{"_id":"5f5a99ec8ebc3e439c752e5e","slug":"iran-begins-war-exercise-amid-us-tension","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिकी तनाव के बीच ईरान ने शुरू किया बड़ा युद्धाभ्यास, पनडुब्बी और ड्रोन किए तैनात","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अमेरिकी तनाव के बीच ईरान ने शुरू किया बड़ा युद्धाभ्यास, पनडुब्बी और ड्रोन किए तैनात
Fri, 11 Sep 2020 04:59 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 11 Sep 2020 04:59 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Reuters
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईरान ने अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक में तनाव के बीच होर्मुज के रणनीतिक क्षेत्र के पास तीन दिनी युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है। इस अभ्यास में ईरानी पनडुब्बियों और ड्रोनों को तैनात किया जा रहा है। इसमें नौसेना, वायुसेना और थल सेना की यूनिटें ओमान की खाड़ी के करीब 20 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में भाग ले रही हैं।
विज्ञापन
ईरान के सरकारी टीवी ने इसकी पुष्टि करते हुए युद्धाभ्यास के कमांडर एडमिरल हबीबुल्लाह साय्यारी के हवाले से कहा कि इस ऑपरेशन का मकसद विदेशी खतरों और संभावित किसी भी आक्रमण से निपटने में तत्परता लाना है।
विज्ञापन
सय्यारी की टिप्पणी ईरान-अमेरिकी तनाव के बीच सैन्य संघर्ष के खतरे की तरफ इशारा करती है। ईरान की नौसेना ओमान की खाड़ी में होने वाले सभी अभियानों का आयोजन होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में करती है।
विज्ञापन
यह क्षेत्र तेल के कारोबार के लिए बहुत अहम है। खरीदे गए तेल के 20 फीसदी हिस्से का परिवहन यहां से होकर संचालित होता है। यहां अगस्त महीने में ईरान की नौसेना के कर्मी लाइबेरिया के झंडे वाले तेल के एक टैंकर पर कुछ समय के लिए चढ़ गए थे और उसे हिरासत में ले लिया था।
रूस में संयुक्त सैन्य अभ्यास करेंगे चीन व दूसरे देश
चीन और रूस की सेना इस माह दक्षिणी रूस में होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास में आर्मेनिया, बेलारूस, ईरान, म्यामांर, पाकिस्तान और अन्य देशों शामिल होगी। चीन के रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि ‘कॉकस-2020’ अभ्यास में पहिए वाले वाहन और हल्के हथियार तैनात किए जाएंगे, जिन्हें चीन के नए संस्करण के परिवहन विमान अभ्यास स्थल लेकर जाएंगे। 21 से 26 सितंबर तक चलने वाले इस अभ्यास के दौरान रक्षात्मक रणनीति, घेरेबंदी, युद्धक्षेत्र नियंत्रण और कमान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसका मुख्य मकसद अमेरिकी प्रभाव का सामना करना है।