फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Indian-Americans take out peaceful rally against caste-based discrimination law

US: जाति-आधारित भेदभाव वाले कानून के खिलाफ भारतीय-अमेरिकी, निकाली शांतिपूर्ण रैली

Thu, 06 Apr 2023 09:10 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: काव्या मिश्रा Updated Thu, 06 Apr 2023 09:10 AM IST
सार

राज्य के सीनेट में चुनी गईं पहली मुस्लिम और अफगान अमेरिकी आइशा वहाब ने 22 मार्च को यह विधेयक पेश किया था। यदि बिल पारित हो जाता है, तो अमेरिका का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य कैलिफोर्निया जाति-आधारित पूर्वाग्रह को खत्म करने वाला देश का पहला राज्य भी बन सकता है।

विज्ञापन
Indian-Americans take out peaceful rally against caste-based discrimination law
जाति-आधारित भेदभाव वाले कानून के खिलाफ भारतीय-अमेरिकियों ने निकाली शांतिपूर्ण रैली - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कैलिफोर्निया में बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकियों ने जाति-आधारित भेदभाव वाले कानून के खिलाफ शांतिपूर्ण रैली । उन्होंने राज्य के सीनेट में जाति-आधारित भेदभाव पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाले एक विधेयक को पेश करने के लिए एक लोकतांत्रिक सीनेटर के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने को लेकर रैली निकाली।

विज्ञापन

मार्च में विधेयक किया था पेश

राज्य के सीनेट में चुनी गईं पहली मुस्लिम और अफगान अमेरिकी आइशा वहाब ने 22 मार्च को यह विधेयक पेश किया था। यदि बिल पारित हो जाता है, तो अमेरिका का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य कैलिफोर्निया जाति-आधारित पूर्वाग्रह को खत्म करने वाला देश का पहला राज्य भी बन सकता है।

विज्ञापन

वहाब ने विधेयक पेश करने के बाद कहा था कि यह ऐतिहासिक विधेयक श्रमिकों के अधिकारों, महिलाओं के अधिकारों, समलैंगिक अधिकारों और नागरिक अधिकारों की बात करता है। कई संगठनों एवं प्रभावशाली लोगों ने इस विधेयक की प्रशंसा की है, लेकिन कई भारतीय-अमेरिकियों को डर है कि सरकारी नीति में जाति को संहिताबद्ध करने से अमेरिका में 'हिंदूफोबिया' (हिंदू धर्म के खिलाफ नकारात्मक अवधारणा एवं असहिष्णुता) के कारण होने वाली घटनाएं बढ़ेंगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

हिंदू गठबंधन ने किया विरोध

वहीं, उत्तरी अमेरिका के हिंदू गठबंधन या कोलिशन ऑफ हिंदूस ऑफ नॉर्थ अमेरिका (CoHNA) ने इसका विरोध किया है। उन्होंने शांति रैली निकालकर कहा कि बहाव द्वारा पेश किया गया कानून सभी के लिए समानता और न्याय के मौलिक सिद्धांतों के खिलाफ है, चाहे उनकी जाति, धर्म और वंश कुछ भी हो। फ्रेमोंट शहर के रहने वाले व तकनीकी कार्यकर्ता हर्ष सिंह ने कहा कि यह बिल नफरत को बढ़ाएगा। कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कैलिफोर्निया के सांसदों से अपील की कि वे हिंदुओं को अलग न करें और न ही उनके हिंदू होने के कारण यह मानकर बैठ जाएं कि वे दोषी हैं। 

जाति आधारित भेदभाव को प्रतिबंधित करने वाला पहला शहर सिएटल

अमेरिका में सिएटल शहर जाति आधारित भेदभाव को प्रतिबंधित करने वाला पहला शहर बन गया है। भारतीय-अमेरिकी नेता एवं अर्थशास्त्री क्षमा सावंत ने सिएटल सिटी काउंसिल में भेदभाव न करने की नीति में जाति को शामिल करने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया था, जिसे एक के मुकाबले छह मतों से पारित कर दिया गया है। क्षमा सावंत के प्रस्ताव को सिएटल के सदन की मंजूरी मिल गई है। अमेरिका में जाति आधारित भेदभाव के मामले पर इस मत परिणाम के दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं।

यह कदम शहर के दक्षिण एशियाई प्रवासियों, विशेष रूप से भारतीय और हिंदू समुदायों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भारत की जाति व्यवस्था दुनिया में सबसे पुरानी है। भारतीय-अमेरिकी सिएटल सिटी काउंसिल की सदस्य क्षमा सावंत ने कहा, जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ाई सभी प्रकार के उत्पीड़न से जुड़ी हुई है।

आंदोलन को आगे बढ़ाना होगा

सावंत ने प्रस्ताव पारित होने के बाद कहा, यह आधिकारिक हो गया है। हमारे आंदोलन के कारण सिएटल में जातिगत भेदभाव पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जो देश में पहली बार हुआ है। इस जीत को देशभर में फैलाने के लिए हमें इस आंदोलन को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि हमें ये समझने की जरूरत है कि भले ही अमेरिका में भेदभाव उस तरह नहीं दिखता, जैसा कि दक्षिण एशिया में हर जगह दिखता है, लेकिन यहां भी भेदभाव एक सच्चाई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed