{"_id":"69f4f9b983880274a9064e6a","slug":"iranian-nobel-laureate-narges-mohammadi-hospitalized-after-health-crisis-in-prison-2026-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Iran: जेल में बिगड़ी नोबेल विजेता नरगिस मोहम्मदी की तबीयत, अस्पताल में भर्ती; इलाज में लापरवाही के आरोप","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Iran: जेल में बिगड़ी नोबेल विजेता नरगिस मोहम्मदी की तबीयत, अस्पताल में भर्ती; इलाज में लापरवाही के आरोप
Sat, 02 May 2026 12:36 AM IST
Devesh Tripathi
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sat, 02 May 2026 12:36 AM IST
सार
नरगिस मोहम्मदी के वकील ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि हाल के दिनों में उनके रक्तचाप में गंभीर उतार-चढ़ाव आया है। उन्होंने बताया कि मोहम्मदी की रक्तचाप कभी बहुत ज्यादा तो कभी बहुत कम हो रहा है। उन्होंने बताया कि आज अचानक रक्तचाप में गिरावट के कारण वह बेहोश हो गईं। इसके बाद उन्हें अस्पलात में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी
- फोटो : @nargesfnd
विस्तार
ईरान की जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की तबीयत अचानक बहुत बिगड़ गई है। इसके बाद उन्हें तुरंत उत्तर-पश्चिमी ईरान के ज़ंजन शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह जानकारी उनके फाउंडेशन ने दी।
ईरान की जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई। इसके चलते उन्हें आनन-फानन में उत्तर-पश्चिमी ईरान के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह जानकारी उनके फाउंडेशन ने शुक्रवार को दी।
नरगिस मोहम्मदी फाउंडेशन के अनुसार, नोबेल पुरस्कार विजेता को दो बार बेहोशी और दिल से जुड़ी एक गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा। फाउंडेशन ने बताया कि मोहम्मदी शुक्रवार को जंजन शहर की जेल में दो बार बेहोश हो गईं थीं। उनके वकीलों ने मार्च के अंत में उनसे मुलाकात के बाद बताया था कि उन्हें संभवतः दिल का दौरा पड़ा था। उस समय वह कमजोर दिख रही थीं और चलने के लिए नर्स की मदद की ले रही थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: US: 'होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान को न दें टोल', अमेरिका ने कंपनियों को दी चेतावनी; लग सकते हैं कड़े प्रतिबंध
इलाज में लापरवाही का आरोप
फाउंडेशन ने कहा कि मोहम्मदी की 12 दिसंबर को गिरफ्तारी के बाद से 140 दिनों तक उन्हें सही इलाज नहीं दिया गया। फाउंडेशन के अनुसार, जेल के डॉक्टरों ने पहले ही सलाह दी थी कि नरगिस का इलाज जेल में नहीं किया जा सकता है। डॉक्टरों ने उनका इलाज तेहरान में विशेषज्ञ टीम से करवाने को कहा था।
परिवार कई बार कर चुका था अच्छे इलाज की मांग
मोहम्मदी के परिवार ने हफ्तों से उन्हें अच्छा इलाज देने के लिए अस्पताल भेजने की वकालत की थी। फाउंडेशन ने परिवार के हवाले से कहा कि शुक्रवार को जंजन के एक अस्पताल में उनको भर्ती कराया जाना बहुत देरी से लिया गया फैसला और आखिरी समय में उठाया गया कदम लग रहा है।
पहले भी बिगड़ चुकी थी तबीयत
24 मार्च को मोहम्मदी के साथी कैदियों ने उन्हें बेहोश पाया था। उन्होंने अपने वकीलों से कुछ दिनों बाद हुई मुलाकात में ये बताया था। जेल के क्लिनिक में बाद की जांच में एक डॉक्टर ने उन्हें बताया कि उन्हें शायद दिल का दौरा पड़ा था। तब से उन्हें सीने में दर्द और सांस लेने में कठिनाई हो रही थी।
अस्पताल में भर्ती कराने से जेल प्रशासन ने किया था इनकार
फ्रांस में उनके कानूनी प्रतिनिधि ने उस समय कहा था कि मोहम्मदी को अस्पताल में भर्ती कराने और अपने हृदय रोग विशेषज्ञ से मिलने से मना कर दिया गया था। मोहम्मदी के वकीलों के साथ संक्षिप्त मुलाकात के दौरान एक जेल अधिकारी मौजूद था।
ये भी पढ़ें: 'ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा': US पर भारी पड़ा ईरान? आठ देशों में 16 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
नोबेल पुरस्कार विजेता की सजा सात साल बढ़ाई
53 वर्षीय मोहम्मदी, जो जेल में रहते हुए 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार की विजेता बनीं, दिसंबर में पूर्वी ईरानी शहर मशहद की यात्रा के दौरान गिरफ्तार हुई थीं। उन्हें सात साल की अतिरिक्त जेल की सजा सुनाई गई थी। 12 दिसंबर को गिरफ्तारी से पहले मोहम्मदी पहले से ही राज्य सुरक्षा के खिलाफ साजिश और ईरान सरकार के खिलाफ प्रचार के आरोपों में 13 साल और नौ महीने की सजा काट रही थीं। हालांकि, चिकित्सा चिंताओं के कारण उन्हें 2024 के अंत से पैरोल पर रिहा किया गया था।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
ईरान की जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई। इसके चलते उन्हें आनन-फानन में उत्तर-पश्चिमी ईरान के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह जानकारी उनके फाउंडेशन ने शुक्रवार को दी।
विज्ञापन
नरगिस मोहम्मदी फाउंडेशन के अनुसार, नोबेल पुरस्कार विजेता को दो बार बेहोशी और दिल से जुड़ी एक गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा। फाउंडेशन ने बताया कि मोहम्मदी शुक्रवार को जंजन शहर की जेल में दो बार बेहोश हो गईं थीं। उनके वकीलों ने मार्च के अंत में उनसे मुलाकात के बाद बताया था कि उन्हें संभवतः दिल का दौरा पड़ा था। उस समय वह कमजोर दिख रही थीं और चलने के लिए नर्स की मदद की ले रही थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: US: 'होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान को न दें टोल', अमेरिका ने कंपनियों को दी चेतावनी; लग सकते हैं कड़े प्रतिबंध
इलाज में लापरवाही का आरोप
फाउंडेशन ने कहा कि मोहम्मदी की 12 दिसंबर को गिरफ्तारी के बाद से 140 दिनों तक उन्हें सही इलाज नहीं दिया गया। फाउंडेशन के अनुसार, जेल के डॉक्टरों ने पहले ही सलाह दी थी कि नरगिस का इलाज जेल में नहीं किया जा सकता है। डॉक्टरों ने उनका इलाज तेहरान में विशेषज्ञ टीम से करवाने को कहा था।
परिवार कई बार कर चुका था अच्छे इलाज की मांग
मोहम्मदी के परिवार ने हफ्तों से उन्हें अच्छा इलाज देने के लिए अस्पताल भेजने की वकालत की थी। फाउंडेशन ने परिवार के हवाले से कहा कि शुक्रवार को जंजन के एक अस्पताल में उनको भर्ती कराया जाना बहुत देरी से लिया गया फैसला और आखिरी समय में उठाया गया कदम लग रहा है।
पहले भी बिगड़ चुकी थी तबीयत
24 मार्च को मोहम्मदी के साथी कैदियों ने उन्हें बेहोश पाया था। उन्होंने अपने वकीलों से कुछ दिनों बाद हुई मुलाकात में ये बताया था। जेल के क्लिनिक में बाद की जांच में एक डॉक्टर ने उन्हें बताया कि उन्हें शायद दिल का दौरा पड़ा था। तब से उन्हें सीने में दर्द और सांस लेने में कठिनाई हो रही थी।
अस्पताल में भर्ती कराने से जेल प्रशासन ने किया था इनकार
फ्रांस में उनके कानूनी प्रतिनिधि ने उस समय कहा था कि मोहम्मदी को अस्पताल में भर्ती कराने और अपने हृदय रोग विशेषज्ञ से मिलने से मना कर दिया गया था। मोहम्मदी के वकीलों के साथ संक्षिप्त मुलाकात के दौरान एक जेल अधिकारी मौजूद था।
ये भी पढ़ें: 'ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा': US पर भारी पड़ा ईरान? आठ देशों में 16 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
नोबेल पुरस्कार विजेता की सजा सात साल बढ़ाई
53 वर्षीय मोहम्मदी, जो जेल में रहते हुए 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार की विजेता बनीं, दिसंबर में पूर्वी ईरानी शहर मशहद की यात्रा के दौरान गिरफ्तार हुई थीं। उन्हें सात साल की अतिरिक्त जेल की सजा सुनाई गई थी। 12 दिसंबर को गिरफ्तारी से पहले मोहम्मदी पहले से ही राज्य सुरक्षा के खिलाफ साजिश और ईरान सरकार के खिलाफ प्रचार के आरोपों में 13 साल और नौ महीने की सजा काट रही थीं। हालांकि, चिकित्सा चिंताओं के कारण उन्हें 2024 के अंत से पैरोल पर रिहा किया गया था।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन