फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   iran proposal strait of hormuz reopening us response white house meeting west asia tensions

Peace Talks: ईरान होर्मुज खोलने को तैयार, अमेरिका के सामने रखी ये शर्तें; ट्रंप ने सुरक्षा टीम के साथ की बैठक

Tue, 28 Apr 2026 12:44 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: अमन तिवारी Updated Tue, 28 Apr 2026 12:44 AM IST
सार

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु चर्चा बाद में करने का प्रस्ताव दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पर अपनी सुरक्षा टीम के साथ चर्चा की। इस बीच व्हाइट हाउस ने कहा कि ईरान के लिए उनकी शर्तें बिल्कुल साफ हैं। 

विज्ञापन
iran proposal strait of hormuz reopening us response white house meeting west asia tensions
कैरोलिन लेविट, अमेरिकी व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में ईरान के उस ताजा प्रस्ताव पर चर्चा हुई जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की बात कही गई है। हालांकि ईरान ने इसके बदले में उस पर लगी आर्थिक पाबंदियां हटानी की शर्त रखी है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। हालांकि ट्रंप इसे मानने के मूड में नहीं दिख रहे है।
विज्ञापन


व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
इस बीच व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने मीडिया वार्ता में बताया कि ट्रंप इस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बैठक के नतीजे पर पहले से कुछ भी कहने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति खुद जल्द ही इस विषय पर जानकारी देंगे।
विज्ञापन


मार्को रुबियो ने क्या कहा?
इससे पहले, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फॉक्स न्यूज को बताया कि ईरानी वार्ताकार अमेरिका के साथ समझौता करने को लेकर गंभीर दिख रहे हैं। वे खुद को मौजूदा मुश्किलों से बाहर निकालना चाहते हैं। हालांकि, वे इसके जरिए सिर्फ और समय हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। रुबियो ने ईरान की आंतरिक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ईरान का शासन कट्टरपंथी शिया मौलवियों के हाथ में है, जो शांति वार्ता में एक बड़ी बाधा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: ट्रंप सुरक्षा चूक: 'राष्ट्रपति पर तीसरी बार जानलेवा हमला', व्हाइट हाउस ने क्यों किया हिटलर का जिक्र?

रुबियो के अनुसार, ईरान के भीतर दो गुट हैं। एक गुट राजनीतिक वर्ग का है जो देश और अर्थव्यवस्था चलाना चाहता है। दूसरा गुट पूरी तरह धार्मिक विचारधारा से प्रेरित है, जिसमें रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) और सर्वोच्च नेता शामिल हैं। रुबियो के अनुसार, अमेरिकी वार्ताकारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ईरानी प्रतिनिधियों को पहले अपने ही देश के दूसरे गुटों से बात करनी पड़ती है। वे आपस में ही बंटे हुए हैं कि क्या प्रस्ताव देना है और किससे मिलना है।


ईरान के प्रस्ताव पर क्या बोले रुबियो?
वहीं ईरान के प्रस्ताव भेजा था। इसमें कहा गया कि अगर अमेरिका मुख्य बंदरगाहों से नाकाबंदी हटा ले, तो ईरान और अधिक नियंत्रण के लिए तैयार है। परमाणु मुद्दे पर वह बाद के चरणों में बात करना चाहता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते में परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह रोकना जरूरी है। उन्हें शक है कि ईरान केवल समय हासिल करना चाहता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस प्रस्ताव से खुश नहीं हैं। वे पहले परमाणु मुद्दा सुलझाना चाहते हैं।

इस बीच, अमेरिकी प्रशासन ईरान की बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी के असर को सकारात्मक मान रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने समझौते के लिए जो नई शर्तें रखी हैं, वे अभी भी अमेरिका की तय सीमाओं (रेड लाइन्स) से काफी दूर हैं।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed