यूएनएचआरसी में 43वें सत्र के दौरान संयुक्त राष्ट्र के बाहर लगाए गए पाक सेना विरोधी पोस्टर
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 43वें सत्र के दौरान जिनेवा में ऐसे पोस्टर लगाए गए जिनमें पाकिस्तानी सेना द्वारा आतंकवाद को समर्थन बंद करने के स्लोगन लिखे गए। लाल रंग के पोस्टरों में सफेद रंग से सेना के विरोध में लिखा गया, ‘पाकिस्तान आर्मी स्टॉप सपोर्टिंग टेरेरिज्म’।
यूएनएचआरसी मुख्यालय के बाहर कई प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए और उन्होंने पाकिस्तान के हालातों के प्रति नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने पाक सेना द्वारा किए गए अत्याचारों को प्रतीकात्मक रूप में चित्रित करते हुए महिलाओं को एक पिंजरे के भीतर दिखाया। इसमें सेना के हाथों महिलाओं और बच्चों के प्रति अत्याचारों का प्रदर्शन किया गया है। ताजा पोस्टरों को पाकिस्तान में बढ़ते असंतोष के नजरिए से देखा जा रहा है।
कश्मीर का मुद्दा भुनाने की कोशिश
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में कश्मीर मुद्दा भुनाने की कोशिश की। पाक मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने कहा, घाटी के सभी सियासी नेताओं व कार्यकर्ताओं को रिहा कर संचार पर लगे प्रतिबंध खत्म होने चाहिए। उन्होंने कहा, कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की खामोशी को शर्मनाक कहा जाएगा। मानवाधिकार परिषद के 43वें सत्र में मजारी ने कहा कि भारत कश्मीर में लगातार मानवाधिकारों का हनन कर रहा है।
लंदन में पाक में धर्मांतरण का विरोध
लंदन में यूएन दफ्तर के बाहर भी पाक विरोधी प्रदर्शन हुआ। भारतीय प्रवासियों ने पाक में नाबालिग हिंदू लड़की महक कुमारी के लिए न्याय की मांग की। उनका आरोप है कि हिंदू लड़की का जबरन इस्लाम में धर्मांतरण कर मुस्लिम से शादी करवा दी गई। प्रदर्शन करने वालों का आरोप था कि पाक मौलवी महक की हत्या करना चाहते हैं ताकि कोर्ट में दिए उसकी मर्जी से धर्मांतरण के बयान पर मुहर लग जाए।