USA: PM मोदी के स्वागत के लिए उत्साहित हैं भारतीय प्रवासी, बाइडन-मोदी की दोस्ती के गवाह बनेंगे हजारों लोग
अमेरिका के विभिन्न समुदाय के पांच हजार सदस्यों वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में राष्ट्रपति बाइडन द्वारा पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया है। यहां उनकों बंदूकों की सलामी भी दी जाएगी। भव्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कई लोग वाशिंगटन आ रहे हैं।
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अमेरिका में भारतीय प्रवासी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली राजकीय यात्रा और अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र में उनके संबोधन को लेकर काफी उत्साहित है। प्रवासियों की मानें तो उन्हें लगता है कि द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का यह एक बेहतर अवसर होगा। पीएम मोदी यहां रक्षा, व्यापार, उर्जा, अंतरिक्ष सहित कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बता दें, पीएम नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति और प्रथम महिला जिल बाइडन के निमंत्रण पर तीन दिवसीय अमेरिका दौर पर रहेंगे। 21 से 24 जून तक प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के कई बड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
भारतीय प्रवासी काफी उत्साहित हैं
अमेरिका के विभिन्न समुदाय के पांच हजार सदस्यों वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में राष्ट्रपति बाइडन द्वारा पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया है। यहां उनकों बंदूकों की सलामी भी दी जाएगी। भव्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कई लोग वाशिंगटन आ रहे हैं। अमेरिकी नेता गीतेश देसाई ने बताया कि कांग्रेस में संबोधन के लिए आमंत्रित करना दोनों देशों के एतिहासिक महत्व को दर्शाता है। वैश्विक शांति के लिए दोनों देश प्रतिबद्ध हैं। देसाई का कहना है कि दोनों देशों के बीच स्थाई प्रगति और समृद्धि के लिए उर्जा, पर्यावरण और शिक्षा अहम क्षेत्र है।
पीएम ने तीन राष्ट्रपतियों से की मुलाकात
नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में नौ सालों में अमेरिका के तीन राष्ट्रपतियों से मुलाकात की है। इस बार पीएम को रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया गया है। पीएम मोदी दूसरी बार संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। इससे पहले 2016 में पीएम मोदी ने कांग्रेस को संबोधित किया था। इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के संस्थापक जगदीप अहलूवालिया ने बताया कि भारतीय प्रवासी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजकीय दौरे और अमेरिकी कांग्रेस में संयुक्त संबोधन के वजह से काफी रोमांचित हैं। यात्रा भारत में आर्थिक संबंधों और निवेश को मजबूत करने के साथ-साथ दोनों देशों के नेताओं के बीच दोस्ती मजबूत करेगी।
भारत कभी दबाव में नहीं आता
पद्मश्री विजेता काक ने कहा कि राजकीय यात्रा के दौरान, भारत का ध्यान व्यापार पर रहेगा। भारत में टेक कंपनियों द्वारा निवेश की सुविधा होगी। अमेरिका चीन के कारण भारत को अपने पक्ष में करने के लिए समर्थन चाहता है। भारत का रुख हमेशा साफ रहता है, जिस तरह भारत ने रूस का विरोध किया न यूक्रेन के खिलाफ कोई बयान बाजी की। भारत ने रूस, अमेरिका सहित सभी देशों के दबाव से हटकर तीसरा रास्ता अपनाया और शांति स्थापित करने की कोशिश की।