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UK: नॉर्थ वेल्स में 50 से ज्यादा भारतीय छात्रों के आधुनिक गुलाम बनने की आशंका, उच्चायोग ने जताई चिंता

Fri, 10 Feb 2023 06:48 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 10 Feb 2023 06:48 PM IST
सार

उच्चायोग ने एक ट्वीट में कहा, "हम इस खबर को पढ़कर चिंतित हैं। जिन भारतीयों को इसका सामना करना पड़ रहा है, कृपया pol3.london@mea.gov.in पर हमसे संपर्क करें और हम मदद या सलाह देंगे।"

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Indian mission reaches out to students after modern slavery fears in UK
लंदन में भारतीय उच्चायोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नॉर्थ वेल्स के केयर होम्स (देखभाल घर) में पचास से ज्यादा छात्रों के आधुनिक गुलामी का शिकार होने की आशंका है। इसको लेकर भारतीय उच्चायोग ने चिंता जताई है। उच्चायोग ने छात्रों को मदद और परामर्श के लिए मिशन से संपर्क करने की अपील की। 

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'गैंगमास्टर्स एंड लेबर एब्यूज अथॉरिटी' (जीएलएलए) ने इस हफ्ते की शुरुआत में बताया था कि वह श्रम शोषण के पांच आरोपियों के खिलाफ कोर्ट का आदेश हासिल करने में सफल रही है। जीएलएलए श्रम शोषण की जांच करने वाली ब्रिटिश एजेंसी है। जीएलएलए ने कहा कि उसने बीते 14 महीनों में पचास से ज्यादा भारतीय छात्रों की पहचान की है, जिनके आधुनिक गुलामी और श्रम शोषण के पीड़ित होने की संभावना है। 
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उच्चायोग ने एक ट्वीट में कहा, "हम इस खबर को पढ़कर चिंतित हैं। जिन भारतीयों को इसका सामना करना पड़ रहा है, कृपया pol3.london@mea.gov.in पर हमसे संपर्क करें और हम मदद या सलाह देंगे।" उच्चायोग ने आगे कहा, हम आपको अपनी प्रतिक्रिया में गोपनीयता आश्वासन देते हैं। 
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पांच लोगों पर नॉर्थ वेल्स में केयर होम्स में काम करने वाले कमजोर तबके के भारतीय छात्रों की भर्ती और शोषण कराने का संदेह है। उन्हें गुलामी और तस्करी जोखिम आदेश (एसटीआरओ) सौंपा गया है। जिन पांच लोगों को यह आदेश सौंपा गया है उनमें मैथ्यू इसाक (32 वर्षीय), जिनू चेरियन (30 वर्षीय), एल्डहोस चेरियन (25 वर्षीय), एल्डहोस कुरियाचन (25 वर्षीय) और जैकब लिजू (47 वर्षीय) शामिल हैं। ये सभी मूल रूप से केरल के रहने वाले हैं। इन्हें दिसंबर 2021 और मई 2022 के बीच गिरफ्तार किया था। इनके खिलाफ जांच जारी है। 

एसटीआरओ आरोपियों पर कई कड़ी शर्तों के साथ आता है, जिसमें उन्हें किसी के लिए काम, परिवहन या यात्रा की व्यवस्था करने से रोकना और किसी भी उचित समय पर जीएलएए को वहां पहुंचने की अनुमति देना शामिल है, जहां वे रह रहे हैं। आदेश का उल्लंघन करना एक अपराध है, जिसमें अधिकतम पांच साल की जेल की सजा हो सकती है।
  
जीएलएलए ने कहा कि इसका और उसकी पत्नी जिनू चेरियरन ने मई 2021 में रजिस्टर्ड भर्ती एजेंसी एलेक्स केयर सॉल्यूशंस के जरिए श्रमिकों की आपूर्ति की थी। तीन महीने बाद 'मॉडर्न स्लेवरी एंड एक्सप्लॉयमेंट हेल्पलाइन' की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि एलेक्सा केयर द्वारा भर्ती किए भारतीय श्रमिकों को सही तरीके से भुगतान नहीं किया जा रहा है या उनका वेतन रोक दिया गया है। 


ब्रिटेन और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत, आधुनिक दासता को एक गंभीर अपराध के रूप में देखा जाता है, जहां पीड़ितों का शोषण किया जाता है, नियंत्रित किया जाता है या बंदी बनाया जाता है, और उन्हें अपराध से बचने या रिपोर्ट करने से रोकने के लिए धमकी दी जाती है या दंडित किया जाता है।

ब्रिटिश पुलिस के अनुसार, आधुनिक गुलामी में मानव तस्करी भी शामिल है, जब पीड़ितों को शोषण के लिए देशों के बीच या किसी देश के आसपास ले जाया जाता है।

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