US: ‘रामायण विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के बीच पुल की तरह, इसमें हर वर्ग के लिए शिक्षाएं’, तरणजीत संधू का बयान
कार्यक्रम में थाईलैंड के राजदूत तनी संग्रत भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए एक उत्कृष्ट अवसर है कि मैं यहां आया और रामायण की संस्कृति को साझा कर सका।
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22 जनवरी को राम नगरी अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन होने वाला है। इसे लेकर सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के हिंदुओं में उत्साह है। इस बीच बुधवार को अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू वाशिंगटन डीसी स्थित यूएस कैपिटल हिल में आयोेजित 'रामायण: एशिया एंड बियॉन्ड' कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में थाईलैंड के राजदूत ने भी शिरकत की।
#WATCH | Indian ambassador to the US Taranjit Singh Sandhu attends the event 'Ramayana across Asia and Beyond' at US Capitol Hill in Washington, DC pic.twitter.com/ZZ8W6YgVMf
— ANI (@ANI) January 10, 2024विज्ञापन
रामायण विभिन्न क्षेत्रों तक फैली हुई है
कैपिटल हिल में आयोजित कार्यक्रम में संधू ने कहा कि रामायण विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के बीच एक पुल के रूप में काम करता है। रामायण की कहानियां भारत से कंबोडिया, कंबोडिया से इंडोनेशिया, इंडोनेशिया से थाईलैंड और थाईलैंड से लाओस सहित अन्य क्षेत्रों तक फैली हुईं हैं। यह लोगों को मानवीय रिश्तों की जटिलताओं और अच्छे-बुरे के बीच शाश्वत संघर्ष के बारे में सिखाता है। पीढ़ी दर पीढ़ी रामायण की शिक्षाएं, सबकों और कहानियों का प्रचार-प्रसार हो रहा है, यह बता पाना मुश्किल है कि आखिर कब इसे पहली बार याद किया गया था। ऐसा लगता है कि जैसे इंसान के साथ ही रामायण की शिक्षाएं पैदा हो रही हों।
रामायण में हर वर्ग के लिए शिक्षाएं
उन्होंने आगे बताया कि रामायण मानवीय रिश्तों, शासन, आध्यात्मिकता, धर्म, कर्तव्य, न्याय, बलिदान, वफादारी और जटिलताओं सहित अन्य विषयों के बारे में शिक्षा देता है। मैं व्यक्तिगत रूप से रामायण के इस प्रभाव का गवाह रहा हूं। रामायण हमें मौलिक बातों के बारे में भी बताता है। जैसे कि हम विभिन्न पृष्ठभूमि से जुड़े हुए हैं लेकिन हमारे नैतिक सिद्धांत समान हैं। रामायण में गृहस्थों, परिवारों, नीति निर्माताओं सहित सभी वर्ग के लिए कुछ न कुछ है। समाज के सभी वर्गों के लिए रामायण में शिक्षाएं हैं। रामायण राजनयिकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। रामायण हम राजदूतों को भी शिक्षा देता है।
थाईलैंड के राजदूत भी हुए शामिल#WATCH | Ambassador of Thailand to US Tanee Sangrat says, " It is an excellent occasion for me to come and share the culture that we have on Ramayana..." pic.twitter.com/Y7cRppuuYD
— ANI (@ANI) January 10, 2024
कार्यक्रम में थाईलैंड के राजदूत तनी संग्रत भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए एक उत्कृष्ट अवसर है कि मैं यहां आया और रामायण की संस्कृति को साझा कर सका। कार्यक्रम में पहुंचे भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी थानेदार ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत मायने रखता है। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम है। हर भारतीय को इस पर गर्व करना चाहिए। मैंने मंदिर की तस्वीरें देखी हैं। मंदिर शानदार है।