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Khamenei Funeral: खामेनेई के जनाजे में 70 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी, अराघची ने जताया आभार; क्या कहा?
Sun, 05 Jul 2026 05:19 AM IST
निर्मल कांत
एएनआई, तेहरान।
एएनआई, तेहरान।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 05 Jul 2026 05:19 AM IST
सार
Khamenei Funeral: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सर्वोच्च नेता रहे अली खामेनेई के जनाजा में 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इसे हमेशा याद रखा जाएगा। पढ़िए रिपोर्ट-
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अब्बास अराघची, ईरानी विदेश मंत्री
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एक्स/अब्बास अराघची
विस्तार
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार (स्थानीय समय) को कहा कि 70 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में शामिल होकर सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि यह भागीदारी ईरान और इन देशों के संबंधों के इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी।
अरागची ने एक्स पर लिखा, ईरान ने उन 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया है, जिन्होंने हमारे दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए जनाजे में हिस्सा लिया। इनमें हमारे अरब भाई भी शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा, यह ऐतिहासिक अवसर हमारे आपसी संबंधों के इतिहास में हमेशा के लिए यादगार रहेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में खामेनेई के जनाजे और ताजियत के कार्यक्रम जारी हैं। प्रेस टीवी के अनुसार, तेहरान के ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला में शुरू हुए जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।फार्स न्यूज के मुताबिक, शुक्रवार को ताजियत (शोक सभा) के दौरान ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री अराघची फूट-फूटकर रो पड़े। रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के हमलों में अली खामेनेई की मौत हुई थी।
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ईरान से कौन-कौन मौजूद रहे?
प्रेस टीवी के अनुसार, जनाजे में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ, न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई और सर्वोच्च सलाहकार परिषद के अध्यक्ष अयातुल्ला सादिक अमोली लारिजानी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
किन देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए?
विदेशी प्रतिनिधियों में तुर्कमेनिस्तान, इराक, आर्मेनिया, ताजिकिस्तान, पाकिस्तान, कुर्दिस्तान क्षेत्र, अजरबैजान, बांग्लादेश, उज्बेकिस्तान, बेलारूस, किर्गिस्तान, निकारागुआ, कांगो, बुर्किना फासो, मिस्र, ओमान, तुर्किये, सऊदी अरब और रूस के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
भारत से किसने लिया शोक सभा में हिस्सा?
भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने जनाजे में हिस्सा लिया।
इन संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे
इसके अलावा, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ), डी-8 संगठन और इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। मुख्य जनाजा सोमवार को तेहरान में निकाला जाएगा। इसके बाद मंगलवार को कुम और गुरुवार को मशहद में कार्यक्रम होंगे, जहां इमाम रजा दरगाह में खामेनेई को दफनाया जाएगा।
ये भी पढ़ें: US Independence Day: ट्रंप ने की कम्युनिस्ट ताकतों की आलोचना, कहा- अमेरिकी दरियादिली जैसी मिसाल नहीं
इराक में होंगी जनाजे के विशेष कार्यक्रम
आयोजकों के अनुसार, बुधवार को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला में भी विशेष विदाई और जनाजे के कार्यक्रम होंगे। इससे पहले शुक्रवार को दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, राजनयिक और धार्मिक नेता तेहरान पहुंचे और खामेनेई को श्रद्धांजलि दी।
एक करोड़ से ज्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, जनाजे में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों समेत एक करोड़ से ज्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। वहीं, न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, यह दिसंबर और जनवरी के विरोध प्रदर्शनों के बाद ईरान में सबसे बड़ा जमावड़ा हो सकता है।
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अरागची ने एक्स पर लिखा, ईरान ने उन 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया है, जिन्होंने हमारे दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए जनाजे में हिस्सा लिया। इनमें हमारे अरब भाई भी शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा, यह ऐतिहासिक अवसर हमारे आपसी संबंधों के इतिहास में हमेशा के लिए यादगार रहेगा।
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यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में खामेनेई के जनाजे और ताजियत के कार्यक्रम जारी हैं। प्रेस टीवी के अनुसार, तेहरान के ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला में शुरू हुए जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।फार्स न्यूज के मुताबिक, शुक्रवार को ताजियत (शोक सभा) के दौरान ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री अराघची फूट-फूटकर रो पड़े। रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के हमलों में अली खामेनेई की मौत हुई थी।
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ईरान से कौन-कौन मौजूद रहे?
प्रेस टीवी के अनुसार, जनाजे में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ, न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई और सर्वोच्च सलाहकार परिषद के अध्यक्ष अयातुल्ला सादिक अमोली लारिजानी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
किन देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए?
विदेशी प्रतिनिधियों में तुर्कमेनिस्तान, इराक, आर्मेनिया, ताजिकिस्तान, पाकिस्तान, कुर्दिस्तान क्षेत्र, अजरबैजान, बांग्लादेश, उज्बेकिस्तान, बेलारूस, किर्गिस्तान, निकारागुआ, कांगो, बुर्किना फासो, मिस्र, ओमान, तुर्किये, सऊदी अरब और रूस के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
भारत से किसने लिया शोक सभा में हिस्सा?
भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने जनाजे में हिस्सा लिया।
इन संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे
इसके अलावा, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ), डी-8 संगठन और इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। मुख्य जनाजा सोमवार को तेहरान में निकाला जाएगा। इसके बाद मंगलवार को कुम और गुरुवार को मशहद में कार्यक्रम होंगे, जहां इमाम रजा दरगाह में खामेनेई को दफनाया जाएगा।
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इराक में होंगी जनाजे के विशेष कार्यक्रम
आयोजकों के अनुसार, बुधवार को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला में भी विशेष विदाई और जनाजे के कार्यक्रम होंगे। इससे पहले शुक्रवार को दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, राजनयिक और धार्मिक नेता तेहरान पहुंचे और खामेनेई को श्रद्धांजलि दी।
एक करोड़ से ज्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, जनाजे में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों समेत एक करोड़ से ज्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। वहीं, न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, यह दिसंबर और जनवरी के विरोध प्रदर्शनों के बाद ईरान में सबसे बड़ा जमावड़ा हो सकता है।