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भारतीय मूल के डॉ. रितेश टंडन को नासा ने किया सम्मानित
Tue, 20 Aug 2019 09:59 PM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 20 Aug 2019 09:59 PM IST
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नासा (फाइल फोटो)
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नासा ने चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम में मदद करने के लिए भारतीय मूल के डॉ. रितेश टंडन को सम्मानित किया है। रितेश टंडन के अलावा नासा ने 14 और लोगों को सम्मानित किया है। रितेश टंडन अमेरिका में मिसिसिपी मेडिकल सेंटर विश्वविद्यालय में माइक्रोबायोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर हैं।
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डॉ टंडन ने 2000 में उत्तराखंड के पंतनगर की जीबी पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलोजी से पशु चिकित्सा विज्ञान और पशुपालन में स्नातक किया था। स्नातक के तुरंत बाद टंडन जॉर्जिया विश्वविद्यालय, अमेरिका में माइक्रोबायोलॉजी में पीएचडी करने के लिए चले गए थे।
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डॉ टंडन ने अनुसंधान, शिक्षण और सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। डॉ टंडन को हर्पीस वायरस पर उनके शोध के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। वह अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एफएएचए) के सदस्य हैं।
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डॉ टंडन यूएमएमसी में ग्रेजुएट वायरोलॉजी कोर्स का निर्देशन करते हैं और उनकी टीम तीन अन्य माइक्रोबायोलॉजी कोर्स पढ़ाती है। वह एडमिशन एग्जीक्यूटिव कमेटी के एक सक्रिय सदस्य भी हैं, यह कमेटी यूएमएमसी मेडिकल काउंसिल के अंतिम प्रवेश पर फैसला करती है।