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Terrorism: भारत-अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर की चर्चा, US अधिकारी से राजदूत क्वात्रा की मुलाकात
Mon, 08 Jun 2026 07:43 AM IST
Pavan
पीटीआई, वॉशिंगटन
पीटीआई, वॉशिंगटन
Published by: Pavan
Updated Mon, 08 Jun 2026 07:43 AM IST
सार
भारत राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिकी काउंटर-टेररिज्म अधिकारी सेबेस्टियन गोरका से मुलाकात कर वैश्विक आतंकवाद के खतरों और दोनों देशों के सहयोग पर चर्चा की। बैठक में आतंकवादी संगठनों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई, 26/11 हमले के दोषियों को न्याय दिलाने और सीमा-पार आतंकवाद रोकने पर जोर दिया गया।
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विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिकी अधिकारी से मुलाकात की।
- फोटो : X @AmbVMKwatra
विस्तार
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिका के वरिष्ठ काउंटर-टेररिज्म अधिकारी सेबेस्टियन गोरका से मुलाकात की। इस बैठक में दुनिया भर में बढ़ते आतंकवाद के खतरे और उससे निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। क्वात्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि दोनों देशों ने आतंकवाद से जुड़े खतरों पर अपने-अपने नजरिए साझा किए। साथ ही फरवरी 2025 में भारत और अमेरिका के बीच हुए संयुक्त बयान में तय काउंटर-टेररिज्म सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी बात हुई।
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पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप जता चुके हैं प्रतिबद्धता
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताई थी। दोनों नेताओं ने साफ कहा था कि दुनिया के किसी भी हिस्से में आतंकवाद को पनपने नहीं दिया जाएगा और आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करना जरूरी है।
आतंकी संगठनों से मिलकर निपटने पर दिया गया जोर
संयुक्त बयान में अल-कायदा, आईएसआईएस, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों से मिलकर निपटने पर जोर दिया गया। साथ ही 26/11 मुंबई हमले और अफगानिस्तान के एबी गेट बम धमाके जैसी घटनाओं को दोबारा रोकने के लिए सहयोग बढ़ाने की बात कही गई।
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दोनों देशों ने कई अहम मुद्दों पर जताई थी सहमति
अमेरिका ने 2008 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण का भी एलान किया था। इसके अलावा भारत और अमेरिका ने पाकिस्तान से भी मांग की थी कि वह 26/11 मुंबई हमला और 2016 पठानकोट एयरबेस हमले के दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करे और अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए न होने दे। दोनों देशों ने यह भी तय किया कि वे मिलकर ऐसे खतरनाक हथियारों के फैलाव को रोकेंगे, ताकि ये आतंकियों या गैर-राज्य तत्वों के हाथ न लग सकें।
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Had an engaging conversation with @SebGorka Deputy Assistant to the President & Senior Director for Counterterrorism, National Security Council.
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We shared perspectives on the threats of terrorism, and our counter-terrorism cooperation outlined in India-USA Joint Statement of… pic.twitter.com/lBGewwyrzuविज्ञापन विज्ञापन— Amb Vinay Mohan Kwatra (@AmbVMKwatra) June 7, 2026
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पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप जता चुके हैं प्रतिबद्धता
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताई थी। दोनों नेताओं ने साफ कहा था कि दुनिया के किसी भी हिस्से में आतंकवाद को पनपने नहीं दिया जाएगा और आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करना जरूरी है।
आतंकी संगठनों से मिलकर निपटने पर दिया गया जोर
संयुक्त बयान में अल-कायदा, आईएसआईएस, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों से मिलकर निपटने पर जोर दिया गया। साथ ही 26/11 मुंबई हमले और अफगानिस्तान के एबी गेट बम धमाके जैसी घटनाओं को दोबारा रोकने के लिए सहयोग बढ़ाने की बात कही गई।
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दोनों देशों ने कई अहम मुद्दों पर जताई थी सहमति
अमेरिका ने 2008 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण का भी एलान किया था। इसके अलावा भारत और अमेरिका ने पाकिस्तान से भी मांग की थी कि वह 26/11 मुंबई हमला और 2016 पठानकोट एयरबेस हमले के दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करे और अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए न होने दे। दोनों देशों ने यह भी तय किया कि वे मिलकर ऐसे खतरनाक हथियारों के फैलाव को रोकेंगे, ताकि ये आतंकियों या गैर-राज्य तत्वों के हाथ न लग सकें।