{"_id":"62b757add9ba9d3d52407005","slug":"indian-origin-syed-abdi-elected-deputy-mayor-in-england","type":"story","status":"publish","title_hn":"Britain: इंग्लेंड में भारतवंशी आब्दी बने डिप्टी मेयर, मूल रूप से रहने वाले उत्तर प्रदेश के, जानें कहां से की पढ़ाई","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Britain: इंग्लेंड में भारतवंशी आब्दी बने डिप्टी मेयर, मूल रूप से रहने वाले उत्तर प्रदेश के, जानें कहां से की पढ़ाई
Sun, 26 Jun 2022 12:15 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, लंदन।
एजेंसी, लंदन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 26 Jun 2022 12:15 AM IST
सार
सैयद आब्दी 1980 में ब्रिटेन गए और तब से अपने परिवार के साथ वहीं रहते हैं। हालांकि रिश्तेदारों और बहन के यहां उनका आना-जाना लगा रहता है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंग्लैंड के शहर एल्बम्स में भारतवंशी सैयद आब्दी वर्ष 2022 और 2023 के लिए डिप्टी मेयर चुने गए हैं। सैयद आब्दी का जन्म उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ। उनका परिवार मूल रूप से जौनपुर के गांव बड़ागांव का रहने वाला है। 1975 में उनका परिवार लखनऊ आ गया था। उनकी बहन का परिवार और अन्य रिश्तेदार अब भी वहां रहते हैं। वह 1980 में ब्रिटेन गए और तब से अपने परिवार के साथ वहीं रहते हैं। हालांकि रिश्तेदारों और बहन के यहां उनका आना-जाना लगा रहता है।
विज्ञापन
सैयद आब्दी की बहन के बेटे फैजी ने बताया, उनके मामा की पढ़ाई लखनऊ में शुरू हुई। इसके बाद वह पढ़ने के लिए दिल्ली गए और फिर अलीगढ़। अलीगढ़ यूनिवर्सिटी से उन्होंने रसायन विज्ञान में एमएससी की।
विज्ञापन
इसके बाद 1980 में उन्हें ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय में नौकरी मिल गई। इसी साल वह परिवार के साथ ब्रिटेन चले गए। विदेश मंत्रालय में उन्हें ट्रेजरी और प्रधानमंत्री आवास समेत विभिन्न स्थानों पर 30 साल से अधिक समय तक काम करने का अवसर मिला। वह संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य देशों में भी पोस्टिंग पर गए।
विज्ञापन
सेवानिवृत्ति के बाद सियासत में आए
सैयद आब्दी 30 वर्ष से अधिक समय से पार्क स्ट्रीट में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद वह राजनीति में सक्रिय हुए और सबसे पहले पार्षद बने। इसके बाद राजनीति में उनका सिक्का जम गया और अब वह डिप्टी मेयर जैसे बड़े पद पर पहुंच गए हैं।