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ईरान: पेजेशकियन बोले- आगे बढ़ाएंगे खामेनेई की विरासत; रेजा पहलवी ने बताया 'तमाशा', जनाजे पर क्या कहा?
Sun, 05 Jul 2026 12:40 AM IST
निर्मल कांत
एएनआई, तेहरान।
एएनआई, तेहरान।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 05 Jul 2026 12:40 AM IST
सार
ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अली खामेनेई के जनाजे की रश्मों के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि देश उनकी विरासत को आगे बढ़ाएगा और उस ध्वज को कभी जमीन पर नहीं गिरने दिया जाएगा, जिसके लिए उन्होंने संघर्ष किया। उधर, पूर्व क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने इस जनाजे की आलोचना की और इसे 'प्रचार का तमाशा' बताया। पढ़िए रिपोर्ट-
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क्या अली खामेनेई के जनाजे पर शुरू हुई सियासत?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
विस्तार
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजा की प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को कहा कि देश उनके दिखाए रास्ते और उनकी विरासत को आगे बढ़ाएगा और जिस ध्वज के लिए उन्होंने संघर्ष किया, उसे कभी जमीन पर नहीं गिरने दिया जाएगा।
पेजेशकियन ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा?
पूर्व क्राउन प्रिंस पहलवी ने आलोचना करते हुए क्या कहा?
इसी बीच, निर्वासन में रह रहे ईरान के पूर्व क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने शनिवार को इस जनाजे की आलोचना की। उन्होंने इसे सरकार का 'प्रचार का तमाशा' कहा और बताया कि इसमें किसी भी लोकतांत्रिक देश का नेता शामिल नहीं हुआ।
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उन्होंने एक्स पर लिखा, तेहरान में ईरान के मृत तानाशाह अली खामेनेई के लिए आए विदेशी प्रतिनिधियों से कहना चाहता हूं कि ईरान उनके लिए शोक नहीं मना रहा है। ईरान 40 हजार से ज्यादा बेटों-बेटियों के लिए शोक मना रहा है, जिन्हें 8 और 9 जनवरी को खामेनेई, गालिबाफ और उनके दमनकारी निजाम (तंत्र) ने मार डाला।
उन्होंने आगे कहा, यह हुकूमत जनता के पैसे से यह प्रचार कार्यक्रम चला रही है। लेकिन एक भी लोकतांत्रिक नेता इसमें शामिल नहीं हुआ। आज जो दिख रहा है वह शोक में नहीं बल्कि गुस्से में है और यही गुस्सा इस हुकूमत को गिराएगा।
जनाजे में बड़ी संख्या में शामिल हो रहे लोग
ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के अनुसार, तेहरान के ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला में शुरू हुए जनाजे की रश्म में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। तेहरान में जनाजा सोमवार को निकाला जाएगा। प्रेस टीवी ने बताया कि यह ताजियत और जनाजा कार्यक्रम मंगलवार को कुम और गुरुवार को मशहद में भी होंगे, जहां खामेनेई को इमाम रजा दरगाह में दफनाया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, बुधवार को पवित्र शहर नजफ और कर्बला में भी विशेष विदाई और जनाजा कार्यक्रम होंगे। इससे पहले शुक्रवार को दुनिया के कई नेता तेहरान पहुंचे और उन्होंने खामेनेई को ताजियत (श्रद्धांजलि) दी।
ये भी पढ़ें: 'खामेनेई के जनाजे के लिए ईरान को दिया वीक ऑफ', ट्रंप ने सेना का भी किया जिक्र, बाइडन पर क्या आरोप लगाए?
एक करोड़ से ज्यादा लोगों के पहुंचने की उम्मीद
दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्ष, राजनयिक और धार्मिक नेता भी तेहरान में मौजूद हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों सहित एक करोड़ से ज्यादा लोगों के तेहरान पहुंचने की उम्मीद है।
भारत से कौन-कौन जनाजे में पहुंचे?
भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने इस जनाजे में हिस्सा लिया। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, यह दिसंबर और जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद ईरान में देखी गई सबसे बड़ी भीड़ हो सकती है।
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पेजेशकियन ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा?
- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक्स पर लिखा कि 28 फरवरी को अमेरिका-इस्राइल के हमलों में मारे गए खामेनेई के प्रति वफादारी बनी रहेगी।
- यह बात उन्होंने उस समय कही, जब बड़ी संख्या में लोग खामेनेई के ताजियत (शोक सभा) में शामिल हो रहे हैं।
- उन्होंने कहा, ईरान की महान जनता, दिलों में गम और उम्मीद के साथ यह साबित करेगी कि जिस ध्वज को ऊंचा रखने के लिए दिवंगत नेता ने संघर्ष किया, वह कभी जमीन पर नहीं गिरेगा।
- पजेशकियन ने कहा, हम चाहते हैं कि धरती पर जिन पर ज़ुल्म हुआ है, उन्हें हम नेतृत्व दें और उन्हें उत्तराधिकारी बनाएं।
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पूर्व क्राउन प्रिंस पहलवी ने आलोचना करते हुए क्या कहा?
इसी बीच, निर्वासन में रह रहे ईरान के पूर्व क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने शनिवार को इस जनाजे की आलोचना की। उन्होंने इसे सरकार का 'प्रचार का तमाशा' कहा और बताया कि इसमें किसी भी लोकतांत्रिक देश का नेता शामिल नहीं हुआ।
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उन्होंने एक्स पर लिखा, तेहरान में ईरान के मृत तानाशाह अली खामेनेई के लिए आए विदेशी प्रतिनिधियों से कहना चाहता हूं कि ईरान उनके लिए शोक नहीं मना रहा है। ईरान 40 हजार से ज्यादा बेटों-बेटियों के लिए शोक मना रहा है, जिन्हें 8 और 9 जनवरी को खामेनेई, गालिबाफ और उनके दमनकारी निजाम (तंत्र) ने मार डाला।
उन्होंने आगे कहा, यह हुकूमत जनता के पैसे से यह प्रचार कार्यक्रम चला रही है। लेकिन एक भी लोकतांत्रिक नेता इसमें शामिल नहीं हुआ। आज जो दिख रहा है वह शोक में नहीं बल्कि गुस्से में है और यही गुस्सा इस हुकूमत को गिराएगा।
जनाजे में बड़ी संख्या में शामिल हो रहे लोग
ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के अनुसार, तेहरान के ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला में शुरू हुए जनाजे की रश्म में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। तेहरान में जनाजा सोमवार को निकाला जाएगा। प्रेस टीवी ने बताया कि यह ताजियत और जनाजा कार्यक्रम मंगलवार को कुम और गुरुवार को मशहद में भी होंगे, जहां खामेनेई को इमाम रजा दरगाह में दफनाया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, बुधवार को पवित्र शहर नजफ और कर्बला में भी विशेष विदाई और जनाजा कार्यक्रम होंगे। इससे पहले शुक्रवार को दुनिया के कई नेता तेहरान पहुंचे और उन्होंने खामेनेई को ताजियत (श्रद्धांजलि) दी।
ये भी पढ़ें: 'खामेनेई के जनाजे के लिए ईरान को दिया वीक ऑफ', ट्रंप ने सेना का भी किया जिक्र, बाइडन पर क्या आरोप लगाए?
एक करोड़ से ज्यादा लोगों के पहुंचने की उम्मीद
दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्ष, राजनयिक और धार्मिक नेता भी तेहरान में मौजूद हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों सहित एक करोड़ से ज्यादा लोगों के तेहरान पहुंचने की उम्मीद है।
भारत से कौन-कौन जनाजे में पहुंचे?
भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने इस जनाजे में हिस्सा लिया। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, यह दिसंबर और जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद ईरान में देखी गई सबसे बड़ी भीड़ हो सकती है।