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क्या ईरान पर सैन्य कार्रवाई करेगा अमेरिका?: ट्रंप और डेमोक्रेट्स के बीच बढ़े मतभेद; सांसदों ने रखी यह मांग
Thu, 26 Feb 2026 11:20 PM IST
Nirmal Kant
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
Published by: Nirmal Kant
Updated Thu, 26 Feb 2026 11:20 PM IST
सार
अमेरिका में ईरान को लेकर राजनीतिक मतभेद और गहरा गए हैं। रिपब्लिकन सदस्यों का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख देश की सुरक्षा और मजबूती के पक्ष में है, जबकि डेमोक्रेट्स चाहते हैं कि किसी भी सैन्य कार्रवाई पर पहले कांग्रेस में वोट हो। पढ़ें रिपोर्ट-
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अमेरिकी संसद
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
रिपब्लिकन और डेमोक्रेट पार्टी के नेताओं के बीच गुरुवार को ईरान को लेकर मतभेद और बढ़ गए। सीनेट में बहुमत के नेता जॉन थ्यून ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख का समर्थन किया। जबकि प्रतिनिधि सभा के डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने किसी भी सीमित सैन्य कार्रवाई वाले प्रस्ताव पर वोट कराने की योजना बनाई।
थ्यून ने फॉक्स न्यूज पर कहा, यह राष्ट्रपति सुरक्षित सड़कों, अमेरिकी जनता की जेब में अधिक पैसा और अमेरिकियों के लिए नए अवसर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
विदेश नीति पर उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि राष्ट्रपति हमें अमेरिका के अहम राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए तैयार कर रहे हैं, चाहे वह क्षेत्र में हो या देश में। हम परमाणु संपन्न ईरान को बर्दाश्त नहीं कर सकते। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह बात अपनी कल रात की भाषण में स्पष्ट कर दी थी और मुझे लगता है कि अधिकांश अमेरिकी इससे सहमत हैं।
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थ्यून ने आगे कहा कि अमेरिका के उस क्षेत्र में अहम हित हैं और राष्ट्रपति मजबूती से शांति के लिए काम कर रहे हैं। वह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अमेरिका के पास सही समय पर,सही स्थान और जरूरी संसाधन उपलब्ध हों। उन्होंने कहा, उम्मीद है कि इसकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार होता है, तो शायद कोई समझौता किया जा सकता है।
प्रस्ताव पर वोट कराएंगे डेमोक्रेट्स
इसी बीच, प्रतिनिधि सभा के डेमोक्रेट नेताओं ने घोषणा की कि जब अगले हफ्ते कांग्रेस (संसद) फिर से सत्र के लिए खुलेगी, तो वे द्विपक्षीय खन्ना-मैसी ईरान वॉर पावर्स प्रस्ताव पर वोट कराने को मजबूर करेंगे। डेमोक्रेट नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा, जैसे ही कांग्रेस अगले हफ्ते सत्र के लिए खुलेगी, हम प्रतिनिधि सभा में खन्ना-मैसी वॉर पावर्स प्रस्ताव पर वोट कराने को मजबूर करेंगे।
उन्होंने कहा, यह कानून राष्ट्रपति को कांग्रेस के सामने यह बताने के लिए बाध्य करेगा कि ईरान के खिलाफ सैन्य ताकत का इस्तेमाल क्यों करना है। हम यह मानते हैं कि कांग्रेस की अनुमति और सलाह के बिना कोई भी कार्रवाई असांविधानिक होगी। अगले हफ्ते हर सदस्य के पास यह दर्ज कराने का अवसर होगा कि वे कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान पर सैन्य कार्रवाई का समर्थन करते हैं या नहीं।
डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने क्या कहा?
ये भी पढ़ें: Epstein Files: क्या जेफरी एपस्टीन की गतिविधियों की जानकारी थी? हिलेरी क्लिंटन ने गवाही में कही ये बात
ईरान में मानवाधिकार पर क्या बोले सीनेटर रोजने और मैककॉमिक?
इसी बीच, सीनेटर जैकी रोजेन और डेव मैककॉमिक ने 'द्विपक्षीय ईरान मानवाधिकार, इंटरनेट स्वतंत्रता और जवाबदेही अधिनियम' प्रस्ताव पेश किया। इसका उद्देश्य ईरान पर दबाव बढ़ाना है, जहां इंटरनेट बंद किया जा रहा है और विरोध प्रदर्शन दबाए जा रहे हैं।
रोजेन ने कहा, ईरान के लोग एक दमनकारी शासन के अधीन जीवन बिताने को मजबूर हैं, जिसने सेंसरशिप और इंटरनेट ब्लैकआउट का इस्तेमाल करके अपने लोगों के प्रयासों को कमजोर किया। ईरान का भविष्य उसके लोगों द्वारा तय होना चाहिए, जो अपने अधिकारों की सुरक्षा और सूचना तक मुक्त पहुंच के हकदार हैं।
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थ्यून ने फॉक्स न्यूज पर कहा, यह राष्ट्रपति सुरक्षित सड़कों, अमेरिकी जनता की जेब में अधिक पैसा और अमेरिकियों के लिए नए अवसर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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विदेश नीति पर उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि राष्ट्रपति हमें अमेरिका के अहम राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए तैयार कर रहे हैं, चाहे वह क्षेत्र में हो या देश में। हम परमाणु संपन्न ईरान को बर्दाश्त नहीं कर सकते। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह बात अपनी कल रात की भाषण में स्पष्ट कर दी थी और मुझे लगता है कि अधिकांश अमेरिकी इससे सहमत हैं।
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थ्यून ने आगे कहा कि अमेरिका के उस क्षेत्र में अहम हित हैं और राष्ट्रपति मजबूती से शांति के लिए काम कर रहे हैं। वह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अमेरिका के पास सही समय पर,सही स्थान और जरूरी संसाधन उपलब्ध हों। उन्होंने कहा, उम्मीद है कि इसकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार होता है, तो शायद कोई समझौता किया जा सकता है।
प्रस्ताव पर वोट कराएंगे डेमोक्रेट्स
इसी बीच, प्रतिनिधि सभा के डेमोक्रेट नेताओं ने घोषणा की कि जब अगले हफ्ते कांग्रेस (संसद) फिर से सत्र के लिए खुलेगी, तो वे द्विपक्षीय खन्ना-मैसी ईरान वॉर पावर्स प्रस्ताव पर वोट कराने को मजबूर करेंगे। डेमोक्रेट नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा, जैसे ही कांग्रेस अगले हफ्ते सत्र के लिए खुलेगी, हम प्रतिनिधि सभा में खन्ना-मैसी वॉर पावर्स प्रस्ताव पर वोट कराने को मजबूर करेंगे।
उन्होंने कहा, यह कानून राष्ट्रपति को कांग्रेस के सामने यह बताने के लिए बाध्य करेगा कि ईरान के खिलाफ सैन्य ताकत का इस्तेमाल क्यों करना है। हम यह मानते हैं कि कांग्रेस की अनुमति और सलाह के बिना कोई भी कार्रवाई असांविधानिक होगी। अगले हफ्ते हर सदस्य के पास यह दर्ज कराने का अवसर होगा कि वे कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान पर सैन्य कार्रवाई का समर्थन करते हैं या नहीं।
डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने क्या कहा?
- सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने कहा कि प्रशासन को ईरान पर अपनी स्पष्ट नीति बतानी चाहिए, क्योंकि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी जिनेवा में वार्ता कर रहे हैं।
- शूमर ने सीनेट में कहा कि प्रशासन को स्पष्ट बताना चाहिए कि ईरान में उनका लक्ष्य क्या है।
- उन्होंने कहा, मैंने हमेशा कहा है कि ईरान का सामना करना और उसके परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकना रणनीति, स्पष्टता और पारदर्शिता की मांग करता है।
- उन्होंने कहा कि अब तक हमें प्रशासन की ओर से कुछ भी स्पष्टता नहीं मिली। अमेरिकी जनता को जवाब मिलने चाहिए।
ये भी पढ़ें: Epstein Files: क्या जेफरी एपस्टीन की गतिविधियों की जानकारी थी? हिलेरी क्लिंटन ने गवाही में कही ये बात
ईरान में मानवाधिकार पर क्या बोले सीनेटर रोजने और मैककॉमिक?
इसी बीच, सीनेटर जैकी रोजेन और डेव मैककॉमिक ने 'द्विपक्षीय ईरान मानवाधिकार, इंटरनेट स्वतंत्रता और जवाबदेही अधिनियम' प्रस्ताव पेश किया। इसका उद्देश्य ईरान पर दबाव बढ़ाना है, जहां इंटरनेट बंद किया जा रहा है और विरोध प्रदर्शन दबाए जा रहे हैं।
रोजेन ने कहा, ईरान के लोग एक दमनकारी शासन के अधीन जीवन बिताने को मजबूर हैं, जिसने सेंसरशिप और इंटरनेट ब्लैकआउट का इस्तेमाल करके अपने लोगों के प्रयासों को कमजोर किया। ईरान का भविष्य उसके लोगों द्वारा तय होना चाहिए, जो अपने अधिकारों की सुरक्षा और सूचना तक मुक्त पहुंच के हकदार हैं।
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