{"_id":"68513ee194265af27e0d2be2","slug":"indian-origin-suspects-among-18-arrested-in-towing-racket-in-canada-news-in-hindi-2025-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Canada: कनाडा में टोइंग रैकेट का भंडाफोड़, 18 गिरफ्तार, ज्यादातर भारतीय मूल के; 4.2 मिलियन कनाडाई डॉलर बरामद","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Canada: कनाडा में टोइंग रैकेट का भंडाफोड़, 18 गिरफ्तार, ज्यादातर भारतीय मूल के; 4.2 मिलियन कनाडाई डॉलर बरामद
Tue, 17 Jun 2025 03:39 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोरंटो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोरंटो
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 17 Jun 2025 03:39 PM IST
सार
टोइंग रैकेट के मामले में गिरफ्तारी परओंटारियो के सॉलिसिटर जनरल माइकल केर्जनर ने कहा, 'प्रोजेक्ट आउटसोर्स की सफलता एक स्पष्ट संदेश देती है – जो भी गिरोह हिंसा, डर और धोखाधड़ी के जरिए समुदाय को निशाना बनाएंगे, उन्हें खोजा जाएगा और खत्म किया जाएगा।'
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कनाडा के ओंटारियो प्रांत में पुलिस ने टोइंग (वाहन खींचने) से जुड़े एक संगठित आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से ज्यादातर भारतीय मूल के बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इनके पास से 42 लाख कनाडाई डॉलर (करीब 26 करोड़ रुपये) से ज्यादा की संपत्ति भी जब्त की है। जानकारी के मुताबिक, पील रीजनल पुलिस ने यह कार्रवाई एक संयुक्त अभियान 'प्रोजेक्ट आउटसोर्स' के तहत की। गिरफ्तार किए गए लोगों में 17 पुरुष और 1 महिला शामिल है। महिला का नाम हालेह जावादी तोराबी है, जो किंग सिटी की रहने वाली है। बाकी सभी पुरुष ब्रैम्पटन शहर के निवासी हैं।
यह भी पढ़ें - Donald Trump: 'युद्ध विराम से कोई लेना-देना नहीं, मुझे इससे कहीं ज्यादा जरूरी काम', G7 से अचानक लौटने पर ट्रंप
कौन-कौन किया गया गिरफ्तार?
पील पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी में इंदरजीत ढामी, परितोष चोपड़ा, गुरबिंदर सिंह, कुलविंदर पुरी, परमिंदर पुरी, इंदरजीत बल, वरुण औल, केतन चोपड़ा, नॉर्मन तज़ेहकंद, पवनदीप सिंह, दीपांशु गर्ग, राहुल वर्मा, करण बोपाराय, मनकीरत बोपाराय, सिमर बोपाराय, जोवन सिंह और अभिनव भारद्वाज शामिल है। इन सभी की उम्र 21 से 38 वर्ष के बीच है।
विज्ञापन
गिरफ्तार लोगों पर 97 आपराधिक आरोप
पुलिस की तरफ से गिरफ्तार किए गए इन सभी लोगों कुल 97 आरोप लगे हैं, जिनमें आपराधिक संगठन चलाना, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, हथियार रखना और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। इनमें से तीन लोगों को बाद में कोर्ट में पेश होने के लिए छोड़ा गया, जबकि 15 लोगों को तुरंत जमानत सुनवाई के लिए कोर्ट भेजा गया।
टोइंग उद्योग की आड़ में अपराध
पुलिस जांच के अनुसार, ये लोग दो हिस्सों में काम कर रहे थे – एक समूह जबरन वसूली और हिंसा में शामिल था, जबकि दूसरा टोइंग उद्योग से जुड़ा था। ये लोग फर्जी एक्सीडेंट करके बीमा कंपनियों से धोखाधड़ी करते थे और हथियारों व धमकियों के जरिए स्थानीय टोइंग व्यवसाय पर कब्जा जमाने की कोशिश करते थे। इनके कुछ टोइंग व्यवसायों के नाम सर्टिफाइड रोडसाइड और हम्बल रोडसाइड बताए गए हैं।
यह भी पढ़ें - Gaza: गाजा में मदद लेकर आ रहे ट्रकों का इंतजार करते समय 45 फलस्तीनियों की मौत; स्वास्थ्य अधिकारियों का दावा
पुलिस और सरकार की प्रतिक्रिया
पील पुलिस प्रमुख ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से लगभग आधे पहले से ही किसी न किसी जमानत पर थे। उन्होंने दोहराया कि ऐसे दोबारा अपराध करने वालों के लिए जमानत कानून में सुधार जरूरी है। वहीं पिछले कुछ समय से पील क्षेत्र में दक्षिण एशियाई व्यापारियों को निशाना बनाकर जबरन वसूली की घटनाएं बढ़ी हैं। इसमें पैसे की मांग, धमकियां और गोलीबारी जैसी घटनाएं भी शामिल हैं। इन घटनाओं के चलते पुलिस ने दिसंबर 2023 में एक विशेष टास्क फोर्स बनाई थी।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Donald Trump: 'युद्ध विराम से कोई लेना-देना नहीं, मुझे इससे कहीं ज्यादा जरूरी काम', G7 से अचानक लौटने पर ट्रंप
विज्ञापन
कौन-कौन किया गया गिरफ्तार?
पील पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी में इंदरजीत ढामी, परितोष चोपड़ा, गुरबिंदर सिंह, कुलविंदर पुरी, परमिंदर पुरी, इंदरजीत बल, वरुण औल, केतन चोपड़ा, नॉर्मन तज़ेहकंद, पवनदीप सिंह, दीपांशु गर्ग, राहुल वर्मा, करण बोपाराय, मनकीरत बोपाराय, सिमर बोपाराय, जोवन सिंह और अभिनव भारद्वाज शामिल है। इन सभी की उम्र 21 से 38 वर्ष के बीच है।
विज्ञापन
गिरफ्तार लोगों पर 97 आपराधिक आरोप
पुलिस की तरफ से गिरफ्तार किए गए इन सभी लोगों कुल 97 आरोप लगे हैं, जिनमें आपराधिक संगठन चलाना, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, हथियार रखना और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। इनमें से तीन लोगों को बाद में कोर्ट में पेश होने के लिए छोड़ा गया, जबकि 15 लोगों को तुरंत जमानत सुनवाई के लिए कोर्ट भेजा गया।
टोइंग उद्योग की आड़ में अपराध
पुलिस जांच के अनुसार, ये लोग दो हिस्सों में काम कर रहे थे – एक समूह जबरन वसूली और हिंसा में शामिल था, जबकि दूसरा टोइंग उद्योग से जुड़ा था। ये लोग फर्जी एक्सीडेंट करके बीमा कंपनियों से धोखाधड़ी करते थे और हथियारों व धमकियों के जरिए स्थानीय टोइंग व्यवसाय पर कब्जा जमाने की कोशिश करते थे। इनके कुछ टोइंग व्यवसायों के नाम सर्टिफाइड रोडसाइड और हम्बल रोडसाइड बताए गए हैं।
यह भी पढ़ें - Gaza: गाजा में मदद लेकर आ रहे ट्रकों का इंतजार करते समय 45 फलस्तीनियों की मौत; स्वास्थ्य अधिकारियों का दावा
पुलिस और सरकार की प्रतिक्रिया
पील पुलिस प्रमुख ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से लगभग आधे पहले से ही किसी न किसी जमानत पर थे। उन्होंने दोहराया कि ऐसे दोबारा अपराध करने वालों के लिए जमानत कानून में सुधार जरूरी है। वहीं पिछले कुछ समय से पील क्षेत्र में दक्षिण एशियाई व्यापारियों को निशाना बनाकर जबरन वसूली की घटनाएं बढ़ी हैं। इसमें पैसे की मांग, धमकियां और गोलीबारी जैसी घटनाएं भी शामिल हैं। इन घटनाओं के चलते पुलिस ने दिसंबर 2023 में एक विशेष टास्क फोर्स बनाई थी।