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Scotland: स्कॉटलैंड दुष्कर्म संकट केंद्र से भारतीय CEO का इस्तीफा, महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं सकीं थी जगह
Fri, 13 Sep 2024 08:13 PM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 13 Sep 2024 08:13 PM IST
सार
दुष्कर्म संकट केंद्र के एक पूर्व सदस्य ने एडिनबर्ग केंद्र के सिस्टम और कार्यप्रणाली को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद रोजगार न्यायाधिकरण ने केंद्र की समीक्षा कराई। इसमें केंद्र में काफी खामियां सामने आईं।
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मृदुल वाधवा
- फोटो : एक्स
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विस्तार
स्कॉटलैंड में एडिनबर्ग दुष्कर्म संकट केंद्र (ईआरसीसी) के संचालन में फेल रहने और महिलाओं के लिए जगह सुरक्षित न कर पाने पर केंद्र की भारतीय मूल की ट्रांसजेंडर सीईओ मृदुल वाधवा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दुष्कर्म संकट केंद्र की समीक्षा रिपोर्ट के बाद उन्होंने पद को छोड़ दिया। रिपोर्ट में सामने आया कि सीईओ के तौर पर वाधवा अपने अधिकारों को न तो समझ सकीं और न ही व्यवहार को लेकर पेशेवर मानक तय कर सकीं। इससे केंद्र में महिलाओं के लिए जगह सुरक्षित नहीं की जा सकी।
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दुष्कर्म संकट केंद्र के एक पूर्व सदस्य ने एडिनबर्ग केंद्र के सिस्टम और कार्यप्रणाली को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद रोजगार न्यायाधिकरण ने केंद्र की समीक्षा कराई। इसमें केंद्र में काफी खामियां सामने आईं। कानूनी विशेषज्ञ विकी लिंग ने समीक्षा में पाया कि केंद्र पर पीड़ितों को स्थान नहीं दिया गया। साथ ही महिलाओं के लिए स्थान की सुरक्षा नहीं की सकी। इसके साथ ही सिस्टम, प्रक्रियाओं और दस्तावेज नियंत्रण की खराब समीक्षा और कमजोर शासन की बात भी सामने आई।
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रिपोर्ट में कहा गया था कि केंद्र को अपनी सेवा के भीतर महिला की परिभाषा के संबंध में आरसीएस से सलाह लेनी चाहिए थी। यहां केवल महिलाओं के लिए स्थान और समय की रक्षा की जानी चाहिए और इसे प्रचारित करना चाहिए। मगर चिंता की बात है कि कई महीनों तक केंद्र ने महिलाओं को राष्ट्रीय सेवा मानकों के अनुरूप स्थान उपलब्ध नहीं कराया।
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रिपोर्ट सामने आने के बाद केंद्र के निदेशक मंडल ने कहा कि मृदुल वाधवा और बोर्ड ने फैसला किया है कि ईआरसीसी में नेतृत्व परिवर्तन का यह सही समय है। मृदुल ईआरसीसी के सीईओ के रूप में अपनी भूमिका से हट गईं हैं। नए सीईओ की नियुक्ति उचित समय पर की जाएगी। हम स्वतंत्र समीक्षा की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए उत्कृष्टता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ताकि हम लोगों की आवाज बन सकें। बोर्ड ने माफी मांगते हुए यह बात स्वीकार की उनसे गलतियां हुईं हैं।
वाधवा के इस्तीफे को लेकर महिला अधिकारों की प्रचारक हैरी पॉटर की लेखिका जे के राउलिंग ने कहा कि मृदुल वाधवा एडिनबर्ग रेप क्राइसिस से चली गईं हैं। उन्हें उसी समय बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए था जब उन्होंने कहा था कि जो लोग केवल महिलाओं के लिए स्थान चाहते थे, वे कट्टरपंथी थे। मगर जिन लोगों ने वाधवा को नियुक्त, सक्षम और संरक्षित किया, वे पद पर बने रहेंगे।
स्कॉटिश संसद के सदस्य सू वेबर ने कहा कि दुष्कर्म संकट केंद्रों को पीड़ित महिलाओं के लिए एक सुरक्षित आश्रय प्रदान करना चाहिए। मगर इसे उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय ईआरसीसी कर्मचारियों और संकटग्रस्त पीड़ितों पर अपनी उग्र विचारधारा को थोपने में अधिक चिंतित है।