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Hindi News ›   World ›   Indian Workers in US Most Affected During Layoff Season Amidst 195-Year Wait For Green Card

US Layoffs: अमेरिका में कर्मचारियों की छंटनी का सर्वाधिक नुकसान भारतीयों को, दूसरी नौकरी ढूंढ़ने के लिए समय कम

Wed, 23 Nov 2022 06:49 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 23 Nov 2022 06:49 AM IST
सार

एच-1बी वीजाधारक अमेरिका में कानूनी तौर पर सिर्फ दो माह तक ही बेरोजगार रह सकता है जबकि कई वीजाधारक अमेरिका में कई वर्षों से स्थायी नागरिकता के इंतजार में रह रहे हैं। अब उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है क्योंकि उन्हें अमेरिकी प्रतिस्पर्धात्मक श्रम बाजार में हजारों हटाए गए कर्मचारियों के साथ नौकरी ढूंढनी पड़ रही है।

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Indian Workers in US Most Affected During Layoff Season Amidst 195-Year Wait For Green Card
अमेरिका में बड़े पैमाने पर छंटनी से भारतीयों को परेशानी (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अमेरिका में बड़ी संख्या में कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने की कार्रवाई में सबसे ज्यादा भारतीय लोग प्रभावित हुए हैं। अमेरिका में अस्थाई वीजा पर रह रहे कर्मचारियों के लिए दूसरी नौकरी ढूंढ़ने के लिए बेहद कम समय बाकी रह गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यदि ऐसे लोग नई नौकरी तलाशने में जल्द सफल नहीं होते हैं तो उन्हें अमेरिका छोड़ना होगा। उधर, उन्हें प्रायोजित करने वाली कंपनियां भी इस संबंध में सही मार्गदर्शन नहीं दे रही हैं। जबकि टेक इंडस्ट्री लंबे समय तक अपने कर्मियों की जरूरत पूरी करने के लिए कंप्यूटर इंजीनियरिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों के लिए एच-1बी वीजा कार्यक्रम पर निर्भर रही हैं।

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इस तरह, अमेरिकी ग्रीन कार्ड के लिए 195 साल के इंतजार की लंबी कतार के बीच इन छंटनियों से सबसे अधिक भारतीय प्रभावित हुए हैं, जो कई सालों से अमेरिका में रह रहे हैं। ब्लूमबर्ग ने अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा के आंकड़ों के आधार पर आकलन किया है कि अमेजन, लिफ्ट, मेटा, सेल्सफोर्स, स्ट्राइप और ट्विटर ने पिछले तीन सालों में कम से कम 45,000 एच-1बी कर्मियों को प्रायोजित किया है। मेटा और ट्विटर के कर्मचारियों द्वारा कंपाइल की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, इन दो कंपनियों में हुई ताजा छंटनियों में कम से कम 350 प्रवासी प्रभावित हुए हैं।
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दो माह में नौकरी न मिली तो मुश्किल
एच-1बी वीजाधारक अमेरिका में कानूनी तौर पर सिर्फ दो माह तक ही बेरोजगार रह सकता है जबकि कई वीजाधारक अमेरिका में कई वर्षों से स्थायी नागरिकता के इंतजार में रह रहे हैं। अब उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है क्योंकि उन्हें अमेरिकी प्रतिस्पर्धात्मक श्रम बाजार में हजारों हटाए गए कर्मचारियों के साथ नौकरी ढूंढनी पड़ रही है। यदि दो माह में वे नौकरी नहीं ढूंढ पाए तो उनके अमेरिका में रहने का कोई कारण नहीं रह जाएगा। जबकि कुछ भारतीय कर्जदार हैं, कुछ के पास छात्र ऋण है और कुछ के बच्चे स्कूल में हैं।
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बंद भर्ती के बीच छुट्टियां भी मुसीबत
यह ऐसे समय हुआ है जब नौकरी देने वाली बड़ी कंपनियों ने नए कर्मचारियों की भर्ती बंद कर रखी है और अमेरिका में इन दिनों क्रिसमस के चलते अभी से छुट्टियों का सत्र चल रहा है। यहां छुट्टी सत्र में वैसे भी नई भर्तियां भी धीमी हो जाती हैं। नौकरी ढूंढने वाले अब बेबसी में अपने प्रोफेशनल नेटवर्क की ओर रुख कर रहे हैं और कुछ ने लिंक्डइन पर अपील की है। उन्हें जल्द से जल्द एक ऐसी नई कंपनी ढूंढनी होगी जो उन्हें नौकरी देकर उनका वीजा प्रायोजित करे।


कल्पना नहीं की थी, ऐसा भी दिन आएगा, 3500 सहयोगियों के साथ कई को हटाया गया
हाल ही में नौकरी से हटाए एक दर्जन से ज्यादा कामगारों से ब्लूमबर्ग ने चर्चा की। सभी ने पुरानी कंपनी को नाराज करने या अपनी नौकरी की तलाश को खतरे में डालने से बचने के लिए नाम न छापने का आग्रह कर बताया, ऐसे हालात की कल्पना नहीं की थी कि एक दिन सब कुछ पैक करके देश छोड़ने को कहा जाएगा। एक पूर्व 30 वर्षीय ट्विटर डिजाइनर गत 14 वर्षों से अमेरिका में है। लेकिन उसने भावुक होकर बताया कि उसे नवंबर में 3,500 सहयोगियों के साथ कंपनी छोड़ने को कहा गया है।

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