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ईरान को मिला जेडी वेंस का शांति प्रस्ताव: लेकिन जवाब देने से बच रहा तेहरान; क्या थमेगा अमेरिका से युद्ध?
Fri, 30 Oct 2026 04:10 AM IST
राकेश कुमार
एएनआई, तेहरान।
एएनआई, तेहरान।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 30 Oct 2026 04:10 AM IST
सार
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई को पत्र भेजा है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, तेहरान को पत्र मिल गया है, लेकिन उसने अभी तक जवाब नहीं दिया है। दोनों देशों के बीच बातचीत का उद्देश्य युद्ध रोकने की संभावनाएं तलाशना है। वहीं, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अमेरिका के सामने सात शर्तें रखी हैं।
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जेडी वेंस, अमेरिकी उपराष्ट्रपति
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को रोकने के लिए एक बार फिर बातचीत की कोशिश शुरू हुई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को एक पत्र भेजा है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, तेहरान को यह पत्र मिल चुका है, लेकिन उसने अभी तक इसका जवाब नहीं दिया है। समाचार एजेंसी तस्नीम ने एक सूत्र के हवाले से कहा, 'ईरान को पत्र मिल गया है, लेकिन उसने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।'
जेडी वेंस ने किसे और क्यों भेजा पत्र?
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की बुधवार की रिपोर्ट के मुताबिक, जेडी वेंस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई को पत्र भेजा है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू करना और अमेरिका की ओर से आगे होने वाले सैन्य हमलों को रोकने की संभावनाएं तलाशना है। हालांकि, अभी बातचीत किसी ठोस शांति समझौते की शर्तों पर नहीं, बल्कि वार्ता का ढांचा तैयार करने पर केंद्रित है।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध कब और कैसे शुरू हुआ?
दोनों देशों के बीच युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था। उस दिन अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की।
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होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर इतना तनाव क्यों है?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल खपत का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस रास्ते पर पाबंदियों का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के तेल कारोबार पर भी पड़ता है। युद्ध खत्म कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोशिशें जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका है।
होर्मुज का रास्ता खोलने के लिए ईरान ने क्या शर्तें रखी हैं?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को कहा कि युद्ध खत्म करने और समुद्री रास्ते को दोबारा खोलने के प्रस्ताव पर मध्यस्थों के साथ बातचीत चल रही है। हालांकि, तेहरान का कहना है कि अमेरिका को उसकी सात शर्तें माननी होंगी। इनमें प्रमुख रूप से ये मांगें शामिल हैं:-
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जेडी वेंस ने किसे और क्यों भेजा पत्र?
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की बुधवार की रिपोर्ट के मुताबिक, जेडी वेंस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई को पत्र भेजा है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू करना और अमेरिका की ओर से आगे होने वाले सैन्य हमलों को रोकने की संभावनाएं तलाशना है। हालांकि, अभी बातचीत किसी ठोस शांति समझौते की शर्तों पर नहीं, बल्कि वार्ता का ढांचा तैयार करने पर केंद्रित है।
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अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध कब और कैसे शुरू हुआ?
दोनों देशों के बीच युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था। उस दिन अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की।
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- ईरान ने इस्राइल और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
- तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही पर सख्त पाबंदियां लगा दीं। जवाब में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर इतना तनाव क्यों है?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल खपत का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस रास्ते पर पाबंदियों का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के तेल कारोबार पर भी पड़ता है। युद्ध खत्म कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोशिशें जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका है।
होर्मुज का रास्ता खोलने के लिए ईरान ने क्या शर्तें रखी हैं?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को कहा कि युद्ध खत्म करने और समुद्री रास्ते को दोबारा खोलने के प्रस्ताव पर मध्यस्थों के साथ बातचीत चल रही है। हालांकि, तेहरान का कहना है कि अमेरिका को उसकी सात शर्तें माननी होंगी। इनमें प्रमुख रूप से ये मांगें शामिल हैं:-
- पूरे क्षेत्र में युद्धविराम लागू किया जाए और विदेशों में जमा ईरान की संपत्तियों पर लगी रोक हटाई जाए।
- ईरान के तेल उद्योग पर लगे आर्थिक प्रतिबंध खत्म किए जाएं और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी तत्काल हटाई जाए।
- तस्नीम के मुताबिक, ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसके तय किए गए सख्त ढांचे को कमजोर करने वाली कोई भी स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी।