Ishaq Dar: वित्त मंत्रालय नहीं तो उप-प्रधानमंत्री बनाकर की भरपाई, नवाज के खास को शहबाज सरकार ने ऐसे किया खुश
नवाज शरीफ और डार की नजदीकी का कारण सिर्फ राजनीतिक ही नहीं बल्कि पारिवारिक भी है। दरअसल, डार का बड़ा बेटा शरीफ का दमाद है।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने विदेश मंत्री इशाक डार को पाकिस्तान का उप प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो यह पहले से ही तय था कि उन्हें उप प्रधानमंत्री बनाया जाएगा। पिछली दो सरकारों में डार के पास वित्त मंत्रालय का जिम्मा था लेकिन इस सरकार में उन्हें वित्त मंत्रालय नहीं दिया गया, जिस वजह से रविवार को उप प्रधानमंत्री बनाकर उनकी साख को बरकरार रखा गया।
नवाज शरीफ के चहेते हैं डार
बता दें, डार कश्मीरी मूल के नागरिक हैं। वे पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के वरिष्ठ नेता हैं। वह पार्टी प्रमुख और तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ के विश्वासपात्र भी माने जाते हैं। पीएमएल-एन सुप्रीमो नवाज अपने विश्वासपात्र को सरकार में एक महत्वपूर्ण पद पर रखना चाहते थे, जिससे वित्त विभाग के नुकसान की भरपाई की जा सके। नवाज शरीफ और डार की नजदीकी का कारण सिर्फ राजनीतिक ही नहीं बल्कि पारिवारिक भी है। दरअसल, डार का बड़ा बेटा शरीफ का दमाद है। डार वर्तमान में प्रधानमंत्री शहबाज के साथ विश्व आर्थिक मंच की विशेष बैठक के लिए सऊदी अरब में हैं।
गठबंधन सरकार के गठन के समय ही तय हो गई थी नियुक्ति
पार्टी के अंदरूनी सूत्र ने दावा किया है कि डार को उप प्रधानमंत्री बनाने का कदम पूर्व नियोजित था। गठबंधन सरकार के गठन के दौरान ही यह तय हो गया था कि डार उप प्रधानमंत्री बनेंगे। हालांकि, दिलचस्प ये रहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने भी डार की नियुक्ति पर कोई सवाल नहीं खड़ा किया। पीपीपी के सूचना सचिव फैसल करीम कुंडी ने कहा कि उनकी पार्टी को उप प्रधानमंत्री के रूप में डार की नियुक्ति पर कोई आपत्ति नहीं है। डार को उपप्रधानमंत्री नियुक्त करना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है।
इमरान खान की पार्टी ने जताया विरोध
इस बीच, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने इस नियुक्ति पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शहबाज शरीफ परिवार के भीतर ही प्रमुख राष्ट्रीय पद बांट रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री के सूचना मामलों के विशेष सहायक बैरिस्टर मुहम्मद अली सैफ ने कहा कि संविधान में डिप्टी पीएम के पद का प्रावधान नहीं है। उन्होंने सरकार की निंदा करते हुए कहा कि लोगों के मुद्दों को हल करने के बजाय सरकार बड़े-बड़े पद देने में जुटी हुई है।
वित्त मंत्री के रूप में डार की काफी आलोचना
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले, पिछली दो सरकारों में डार वित्त मंत्री रह चुके हैं। वित्त मंत्री के तौर पर डार की काफी आलोचना हुई थी। पाकिस्तान में आए आर्थिक संकट के कारण उनका काफी विरोध हुआ था। कहा जाता है कि आईएमएफ की चिंताओं को नजरअंदाज करने के कारण पाकिस्तान की वित्तीय हालत खराब हुई है। शुरुआत में अंदरखाने चर्चाएं थीं कि उन्हें संसद के ऊपरी सदन सीनेट का अध्यक्ष बनाया जा सकता है लेकिन पीपीपी के साथ गठबंधन के बाद सीनेट अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाएं खत्म हो गईं थी। दरअसल, गठबंधन के कारण सीनेट अध्यक्ष का पद पीपीपी की झोली में चला गया। इसके बाद उन्हें विदेश मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया।