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Afghanistan: इस्लामिक स्टेट का दावा- अफगानिस्तान में किया आत्मघाती हमला; छह की मौत, भीड़ में किया विस्फोट
Wed, 04 Sep 2024 02:30 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Wed, 04 Sep 2024 02:30 AM IST
सार
सोमवार को अफगानिस्तान में हुए विस्फोट की जिम्मदारी इस्लामिक स्टेट समूह ने ली है। मंगलवार को बयान जारी करते हुए आतंकी समूह ने कहा कि आत्मघाती हमले में छह लोग मारे गए हैं।
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अफगानिस्तान में आतंकी हमला (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
इस्लामिक स्टेट समूह ने मंगलवार को बताया कि उसने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में आत्मघाती हमला किया है, जिसमें छह लोग मारे गए।
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इस्लामिक स्टेट ने बताया कि उसने तालिबान सरकार की अभियोनज सेवा को भी निशाना बनाया था। काबुल शहर की पुलिस के मुताबिक सोमवार को हुए विस्फोट में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई जबकि 13 अन्य लोग घायल हो गए।
टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर जारी किया बयान
आईएस समूह की अमाक मीडिया विंग ने टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर बयान जारी करते हुए कहा, ‘आत्मघाती हमलावर ने अभियोजन के कर्मचारियों की शिफ्ट छूटने का इंतजार किया और जब कर्मचारी शिफ्ट छोड़कर बाहर आए तो विस्फोट कर दिया।’
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हालांकि आईएस ने मृतकों और घायलों की संयुक्त संख्या 45 से अधिक बताई है और कहा कि यह हमला तालिबान जेलों में बंद मुसलमानों का बदला लेने के लिए किया गया है। तीन साल पहले अमेरिकी नेतृत्व वाली विदेशी सेनाओं की वापसी के बाद सत्ता में आने पर अफगानिस्तान के तालिबान अधिकारियों ने सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया है।
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विश्लेषकों के मुताबिक व्यापक सुरक्षा अभियानों से आतंकवादियों में कमी आई है, लेकिन क्षेत्रीय आईएस जिसे इस्लामिक स्टेट खुरासान (आईएस-के) के नाम से जाना जाता है, वह अभी भी खतरा बना हुआ है।
तालिबान के राज में भी होते रहते हैं आतंकी हमले
आईएस-के समूह तालिबान सरकार के मंत्रालयों, विदेशी दूतावासों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को भी निशाना बना चुका है। अफगानिस्तान में आईएस-के द्वारा दावा किया गया पिछला आत्मघाती हमला मार्च में दक्षिणी शहर कंधार में हुआ था। तालिबान अधिकारियों ने कहा कि उस हमले में केवल तीन लोग मारे गए थे, जबकि अस्पताल के एक सूत्र ने मरने वालों की संख्या 20 बताई थी।
तालिबान के राज में भी अफगानिस्तान में कई छोटे आतंकी संगठन एक्टिव हैं, जो समय-समय पर इस तरह के हमलों को अंजाम देते हैं।