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Gaza Ceasefire: इस्राइल ने नए युद्धविराम प्रस्ताव को दी मंजूरी, हमास ने कहा- समझौते के लिए हमले रोकना जरूरी
Thu, 29 May 2025 10:42 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव।
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 29 May 2025 10:42 PM IST
सार
रिपोर्ट के अनुसार, इस नए समझौते में 10 जीवित इस्राइली बंधकों की चरणबद्ध रिहाई और 18 मृत बंदियों के शवों की वापसी शामिल है। इसके बदले में, इस्राइल 1000 से अधिक फलस्तीनी बंदियों को रिहा करेगा, जिनमें दोषी ठहराए गए आतंकवादी और अक्तूबर 2023 में युद्ध शुरू होने के बाद से बंद कैदी शामिल हैं।
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बेंजामिन नेतन्याहू, इस्राइली पीएम
- फोटो : ANI
विस्तार
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा है कि गाजा पट्टी में युद्ध विराम को लेकर अमेरिका के एक नए प्रस्ताव को इस्राइल ने स्वीकार कर लिया है। यह प्रस्ताव अमेरिका के मध्य-पूर्व मामलों के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की तरफ से पेश किया गया है। यह जानकारी इस्राइली मीडिया के हवाले से सामने आई है। इस प्रस्ताव को लेकर नेतन्याहू ने गाजा में बंधक बनाए गए इस्राइली नागरिकों के परिवारों को सूचित किया कि सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है। दूसरी ओर, फलस्तीनी संगठन हमास ने कहा है कि उन्हें यह प्रस्ताव मिला है और वे इस पर विचार कर रहे हैं।
बता दें कि, पिछले कई महीनों से गाजा में इस्राइल और हमास के बीच भीषण संघर्ष जारी है। इस संघर्ष में हजारों लोगों की जानें जा चुकी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा, सैकड़ों इस्राइली नागरिकों को हमास ने बंधक बना लिया था, जो अब भी गाजा में मौजूद हैं। इस्राइल की जनता, विशेषकर बंधकों के परिवार, लंबे समय से सरकार पर दबाव बना रहे थे कि किसी भी तरह बंधकों को सुरक्षित वापस लाया जाए, भले ही इसके लिए संघर्षविराम की जरूरत पड़े।
यह भी पढ़ें - Israel: वेस्ट बैंक में यहूदी कॉलोनियां बसा रहा इस्राइल, गाजा के 70 प्रतिशत हिस्से पर भी कब्जा
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प्रस्ताव में क्या हो सकता है शामिल?
हालांकि अब तक प्रस्ताव की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इसमें कुछ शर्तें शामिल हो सकती हैं।
इस्राइली पीएम नेतन्याहू ने क्या कहा?
स्थानीय मीडिया के अनुसार, पीएम बेंजमिन नेतन्याहू ने बंधकों के परिवारों से मुलाकात के दौरान कहा, 'हमने अमेरिका के नए प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। हमारा लक्ष्य है कि हर बंधक को सुरक्षित घर वापस लाया जाए। हम इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस्राइल हमास को कमजोर करने की नीति से पीछे नहीं हटेगा, लेकिन यदि बंधकों की वापसी का रास्ता खुलता है तो सरकार विचारशील कदम उठाने को तैयार है।
हमास ने क्या दी प्रतिक्रिया?
वहीं इस पर हमास ने बयान जारी कर कहा है कि उन्हें यह प्रस्ताव मिला है और वे इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हमास के प्रवक्ता ने कहा, 'हमें कतर, मिस्र और अमेरिका की ओर से नया प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। हम अपनी वरिष्ठ नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं और जल्द ही जवाब देंगे।' हमास ने यह भी कहा कि किसी भी समझौते के लिए यह जरूरी है कि गाजा में इस्राइली हमले रुके और फलस्तीनी नागरिकों को राहत मिले।
कौन है स्टीव विटकॉफ?
स्टीव विटकॉफ अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाते हैं और उन्हें ट्रंप प्रशासन में मध्य-पूर्व मामलों का विशेष दूत नियुक्त किया गया था। उनका यह प्रस्ताव इस्राइल और हमास के बीच स्थायी या अस्थायी संघर्षविराम कराने की एक नई कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इस पूरे संकट में कतर, मिस्र और अमेरिका ने बार-बार मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। इन तीनों देशों ने पहले भी संघर्षविराम, बंधकों की अदला-बदली और मानवीय सहायता पर बातचीत करवाई है। इस बार अमेरिका की पहल को अधिक गंभीर और निर्णायक माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें - UN Security Council: 'भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट का हकदार', पनामा ने खुलकर किया समर्थन
मध्य गाजा में इस्राइली हमले में 22 की मौत
वहीं ताजा घटनाक्रम में मध्य गाजा में एक घर पर इस्राइली हमले में नौ महिलाओं और बच्चों समेत 22 लोग मारे गए हैं। मामले में अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि मध्य गाजा में शहर डेर अल-बलाह में अल-अक्सा शहीद अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, मध्य गाजा में एक शहरी शरणार्थी शिविर बुरेज में एक परिवार के घर पर हमला किया गया। फिलहाल, इस्राइली सेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई।
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बता दें कि, पिछले कई महीनों से गाजा में इस्राइल और हमास के बीच भीषण संघर्ष जारी है। इस संघर्ष में हजारों लोगों की जानें जा चुकी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा, सैकड़ों इस्राइली नागरिकों को हमास ने बंधक बना लिया था, जो अब भी गाजा में मौजूद हैं। इस्राइल की जनता, विशेषकर बंधकों के परिवार, लंबे समय से सरकार पर दबाव बना रहे थे कि किसी भी तरह बंधकों को सुरक्षित वापस लाया जाए, भले ही इसके लिए संघर्षविराम की जरूरत पड़े।
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प्रस्ताव में क्या हो सकता है शामिल?
हालांकि अब तक प्रस्ताव की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इसमें कुछ शर्तें शामिल हो सकती हैं।
- सीमित अवधि का युद्धविराम – ताकि मानवीय राहत पहुंचाई जा सके।
- गाजा से बंधकों की रिहाई – खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की।
- हमास के ठिकानों पर हमलों को रोकना – ताकि बातचीत आगे बढ़ सके।
- गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाना – जिसमें दवाइयां, भोजन और पानी शामिल हैं।
- भविष्य में स्थायी समाधान के लिए बातचीत की योजना।
इस्राइली पीएम नेतन्याहू ने क्या कहा?
स्थानीय मीडिया के अनुसार, पीएम बेंजमिन नेतन्याहू ने बंधकों के परिवारों से मुलाकात के दौरान कहा, 'हमने अमेरिका के नए प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। हमारा लक्ष्य है कि हर बंधक को सुरक्षित घर वापस लाया जाए। हम इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस्राइल हमास को कमजोर करने की नीति से पीछे नहीं हटेगा, लेकिन यदि बंधकों की वापसी का रास्ता खुलता है तो सरकार विचारशील कदम उठाने को तैयार है।
हमास ने क्या दी प्रतिक्रिया?
वहीं इस पर हमास ने बयान जारी कर कहा है कि उन्हें यह प्रस्ताव मिला है और वे इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हमास के प्रवक्ता ने कहा, 'हमें कतर, मिस्र और अमेरिका की ओर से नया प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। हम अपनी वरिष्ठ नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं और जल्द ही जवाब देंगे।' हमास ने यह भी कहा कि किसी भी समझौते के लिए यह जरूरी है कि गाजा में इस्राइली हमले रुके और फलस्तीनी नागरिकों को राहत मिले।
कौन है स्टीव विटकॉफ?
स्टीव विटकॉफ अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाते हैं और उन्हें ट्रंप प्रशासन में मध्य-पूर्व मामलों का विशेष दूत नियुक्त किया गया था। उनका यह प्रस्ताव इस्राइल और हमास के बीच स्थायी या अस्थायी संघर्षविराम कराने की एक नई कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इस पूरे संकट में कतर, मिस्र और अमेरिका ने बार-बार मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। इन तीनों देशों ने पहले भी संघर्षविराम, बंधकों की अदला-बदली और मानवीय सहायता पर बातचीत करवाई है। इस बार अमेरिका की पहल को अधिक गंभीर और निर्णायक माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें - UN Security Council: 'भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट का हकदार', पनामा ने खुलकर किया समर्थन
मध्य गाजा में इस्राइली हमले में 22 की मौत
वहीं ताजा घटनाक्रम में मध्य गाजा में एक घर पर इस्राइली हमले में नौ महिलाओं और बच्चों समेत 22 लोग मारे गए हैं। मामले में अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि मध्य गाजा में शहर डेर अल-बलाह में अल-अक्सा शहीद अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, मध्य गाजा में एक शहरी शरणार्थी शिविर बुरेज में एक परिवार के घर पर हमला किया गया। फिलहाल, इस्राइली सेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई।
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