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इंडोनेशिया: माउंट मेरापी में फटा ज्वालामुखी, लोगों को तीन किमी दायरे से बाहर रहने की सलाह
Tue, 03 Mar 2020 06:41 PM IST
योगेश साहू
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, जकार्ता।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, जकार्ता।
Published by: योगेश साहू
Updated Tue, 03 Mar 2020 06:41 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
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इंडोनेशिया पर सबसे सक्रिय माउंट मेरापी ज्वालामुखी मंगलवार को फट गया और वह बड़े पैमाने पर राख उगल रहा है। राख का मलवा (गुबार) 6,000 मीटर तक की ऊंचाई तक जा रहा है। आसपास के गांव धूल और धुएं से भर गए हैं। ज्वालामुखी से निकली राख मिली रेत दिन भर आसमान से 10 किलोमीटर दूर तक बरसती रही। इसे देखते हुए पास के हवाई अड्डे बंद कर दिए गए हैं।
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यह ज्वालामुखी सबसे ज्यादा सक्रिय था। अधिकारियों ने ज्वालामुखी पर चेतावनी के स्तर में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन उन्होंने कुछ समय के लिए ज्वालामुखी केंद्र से 40 किलोमीटर दूर स्थित सोलो शहर का हवाई अड्डा बंद कर दिया। इंडोनेशियाई एजेंसी ने लोगों से माउंट मेरापी के तीन किलोमीटर के दायरे से बाहर रहने को कहा है।
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इस इलाके को निषेधात्मक क्षेत्र घोषित कर दिया गया है और लोगों को ज्वालामुखी से निकलने वाले लावा और गर्म गैसों व ज्वालामुखी से निकलने वाले टुकड़ों से दूर रहने को कहा गया है। माउंट मेरापी ज्वालामुखी पिछली बार 2010 में फटा था और उसकी वजह से 300 लोग मारे गए थे।
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पांच मिनट तक होता रहा शोर
बोयोलाली रिजेंसी के एक निवासी जरमाजी ने बताया कि ज्वालामुखी फटते वक्त कम से कम पांच मिनट तक कड़ाके का शोर होता रहा। इंडोनेशिया 17,000 द्वीपों का देश है और वहां करीब 130 सक्रिय ज्वालामुखी हैं। यह प्रशांत में रिंग ऑफ फायर पर स्थित है जो भौगोलिक अस्थिरता वाला बड़ा इलाका है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव से नियमित भूकंप होते रहते हैं और ज्वालामुखी सक्रिय रहते हैं।
- सोलो हवाई अड्डा कुछ समय के लिए बंद
- 6,000 मीटर की ऊंचाई तक उठा राख का गुबार
- 10 किमी दूर तक बरसती रही आसमान से रेत मिली राख