'एक-दो दिन में तय हो जाएगा ईरान का नया सुप्रीम लीडर': ईरानी विदेश मंत्री बोले- अमेरिका-इस्राइल ने थोपा युद्ध
Iranian Foreign Minister Statement: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर क्षेत्र पर युद्ध थोपा है और ईरान आत्मरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के उत्तराधिकारी को लेकर सांविधानिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ट्रांजिशन काउंसिल फिलहाल नेतृत्व संभाल रही है और एक-दो दिन में नए सर्वोच्च नेता के नाम पर फैसला हो सकता है।
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विस्तार
राष्ट्रपति के अलावा विदेश मंत्री अराघची ने एक बार फिर दोहराया है कि ईरान अपनी सीमाओं की रक्षा करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने कहा, 'अपना बचाव करने में उन्हें कोई रोक नहीं सकता। उनके सामने सीमा जैसी कोई बाधा नहीं है।' अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्री ने खामेनेई के उत्तराधिकारी से जुड़े सवाल पर कहा, देश में सांविधानिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। फैसले लेने के लिए ट्रांजिशनल काउंसिल बनाई गई है। यह अहम मामलों को संभालने का काम करेगी। सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या को 'बहुत ही गंभीर' बताते हुए अराघची ने कहा, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन किया गया है। सुप्रीम लीडर की हत्या के कारण टकराव और भी खतरनाक मोड़ लेगा।
खामेनेई की जगह नया कौन, कब संभालेंगे पद?
उन्होंने खामेनेई के बाद सर्वोच्च नेता चुने जाने से जुड़े एक सवाल पर कहा, 'सब कुछ ठीक है', सांविधानिक प्रक्रिया चल रही है। अल जजीरा के साथ इस इंटरव्यू में अब्बास अराघची ने कहा, 'खामेनेई की जगह कौन लेगा? इसका जवाब तलाशने के लिए ईरान के संविधान में प्रक्रिया निर्धारित है। हमने वह प्रोसेस शुरू कर दिया है। आज गठित की गई ट्रांजिशन काउंसिल में राष्ट्रपति, न्यायपालिका के प्रमुख और गार्डियन काउंसिल के एक ज्यूरिस्ट शामिल हैं।
बकौल अराघची, 'नया लीडर चुने जाने से पहले तीन लोगों का ग्रुप (ट्रांजिशन काउंसिल) लीडरशिप के प्रभारी की तरह काम करेगा। इसके बाद असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स नए लीडर के चुनाव की प्रक्रिया पूरी करेगी। मुझे लगता है कि इसमें थोड़ा समय लगेगा। शायद एक या दो दिन में देश के नए लीडर का चुनाव हो जाएगा।'
क्या केवल अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहा ईरान?
परमाणु के मुद्दे पर चल रही बातचीत के बीच हमले के लिए अमेरिका की आलोचना करते हुए अराघची ने कहा, ईरान ने डिप्लोमेसी का हमेशा समर्थन किया है। अमेरिका ने बातचीत के दौरान हम पर दूसरी बार हमला किया। उन्होंने कहा कि ईरान 'अपने भाइयों पर हमले नहीं कर रहा है, हम अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहे हैं।'
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अल जजीरा के साथ इस इंटरव्यू के दौरान अराघची ने कहा, फारस की खाड़ी के दूसरी तरफ बसे देशों से हमें कोई दिक्कत नहीं है। उन सभी के साथ हमारे दोस्ताना बर्ताव कर रहे हैं। इनके साथ हमारे रिश्ते अच्छे पड़ोसी वाले हैं। हम इन रिश्तों को जारी रखने का पक्का इरादा रखते हैं। उन्होंने बमबारी और बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल को लेकर कहा, 'हम जो कर रहे हैं, वह असल में आत्मरक्षा और ईरान पर अमेरिकी हमले का बदला है।'
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या है ईरान की मौजूदा नीति?
उन्होंने कहा कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का कोई इरादा नहीं रखता। बकौल अराघची, 'अभी होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का कोई इरादा नहीं है। फिलहाल यहां से गुजरने वाले जहाजों को बाधित करने (नेविगेशन में रुकावट) जैसी योजनाएं भी नहीं हैं। ईरान केवल अमेरिकी मिलिट्री के लोगों और उनकी मदद करने वाली जगहों को टारगेट कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना हमले कर रही है। हमारे पास खुद को बचाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा, 'बेशक हम अमेरिकी इलाके में किसी भी टारगेट को हिट नहीं कर सकते, इसलिए हमें इस इलाके में अमेरिकी बेस और पश्चिम एशिया में अमेरिका द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली जगहों पर हमले करने होंगे। शुरुआत उनके मिलिट्री बेस पर हमले से की गई है। अमेरिकी सेना मिलिट्री बेस खाली कर चुकी है। वे होटलों में छिप कर अपने लिए ह्यूमन शील्ड बना रहे हैं। हम असल में केवल मिलिट्री के लोगों और उन जगहों को ही टारगेट करने की कोशिश कर रहे हैं जो ईरान के खिलाफ उनके ऑपरेशन में अमेरिका की मदद कर रही हैं।
युद्ध से किसी को जीत नहीं मिलेगी- अराघची
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि जारी युद्ध से विरोधी पक्ष को कोई जीत हासिल नहीं होगी और ईरान लंबे समय तक प्रतिरोध जारी रखने के लिए तैयार है। उनके बयान से साफ संकेत मिला है कि संघर्ष जल्द खत्म होने की संभावना कम है।
अराघची ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने में अब तक विफल रहे हैं और आने वाले दिनों में भी ऐसा संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह स्थिति पिछले वर्ष हुए 12 दिन के युद्ध जैसी है, जब विरोधी पक्ष को उम्मीद थी कि ईरान कुछ दिनों में झुक जाएगा, लेकिन अंत में उन्हें बिना शर्त युद्धविराम की मांग करनी पड़ी थी। उनके मुताबिक इस बार भी ईरान पीछे हटने वाला नहीं है।
अली खामेनेई की मौत पर क्या बोले अराघची
ईरानी विदेश मंत्री ने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या को बेहद गंभीर और अभूतपूर्व घटना बताया। उन्होंने कहा कि किसी देश के नेता की विदेशी ताकतों द्वारा हत्या अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। अराघची के अनुसार इस कदम ने संघर्ष को और ज्यादा खतरनाक तथा जटिल बना दिया है और इससे युद्ध का दायरा भी बढ़ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि खामेनेई केवल ईरान के राजनीतिक नेता ही नहीं थे, बल्कि दुनिया भर में लाखों मुसलमानों के लिए धार्मिक नेतृत्व का भी महत्वपूर्ण चेहरा थे। इसी वजह से उनकी मौत के बाद ईरान के कई शहरों के अलावा इराक, पाकिस्तान और अन्य देशों में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले।
अराघची ने दावा किया कि क्षेत्र में हो रहे प्रदर्शनों से साफ है कि इस संघर्ष के अंतरराष्ट्रीय असर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां प्रदर्शनकारियों पर गोली चलने की खबरें बेहद दुखद हैं। ईरान ने दोहराया कि वह युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यदि हमले जारी रहे तो वह अपने बचाव और जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।
पश्चिम एशिया और खाड़ी के देशों को इस्राइल और अमेरिका के खिलाफ गुस्सा निकालना चाहिए: अराघची
अराघची ने युद्ध के उन्माद के बीच पश्चिम एशिया और अन्य खाड़ी देशों की भूमिका को लेकर कहा, 'मैं इस इलाके में अपने सभी साथियों के संपर्क में रहा हूं। उन्हें ईरान का पक्ष अच्छे तरीके से समझाया गया है। उन्होंने कहा, 'हम जानते हैं कि इस इलाके में बसे अन्य देशों की पोजीशन क्या है। वे खुश नहीं हैं, उनमें से कुछ तो गुस्से में भी हैं, कुछ इसे समझने की कोशिश कर रहे हैं। मैं चाहता हूं कि इस इलाके में जो हो रहा है, वह हमारी गलती या मर्जी से नहीं हो रहा है, इस बात को अन्य देश अच्छे से समझें। उन्होंने कहा कि यह युद्ध अमेरिका और इस्राइल ने थोपा है। इसलिए अगर इस क्षेत्र के देश अगर गुस्से में हैं, तो उन्हें इस्राइल और अमेरिका के खिलाफ क्रोधित होना चाहिए। इस युद्ध को रोकने के लिए दबाव ईरान पर नहीं, दूसरी तरफ डालना चाहिए।
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