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अफगानिस्तान: भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी की हत्या, हिंसाग्रस्त कंधार में कवरेज के दौरान गंवाई जान
Fri, 16 Jul 2021 04:03 PM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 16 Jul 2021 04:03 PM IST
सार
अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी की हत्या कर दी गई है।
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दानिश सिद्दीकी
- फोटो : Twitter
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विस्तार
अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में पुलित्जर पुरस्कार विजेता भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी की हत्या कर दी गई है। अफगानिस्तान के राजदूत फरीद ममुंडजे ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि दानिश सिद्दीकी अफगान सुरक्षा बलों के साथ एक रिपोर्टिंग असाइनमेंट कर रहे थे और उसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई।
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ममुंडजे ने ट्वीट करते हुए लिखा कि गुरुवार रात कंधार में मेरे एक दोस्त दानिश सिद्दीकी की हत्या की दुखद खबर से गहरा दुख हुआ। भारतीय पत्रकार और पुलित्जर पुरस्कार विजेता अफगान सुरक्षा बलों में शामिल थे। मैं उनसे दो हफ्ते पहले उनके काबुल जाने से पहले मिला था। उनके परिवार और संबंधी के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।
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वहीं अफगानिस्तान के टोलो न्यूज चैनल ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सिद्दीकी की हत्या कंधार के स्पिन बोल्डक जिले में की गई थी। हालांकि चैनल ने पूरी जानकारी नहीं दी। जानकारी के अनुसार सिद्दीकी ने हाल ही में एक पुलिसकर्मी को बचाने के लिए अफगान विशेष बलों द्वारा चलाए जा रहे एक मिशन को कवर किया था जिसके बाद से ही वह आतंकवादियों के निशाने पर थे। उनकी रिपोर्ट में अफगान बलों के वाहनों को रॉकेट से निशाना बनाए जाने की ग्राफिक छवियां शामिल थीं।
इससे पहले भी रिपोर्टिंग के दौरान हो गए थे घायल
इससे पहले, सिद्दीकी ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया था कि लड़ाई के दौरान उनकी बांह में छर्रा लगने से वे जख्मी हो गए थे। इसके बाद जब तालिबान लड़ाके स्पिन बोल्डक इलाके में लड़ाई से पीछे हट गए तो उनका इलाज किया गया और वे ठीक हो रहे थे। वहीं एक अफगान कमांडर ने रॉयटर्स को बताया कि जब तालिबान लड़ाके ने फिर से हमला किया तो श्री सिद्दीकी दुकानदारों से बात कर रहे थे।
पुलित्जर पुरस्कार से नवाजे जा चुके हैं दानिश सिद्दीकी
साल 2018 में दानिश सिद्दीकी को पुलित्जर पुरस्कार से नवाजा गया था, ये अवॉर्ड उन्हें रोहिंग्या मामले में कवरेज के लिए मिला था। दानिश सिद्दीकी ने अपने करियर की शुरुआत एक टीवी जर्नलिस्ट के रूप में की थी, बाद में वह फोटो पत्रकार बन गए थे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने दानिश सिद्दीकी के निधन पर शोक जताया। ठाकुर ने कहा कि वह अपने पीछे अपना शानदार काम छोड़ गए हैं।
कंधार में और उसके आसपास भीषण लड़ाई
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दक्षिणी शहर कंधार में और उसके आसपास भीषण लड़ाई की सूचना मिली है। तालिबान ने शहर के पास के प्रमुख जिलों पर कब्जा कर लिया है। इसके अलावा तालिबान द्वारा स्पिन बोल्डक जिले में पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के सीमा से सटे क्षेत्रों पर कब्जा करने के लिए भी भारी हिंसा की जा रही है।
तालिबान ने रेडक्रॉस को सौंपा दानिश सिद्दीकी का शव
कंधार में मारे गए पुलित्जर पुरस्कार विजेता भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी का शव तालिबान ने अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस समिति (आईसीआरसी) को सौंप दिया है। इसकी सूचना भारत को दे दी गई है और भारतीय अधिकारी पत्रकार के शव को वापस लाने के लिए काम कर रहे हैं।