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अमेरिकियों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर रही भारतवंशी हिता गुप्ता, लॉकडाउन में बनी बुजुर्गों का सहारा
Sat, 25 Apr 2020 04:56 AM IST
Rajeev Rai
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rajeev Rai
Updated Sat, 25 Apr 2020 04:56 AM IST
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हिता गुप्ता
- फोटो : amar ujala
पंद्रह वर्षीय हिता गुप्ता की आयु में अमेरिकी लड़कियां आमतौर पर कैंडी क्रश खेलती हैं या टीवी देखना पसंद करती हैं। लेकिन हिता लॉकडाउन के चलते नर्सिंग होम में अलग-थलग पड़े बुजुर्गों और बच्चों समेत अकेलेपन में घिरे सैकड़ों अमेरिकियों को तोहफे और प्रेरणादायक पत्र लिखकर उनकी जिंदगियों में रंग भर रही है। उसने भारत के अनाथालयों में भी स्कूल से संबंधित सामान और कार्ड भेजे हैं।
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पेन्सिलवेनिया के कोनेस्टोगा हाई स्कूल की 10वीं कक्षा की यह भारतीय-अमेरिकी छात्रा एक एनजीओ ‘ब्राइटनिंग ए डे’ चलाती है और वह अमेरिका के नर्सिंग होम में रहने वाले खासतौर से वरिष्ठ नागरिकों के बीच प्यार और आशा की किरण जगाने के लिए इसका इस्तेमाल कर रही है। हिता गुप्ता उन्हें हाथ से लिखे पत्र और तोहफे भेज रही है जिसमें पहेलियां और रंग भरने वाली किताबें तथा रंगों वाली पेंसिल का पैकेट होता है।
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उसने ईमेल के जरिए हुई बातचीत में बताया, 'मुझे यह सोचकर दुख होता कि कई नर्सिंग होम में रहने वाले लोग कितना अकेला और तनावग्रस्त महसूस करते होंगे क्योंकि वे अपने प्रियजन से नहीं मिल सकते। हमारे बुजुर्ग पहले से ही अकेले हैं। एक अध्ययन में पता चला कि 40 फीसदी से ज्यादा बुजुर्ग रोज अकेलापन महसूस करते हैं। उसके तोहफे के साथ नौ वर्षीय भाई दिवित गुप्ता का पत्र भी होता है।'
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