पिनाराई विजयन का केंद्र से आग्रह, भारतीयों की रिहाई के लिए प्रयास में लाएं तेजी
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केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने रविवार को केंद्र से आग्रह किया कि वह हरमुज जलडमरूमध्य में खाड़ी देश द्वारा जब्त किए गए एक ब्रिटिश झंडे वाले तेल टैंकर में चार केरल सहित भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए हर संभव प्रयास करे। ईरान के रिवॉल्युशनरी गार्ड्स ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में ब्रिटेन के एक टैंकर को जब्त किया है। गार्ड्स ने दावा किया कि यह जब्ती अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के तहत की गई है। गार्ड्स की वेबसाइट सिपाहन्यूज के मुताबिक, होर्मुजगन बंदरगाह और समुद्री संगठन के अनुरोध पर रिवॉल्युशनरी गार्ड्स ने 'स्टेना इम्पीरो' नाम के टैंकर को पकड़ा था। इस टैंकर के चालक दल में कुल 23 सदस्य हैं। जिनमें 18 भारतीयों के अलावा रूस, फिलीपींस और लाटविया के नागरिक भी शामिल हैं।
भारत ने की रिहाई की मांग
भारतीय विदेश मंत्रालय इस मामले में ईरान सरकार से संपर्क बनाए हुए है। भारत ने ईरान से अपने नागरिकों को रिहा करने की अपील की है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार का कहना है, "टैंकर में 18 भारतीय नागरिक सवार थे और नई दिल्ली ईरान सरकार के संपर्क में है। ताकि भारतीय नागरिकों की जल्द रिहाई को सके और उन्हें स्वदेश लाया जा सके।"
वहीं फिलीपींस ने भी कहा है कि उसने ईरान से क्रू में शामिल फिलीपींस के नागरिकों को छोड़ने को कहा है। हालांकि कहा जा रहा है कि ईरान ने सभी सरकारों की अपील को नजरअंदाज कर दिया है।
काले मास्क में आए ईरानी सैनिक
ईरान ने इस घटना का एक वीडियो भी जारी किया है। जिसमें दिख रहा है कि टैंकर को ईरानी गार्ड जब्त कर लेते हैं। वीडियो में ईरानी सैनिक मुंह पर काले रंग के मास्क के साथ दिख रहे हैं। जो हेलिकॉप्टर से टैंकर में सवार होते हैं। इसमें ये भी दिख रहा है कि कई सारी छोटी नावें भी टैंकर को चारों ओर से घेर रही हैं। इस घटना की दो वीडियो बनाई गई हैं। पहली वीडियो स्पीड बोट से बनाई गई है और दूसरी हेलिकॉप्टर से बनाई गई है। इस घटना की ब्रिटेन में काफी निंदा हो रही है।
सहयोगी यूरोपीय देश महत्वपूर्ण जल मार्ग में तनाव को दूर करने पर जोर दे रहे हैं। ब्रिटेन के विदेश सचिव जेरेमी हंट ने कहा कि ब्रिटेन की प्रतिक्रिया पर "विचार किया जाएगा, जो कि मजबूत होगी।" हंट ने शनिवार को ट्विटर पर कहा है कि उन्होंने अपने ईरानी समकक्ष से बात की थी, जिसमें उन्होंने कहा कि वह तनाव कम करना चाहते हैं। लेकिन इसके निपरीत व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश टैंकर को सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
ब्रिटेन के साथ भी बढ़ रहा तनाव
ब्रिटेन के साथ ईरान के तनाव की शुरुआत इसी महीने हुई थी। ब्रिटिश रॉयल मरीन ने यूरोपीय कानून तोड़ने का आरोप लगाते हुए ईरान के एक टैंकर 'ग्रेस' को जिब्राल्टर से जब्त कर लिया था। बताया गया कि ये टैंकर तेल लेकर सीरिया जा रहा था। जिसके बाद ईरान ने भी ब्रिटेन को उसका तेल टैंकर जब्त करने की धमकी दी थी।
ईरानी शिप ने 10 जुलाई को एक टैंकर को जब्त करने की कोशिश भी की, लेकिन उसके साथ कुछ ब्रिटिश युद्धपोत होने के कारण उसे पीछे हटना पड़ा। हालांकि ईरान ने बाद में ऐसी किसी भी कोशिश से इनकार कर दिया था। इस घटना के बाद से अब ईरान के रिश्ते केवल अमेरिका ही नहीं बल्कि ब्रिटेन के साथ भी बिगड़ते हुए दिख रहे हैं। नाटो का कहना है कि ये जलमार्ग आजादी से आने-जाने पर प्रतिबंध की तरह है।