जंगली आग से निपटने के लिए इंडोनेशिया ने बढ़ाए 5600 सैनिक
- आग पर जल्द से जल्द काबू पाने के लिए 5600 सैनिकों की और तैनाती
- इंडोनेशिया के करीब 3,28,700 हेक्टेयर वन क्षेत्र में फैल चुकी है आग
- देश में आपातकालीन स्थिति घोषित
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इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने मंगलवार को देश के जंगलों में लगी भयानक आग से प्रभावित हुए क्षेत्रों का दौरा किया। पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया के आसमान पर छाई जहरीले धुएं की गहरी परत से परेशान पड़ोसी देशों की अपील पर उन्होंने आग पर जल्द से जल्द काबू किए जाने के लिए 5600 सैनिकों की और तैनाती कर दी है।
देश के करीब 3,28,700 हेक्टेयर वन क्षेत्र में फैल चुकी आग पर काबू पाने के लिए नौ हजार लोग पहले ही जुटे हुए हैं। रियाऊ राज्य के जंगलों में लगी आग में करीब 50 हजार हेक्टेयर वन अभी तक जलकर खाक हो चुके हैं। देश में इसके चलते आपातकालीन स्थिति घोषित की गई है।
राष्ट्रपति जोको विडोडो ने मंगलवार को वहां पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों को जहरीले धुएं पर नियंत्रण करने के लिए प्रेरित किया। हालांकि, विडोडो ने रियाऊ राज्य की राजधानी पेकानबारू में मीडिया से बातचीत के दौरान आग के शुरुआत में ही उस पर काबू नहीं पाने के लिए स्थानीय अधिकारियों की आलोचना भी की। उन्होंने आग पर काबू पाने के लिए 5600 सैनिकों की अतिरिक्त तैनाती करने की जानकारी भी दी। साथ ही बताया कि छह राज्यों में फैल चुकी आग पर कृत्रिम बारिश के जरिए काबू पाने के लिए 52 हेलिकॉप्टर अभी तक 2.63 करोड़ लीटर पानी और 164 टन नमक का छिड़काव कर चुके हैं।
बता दें कि, इंडोनेशिया में हर साल बड़े पैमाने पर लगने वाली जंगली आग के कारण पड़ोसी देशों मलेशिया और सिंगापुर समेत पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में जहरीली हवा फैल जाती है। आमतौर पर यह आग पुरानी फसल के अवशेषों को जलाकर हटाने की कोशिश के कारण लगती है। इससे पहले इंडोनेशिया में आग की इतनी भयावह स्थिति 2015 में देखी गई थी, उस वक्त करीब 26 लाख हेक्टेयर वन पूरी तरह जलकर तबाह हो गए थे।
दृश्यता में कमी के कारण विमानों की आवाजाही प्रभावित
आग से निकले भयानक काले धुएं के कारण इंडोनेशिया और पड़ोसी देश मलेशिया के कुछ हिस्सों में कम दृश्यता का वातावरण बन गया है। इसके चलते दोनों देशों के बहुत सारे एयरपोर्ट पर विमानों की उड़ान में देरी हो रही है। इसके अलावा कई जगह स्कूल भी बंद करने पड़े हैं।
बन रही है मौत का कारण
- दक्षिण-पूर्व एशिया में एक लाख से ज्यादा लोग इंडोनेशिया में हर साल लगने वाली आग के जहरीले धुएं से मर जाते हैं
- विश्व बैंक के आकलन के हिसाब से इंडोनेशिया में आज तक लगी आग में 16 अरब डॉलर का नुकसान
- इंडोनेशियाई आपदा शमन एजेंसी ने देश के छह राज्यों में सोमवार को 2153 हॉटस्पॉट चिह्नित किए थे
- 99 फीसदी हॉटस्पॉट की मौजूदगी का कारण जंगलों में लगने वाली बेकाबू आग को माना गया है