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Cannes 2022: कान महोत्सव में भारतीय उपमहाद्वीप की फिल्मों ने बढ़ाई शान, आलोचकों और दर्शकों ने खासा सराहा
Thu, 26 May 2022 04:52 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, कान।
एजेंसी, कान।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 26 May 2022 04:52 AM IST
सार
थियेटर साल बुनवेल में भारतीय फिल्मकार शौनक सेन की शानदार डॉक्यूमेंट्री ‘ऑल दैट ब्रीद्स’ का विशेष प्रदर्शन देखने बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। यह दिल्ली के वजीराबाद के दो ऐसे भाइयों की कहानी है, जो पतंग में लगे गैर-कानूनी मांझे से जख्मी हुए परिंदों का इलाज करते हैं।
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cannes 2022
- फोटो : social media
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विस्तार
भारतीय उपमहाद्वीप की फिल्मों ने अपनी सिनेमा शैली की शान कान फिल्म महोत्सव में भी बढ़ाई। पहले पाकिस्तान, फिर भारतीय निर्देशकों की फिल्मों को फिल्मकारों, आलोचकों और दर्शकों ने खासा सराहा है।
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महोत्सव के दो बड़े थियेटरों में शामिल साल डबूसी में पाकिस्तानी फिल्मकार सलीम सादिक की फिल्म जॉयलैंड 1000 दर्शकों की मौजूदगी प्रदर्शित हुई। इसकी कहानी में लाहौर के राणा का संयुक्त परिवार है, जिसका सबसे छोटा बेटा हैदर एक शृंगारित नाट्य समूह का हिस्सा बनता है और एक समलिंगी महिला बीबा से प्रेम कर बैठता है। बीबा की भूमिका अलीना खान ने निभाई, वे खुद भी समलिंगी हैं।
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पाकिस्तानी फैमिली ड्रामा की कलाकार सानिया सईद व सरवत गिलानी भी इसका हिस्सा हैं। जॉयलैंड को आखिरी सांसें गिन रहे पाकिस्तानी सिनेमा के लिए अहम माना जा रहा है। राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक मोर्चों पर बदहाल पाकिस्तान के दकियानूसी समाज में वर्जित विषयों पर बात करती जॉयलैंड राहत के कुछ क्षण लाई है। पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड इसे लेकर क्या प्रतिक्रिया देता है, देखना रोचक होगा।
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भारत की ‘ऑल दैट ब्रीद्स’ ने किया प्रभावित
थियेटर साल बुनवेल में भारतीय फिल्मकार शौनक सेन की शानदार डॉक्यूमेंट्री ‘ऑल दैट ब्रीद्स’ का विशेष प्रदर्शन देखने बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। यह दिल्ली के वजीराबाद के दो ऐसे भाइयों की कहानी है, जो पतंग में लगे गैर-कानूनी मांझे से जख्मी हुए परिंदों का इलाज करते हैं।
जनवरी में हुए सनडांस फिल्म उत्सव में यह सर्वश्रेष्ठ फिल्म का अवाॅर्ड पा चुकी है और एचबीओ ने इसके अधिकार खरीदे हैं। भारत से लगातार दूसरे वर्ष कान में ऐसी डॉक्यूमेंट्री फिल्म आई, जिसे सराहा गया है। पिछले साल यहां प्रदर्शित राहुल जैन की इन्विंसिबल डीमन व पायल कपाड़िया की नाइट ऑफ नोइंग नथिंग को अवाॅर्ड मिले थे।
देश की नुमाइंदगी पर गर्व : पूजा
भारतीय फिल्म स्टार पूजा हेगड़े ने भी बीते सप्ताह फिल्म महोत्सव में हिस्सा लिया। उन्हाेंने बताया, भारत सरकार ने कान में प्रतिनिधित्व करने के लिए मुझे चुना था, यह मेरे लिए बेहद गर्व की बात है। तेलुगु, तमिल व हिंदी दर्शकों में लोकप्रिय पूजा ने अमर उजाला से अनुभव साझा किए..
क्या आप ब्रांड प्रमोशन के लिए आईं थीं?
बसे अच्छी बात है कि मैं किसी ब्रांड के लिए नहीं आई, बल्कि भारत सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर आई हूं। हम कान फिल्म महोत्सव, भारतीय सिनेमा, 75 वर्षों के रिश्ते और भारत-फ्रांस के संबंधाें का जश्न मना रहे हैं। मुझे सरकार द्वारा चुने जाने पर गर्व महसूस है।
पेशागत और व्यक्तिगत, आपके लिए इन दोनों तरह से कान का क्या महत्व है?
मैंने हमेशा कान फिल्म महोत्सव में शामिल होने का सपना देखा था। यह प्रतिष्ठित होने के साथ फिल्म, फैशन और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के जश्न का सुंदर संगम होता है। बतौर भारतीय प्रतिनिधि यह मुझे प्रोत्साहित करता है। चूंकि मैं एक बहुत साधारण पृष्ठभूमि से हूं, यह मुझे उस लंबे रास्ते की याद दिलाता है, जिससे चलकर मैं आई हूं। हालांकि अब भी मुझे काफी आगे जाना है।
पूजा हेगड़े
बेसब्री से इंतजार था..
मुझे रेडकार्पेट पर चलने का बहुत इंतजार था। यह उतना ही शानदार रहा, जैसी मैंने कल्पना की थी।
फ्रेंच रिवेरा में घूमने लायक कोई जगह?
मुझे नहीं लगता कि मेरे पास घूमने का समय होगा, पर जहां ठहरी हूं, वह बेहद खूबसूरत है। वैसे मैं अपनी व्यस्तता का भी पूरा आनंद ले रही हूं, बहुत रोमांचक अनुभव है।