Haiti: आयरिश मिशनरी समेत आठ लोग एक महीने बाद रिहा, अनाथालय पर हमले के दौरान किया गया था अगवा
Haiti: हैती में तीन अगस्त को अगवा किए गए आयरलैंड की मिशनरी गिना हेरेटी समेत आठ लोगों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। गिना 1993 से हैती में विशेष जरूरमंद बच्चों के साथ काम कर रही हैं। यह इलाका एक खतरनाक गिरोह के कब्जे में है और अमेरिका वहां हिंसा रोकने के लिए नए गिरोह नियंत्रण बल बनाने की मांग कर रहा है।
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गिना हेरेटी नाम की यह मिशनरी 1993 से हैती में काम कर रही हैं। वह सेंट-हेलीन अनाथालय में विशेष जरूरतों वाले बच्चों और वयस्कों के लिए चलाए जा रहे एक कार्यक्रम की निदेशक हैं। उनके परिवार ने कहा, हमारे पास इस राहत को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। हम हर उस व्यक्ति का धन्यवाद करते हैं, जिसने हमारी मदद की। हम हैती के लोगों के लिए शांति और सुरक्षा की कामना करते हैं, जो लगातार हिंसा से पीड़ित हैं।
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आयरलैंड के उप-प्रधानमंत्री साइमन हैरिस ने एक्स इस रिहाई की पुष्टि की। हालांकि, हैती की सरकार ने इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। गिना हेरेटी और अन्य सात लोगों को जिस अनाथालय से अगवा किया गया था, वह 'नोस पेटी फ्रेरे ए सूर्स' नाम के एक अंतरराष्ट्रीय चैरिटी संस्था की ओर से संचालित किया जाता है, जिसके कार्यालय मेक्सिको और फ्रांस में हैं। संस्था की वेबसाइट के अनुसार, यह अनाथालय 240 से अधिक बच्चों की देखभाल करता है।
I am delighted to confirm that Irish humanitarian worker, Gena Heraty has been released. This is the outcome we all hoped, prayed and worked for.
— Simon Harris TD (@SimonHarrisTD) August 29, 2025
My full statement: https://t.co/JjdInzcihI pic.twitter.com/38lKsNRAe9
इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है, लेकिन यह इलाका 'विव अंसम' नाम के गिरोह के नियंत्रण में है, जिसे अमेरिका ने इस साल विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था। गुरुवार को अमेरिका ने कहा कि वह हैती में हिंसा से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र से एक नई गिरोह नियंत्रण बल चाहता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में अमेरिका की कार्यवाहक राजदूत डोरोथी शीया ने यह जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह बल पहले से तैनात केन्या के नेतृत्व वाले बहुराष्ट्रीय सुरक्षा बल से अलग होगा या उसी का हिस्सा रहेगा।
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हैती में लगातार हिंसा बढ़ रही है। राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस का अधिकांश हिस्सा अब गिरोहों के कब्जे में है। अपहरण की घटनाएं आम हो गई हैं और मिशनरियों को पहले भी निशाना बनाया गया है। वर्ष 2021 में '400 मावोजो' नाम के गिरोह ने राजधानी के पास स्थित गंथियर इलाके से अमेरिका की एक संस्था के 17 मिशनरियों को अगवा कर लिया था, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल थे। इनमें से ज्यादातर को 61 दिन तक बंधक बनाकर रखा गया था।