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अमेरिकी हमलों से फिर दहला ईरान: ट्रंप बोले- मृत सैनिकों के सम्मान में की कार्रवाई, होर्मुज पर क्या किया दावा?
Mon, 20 Jul 2026 10:12 AM IST
अमन तिवारी
आईएएनएस, वाशिंगटन
आईएएनएस, वाशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 20 Jul 2026 10:12 AM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने तीन मृत सैनिकों के सम्मान में ईरान पर फिर हमला किया है। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों से ईरान को भारी सैन्य नुकसान हुआ है और अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का नियंत्रण है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर फिर से हमला किया है। यह कार्रवाई उन तीन अमेरिकी सैनिकों के सम्मान में की गई है, जिनकी मौत होने की आशंका है। ट्रंप ने दावा किया कि इस हमले से ईरान को भारी सैन्य नुकसान हुआ है। अब होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। ट्रंप ने एयरफोर्स वन विमान से उतरने के बाद और मरीन वन हेलीकॉप्टर पर सवार होने से पहले व्हाइट हाउस के पत्रकारों से यह बात कही।
ईरान को हुआ भारी नुकसान
मृत सैनिकों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि हमें बहुत बुरा लग रहा है। लेकिन वे महान देशभक्त थे और वे यह सुनिश्चित करने के लिए लड़ रहे थे कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान को बहुत बुरी तरह नुकसान पहुंचा है। सैन्य रूप से उसने लगभग सब कुछ खो दिया है। अब उसके पास बहुत कम चीजें बची हैं। उसके पास कुछ मिसाइलें, कुछ ड्रोन और थोड़ी-बहुत निर्माण क्षमता ही बची है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का दावा
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अमेरिका का नियंत्रण है। इस मार्ग से दुनिया के तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। ट्रंप ने कहा कि हम इस मार्ग को नियंत्रित करते हैं, वे कुछ भी नियंत्रित नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि हमने आज रात उन पर फिर से बहुत कड़ा हमला किया है। यह हमला तीन महान देशभक्तों के सम्मान में किया गया है। हालांकि, ट्रंप ने इन सैनिकों की पहचान या उनकी मौत की परिस्थितियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
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पत्रकारों ने ट्रंप से एयरफोर्स वन के रूप में इस्तेमाल होने वाले कतर के विमान और उसकी मिसाइल सुरक्षा प्रणाली के बारे में भी सवाल पूछा। इस पर ट्रंप ने कहा कि इस विमान में बहुत सारी क्षमताएं हैं। उन्होंने बताया कि लगभग एक महीने में इस विमान को पूरी तरह से तैयार (मैक्स आउट) करने के लिए भेजा जाएगा। इस काम में करीब एक महीने का समय लगेगा।
ये भी पढ़ें: Uday Ruddaraju: कौन हैं उदय रुद्दाराजू? जो बने OpenAI के नए CTO; जानें क्यों छोड़ दी एलन मस्क की xAI कंपनी
कनाडा के जंगलों की आग पर चिंता
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से भी बात की है। उन्होंने कनाडा के जंगलों की आग से उठने वाले धुएं के अमेरिका में आने पर चिंता जताई। ट्रंप ने कहा कि मैंने उनसे कहा है कि आपको इस आग को रोकना होगा, क्योंकि इससे हमारी हवा जहरीली हो रही है। उन्होंने कहा कि मार्क कार्नी के साथ उनके अच्छे संबंध हैं, लेकिन इस आग को रोकना जरूरी है। अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका मदद करेगा। इसके साथ ही ट्रंप ने कहा, कनाडा को हमें नुकसान का भुगतान करना चाहिए या फिर हमें उन पर टैरिफ (शुल्क) लगाना चाहिए। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या वर्ल्ड कप में जीत के बाद स्पेन के साथ उनके तनावपूर्ण संबंध हैं, तो ट्रंप ने जवाब दिया 'नहीं, मुझे कोई तनाव नहीं है। मेरा किसी के साथ कोई तनाव नहीं है।'
बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग है। यहां किसी भी सैन्य टकराव से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका असर भारत समेत कई तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ता है।
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ईरान को हुआ भारी नुकसान
मृत सैनिकों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि हमें बहुत बुरा लग रहा है। लेकिन वे महान देशभक्त थे और वे यह सुनिश्चित करने के लिए लड़ रहे थे कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान को बहुत बुरी तरह नुकसान पहुंचा है। सैन्य रूप से उसने लगभग सब कुछ खो दिया है। अब उसके पास बहुत कम चीजें बची हैं। उसके पास कुछ मिसाइलें, कुछ ड्रोन और थोड़ी-बहुत निर्माण क्षमता ही बची है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का दावा
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अमेरिका का नियंत्रण है। इस मार्ग से दुनिया के तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। ट्रंप ने कहा कि हम इस मार्ग को नियंत्रित करते हैं, वे कुछ भी नियंत्रित नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि हमने आज रात उन पर फिर से बहुत कड़ा हमला किया है। यह हमला तीन महान देशभक्तों के सम्मान में किया गया है। हालांकि, ट्रंप ने इन सैनिकों की पहचान या उनकी मौत की परिस्थितियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
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पत्रकारों ने ट्रंप से एयरफोर्स वन के रूप में इस्तेमाल होने वाले कतर के विमान और उसकी मिसाइल सुरक्षा प्रणाली के बारे में भी सवाल पूछा। इस पर ट्रंप ने कहा कि इस विमान में बहुत सारी क्षमताएं हैं। उन्होंने बताया कि लगभग एक महीने में इस विमान को पूरी तरह से तैयार (मैक्स आउट) करने के लिए भेजा जाएगा। इस काम में करीब एक महीने का समय लगेगा।
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कनाडा के जंगलों की आग पर चिंता
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से भी बात की है। उन्होंने कनाडा के जंगलों की आग से उठने वाले धुएं के अमेरिका में आने पर चिंता जताई। ट्रंप ने कहा कि मैंने उनसे कहा है कि आपको इस आग को रोकना होगा, क्योंकि इससे हमारी हवा जहरीली हो रही है। उन्होंने कहा कि मार्क कार्नी के साथ उनके अच्छे संबंध हैं, लेकिन इस आग को रोकना जरूरी है। अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका मदद करेगा। इसके साथ ही ट्रंप ने कहा, कनाडा को हमें नुकसान का भुगतान करना चाहिए या फिर हमें उन पर टैरिफ (शुल्क) लगाना चाहिए। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या वर्ल्ड कप में जीत के बाद स्पेन के साथ उनके तनावपूर्ण संबंध हैं, तो ट्रंप ने जवाब दिया 'नहीं, मुझे कोई तनाव नहीं है। मेरा किसी के साथ कोई तनाव नहीं है।'
बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग है। यहां किसी भी सैन्य टकराव से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका असर भारत समेत कई तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ता है।