन्हें बंदूकधारियों ने मारा है।'