{"_id":"60e5f67d8ebc3eec6e2940d9","slug":"iran-started-uranium-enrichment-and-treaty-talks-will-be-affected-in-vienna","type":"story","status":"publish","title_hn":"बढ़ेगा तनाव: ईरान ने शुरू किया यूरेनियम संवर्धन, प्रभावित होगी विएना में संधि वार्ता","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
बढ़ेगा तनाव: ईरान ने शुरू किया यूरेनियम संवर्धन, प्रभावित होगी विएना में संधि वार्ता
Thu, 08 Jul 2021 12:16 AM IST
Jeet Kumar
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, तेहरान/न्यूयॉर्क।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, तेहरान/न्यूयॉर्क।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 08 Jul 2021 12:16 AM IST
सार
आईएईए के खुलासे के बाद अमेरिका समेत कई देशों ने ईरान की आलोचना की है। ईरान का कहना है कि उसके इस कदम का मकसद शोध क्षेत्र के लिए ईंधन तैयार करने का है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : पिक्साबे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
परमाणु हथियारों पर नजर रखने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी आईएईए ने कहा है कि ईरान ने संवर्धित यूरेनियम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कारण विएना में चल रही परमाणु समझौते की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
विज्ञापन
अमेरिका और यूरोपीय अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान की गतिविधियां अमेरिका के साथ उसकी बातचीत में जटिलता बढ़ाएंगी और दोनों देशों को 2015 में बनी सहमति के स्तर पर वापस लाने में बाधा आ सकती है।
विज्ञापन
बता दें कि 2015 में ओबामा सरकार के वक्त अमेरिका ने ईरान से परमाणु संधि कर ली थी, जिसे ट्रंप सरकार ने खारिज कर दिया था। संधि के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कई तरह की पाबंदियां हैं, जिनके चलते ईरान परमाणु हथियारों के लिए ईंधन तैयार नहीं कर सकता है और बदले में उसे आर्थिक प्रतिबंधों से राहत मिली है।
विज्ञापन
इस बीच, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने संयुक्त बयान में कहा है कि ईरान को यूरेनियम के शोध व उत्पादन की नागरिक जरूरतें नहीं हैं। ऐसे में यह कदम परमाणु हथियार बनाने की दिशा में एक कदम है। तीनों देशों ने ईरान के इस कदम पर नाराजी जताई है।
विएना में वार्ता पर लौटने का आग्रह
ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) ने ईरान से विएना में बातचीत के लिए लौटने का आग्रह किया। यह वार्ता 20 जून को स्थगित होने के बाद अब तक नए दौर की तारीखें तय नहीं कर पाई है। अमेरिका ने कहा है कि वह बातचीत शुरू करने के लिए कोई समयसीमा तय नहीं करना चाहता लेकिन ईरान की गतिविधियों का उसके बातचीत में लौटने के फैसले पर असर पड़ सकता है।