दुनियाभर में पहचान बना रहे हैं भारतीय स्टार्टअप, लगातार बढ़ रही उत्पादों की मांग

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 01 May 2019 04:38 PM IST
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भारतीय स्टार्टअप के बनाए उत्पादों की मांग दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही है। इसका कारण है कि घरेलू स्टार्टअप पश्चिमी देशों में विकसित तकनीक का इस्तेमाल कर उनकी मांग के अनुसार उत्पाद बना रहे हैं। खास बात है कि इनके उत्पादों को वहां काफी पसंद किया जा रहा है और ये वहां से पैसे भी कमा रहे हैं। अमेरिका के भारत केंद्रित एक परामर्श समूह ने यह बात कही है। 
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यूएस-इंडिया स्ट्रेटजिक एंड पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा, 'मुझे लगता है कि भारतीय स्टार्टअप तीसरे चरण में पहुंच रहे हैं।' उन्होंने कहा कि कोडिंग और एम्युलेटिंग जैसे कॉन्सेप्ट भले ही पश्चिमी देशों में विकसित हुए हैं, लेकिन भारतीय स्टार्टअप भी अब इनमें पारंगत हो गए हैं। अब वे ऐसे दौर में हैं, जहां दुनियाभर के लिए सफलतापूर्वक उत्पाद बना रहे हैं।
 
अघी का कहना है कि भारतीय आईटी उद्योग में वर्ष 2000 के बाद तेजी आई। इस दौर में श्रमबल से अधिक कोडिंग को महत्व दिया गया। दूसरे चरण में भारतीय कंपनियां एम्युलेटिंग पर जोर देने लगीं। इस दौरान अमेरिकी में विकसित कॉन्सेप्ट को अपनाया गया। उबर की तर्ज पर ओला और अमेजन के नक्शेकदम पर फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां सामने आईं। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में भी यह देखने को मिला है।
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