{"_id":"634838c7ce87305cad3e32e0","slug":"iraq-parliament-elect-kurdish-politician-abdul-latif-rashid-as-president-updates","type":"story","status":"publish","title_hn":"Abdul Latif Rashid: अब्दुल लतीफ रशीद बने इराक के नए राष्ट्रपति, बरहम सालिह की जगह लेंगे","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Abdul Latif Rashid: अब्दुल लतीफ रशीद बने इराक के नए राष्ट्रपति, बरहम सालिह की जगह लेंगे
Thu, 13 Oct 2022 09:55 PM IST
अभिषेक दीक्षित
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बगदाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बगदाद
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 13 Oct 2022 09:55 PM IST
सार
इससे पहले वे इराक के जल संसाधन मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने 2003 से 2010 तक यह जिम्मेदारी निभाई थी।
विज्ञापन
अब्दुल लतीफ रशीद
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इराक की संसद ने कुर्द राजनेता अब्दुल लतीफ रशीद को राष्ट्रपति के रूप में चुन लिया है। इराक में नए राष्ट्रपति के चयन को लेकर पिछले एक साल से गतिरोध चल रहा था। जानकारी के मुताबिक, 78 वर्षीय अब्दुल लतीफ राशिद अब नई सरकार के गठन में भूमिका निभाएंगे। इराकी कानून के मुताबिक, प्रधानमंत्री पद के लिए नामित उम्मीदवार के लिए मतदान करने से पहले सांसदों को राष्ट्रपति चुनना होता है। रशीद चार साल से इराक के राष्ट्रपति पद पर बरकरार बरहम सालिह की जगह लेंगे।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि राशिद ने ब्रिटिश से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इससे पहले वे इराक के जल संसाधन मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने 2003 से 2010 तक यह जिम्मेदारी निभाई थी। राशिद के पास सरकार बनाने के लिए सबसे बड़े संसदीय ब्लॉक से एक उम्मीदवार को आमंत्रित करने के लिए 15 दिन का समय है।
विज्ञापन
इससे पहले इराक में राजनीतिक संकट हल करने के लिए बहुप्रतीक्षित सत्र से पहले ‘ग्रीन जोन’ में गुरुवार को संसद पर नौ रॉकेट दागे गए। इराकी सेना ने दावा किया कि इलाके को किले के रूप में तब्दील कर दिया गया था। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद थी। ने यह जानकारी दी है।
विज्ञापन
रॉकेट हमले की वजह से राष्ट्रपति के चुनाव के लिए आयोजित होने वाले संसद सत्र में देरी हुई। इराक में संघीय चुनाव होने के बाद करीब एक साल तक सरकार का गठन नहीं हो पाया था। राष्ट्रपति चुनाव को इस मसले के हल के लिए एक अहम कदम माना जा रहा था।
बताया जा रहा है कि कम से कम 10 लोग हमले में घायल हुए हैं, जिनमें तीन आम नागरिक और दो सैन्यकर्मी शामिल हैं। हमले कोऑर्डिनेशन फ्रेमवर्क के बाद किए गए। इसका मकसद सत्र को बाधित करना हो सकता है।