{"_id":"651e8c92028f65cc73014807","slug":"indian-american-student-saved-in-uk-after-heart-stopped-six-times-2023-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"London: काफी मशक्कत के बाद बची भारतीय मूल के अमेरिकी छात्र की जान, छह बार दिल ने काम करना कर दिया था बंद","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
London: काफी मशक्कत के बाद बची भारतीय मूल के अमेरिकी छात्र की जान, छह बार दिल ने काम करना कर दिया था बंद
Thu, 05 Oct 2023 03:46 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, लंदन
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Thu, 05 Oct 2023 03:46 PM IST
सार
टेक्सास के बायलर विश्वविद्यालय के छात्र अतुल राव के फेफड़ों में खून का थक्का जम गया था। जिसके कारण हृदय से रक्त का प्रवाह थम गया। खून का संचार रुकने से छात्र को दिल का दौरा पड़ा।
विज्ञापन
हार्ट अटैक (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लंदन में पढ़ रहे एक भारतीय मूल के अमेरिकी छात्र से जुड़ा अजीबोगरीब मामला सामने आया है। छात्र की छह बार दिल की धड़कने रुकने के बावजूद उसे बचा लिया गया। टेक्सास के बायलर विश्वविद्यालय के छात्र अतुल राव के फेफड़ों में खून का थक्का जम गया था। जिसके कारण हृदय से रक्त का प्रवाह थम गया। खून का संचार रुकने से छात्र को दिल का दौरा पड़ा।
लंदन स्थित इंपीरियल कॉलेज हेल्थकेयर एनएचएस ट्रस्ट हैमरस्मिथ हॉस्पिटल के हार्ट अटैक सेंटर में ले जाया गया। वहां पुष्टि हुई कि छात्र के फेफड़ों में रक्त के थक्के जमे हुए थे।
हैमरस्मिथ अस्पताल के कर्मचारियों ने अतुल को जिंदा रखने के लिए रात भर कोशिश की। उपचार के दौरान खून का थक्का खत्म करने वाली दवा दी गई। अन्य जीवन रक्षक मशीनों की मदद से उनकी जान बचाई गई।
विज्ञापन
एम्बुलेंस सेवा का पैरामेडिक निक सिललेट ने कहा कि जब मैंने अतुल की स्थिति देखी तो मुझे लगा कि यह नहीं बच पाएगा। लेकिन इस भयानक घटना के बाद फिर से उसके माता-पिता के साथ बातचीत करता देख मुझे खुशी हुई।
वहीं हैमरस्मिथ अस्पताल में क्रिटिकल केयर सलाहकार डॉ. लौइट ठाकुरिया ने कहा यह वास्तव में एक टीम प्रयास था। यह सौभाग्य की बात है कि आपसी सहयोग के कारण उसकी जान बचाई जा सकी।
घटना के बाद छात्र की मां ने कहा कि मेरे बेटे को मुझे वापस देने के लिए मैं डॉक्टरों का आभार व्यक्त करती हूं। स्वभाविक है इतनी कम उम्र में यह देखने को मिलता है। इस घटना का उसके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा।
विज्ञापन
लंदन स्थित इंपीरियल कॉलेज हेल्थकेयर एनएचएस ट्रस्ट हैमरस्मिथ हॉस्पिटल के हार्ट अटैक सेंटर में ले जाया गया। वहां पुष्टि हुई कि छात्र के फेफड़ों में रक्त के थक्के जमे हुए थे।
विज्ञापन
हैमरस्मिथ अस्पताल के कर्मचारियों ने अतुल को जिंदा रखने के लिए रात भर कोशिश की। उपचार के दौरान खून का थक्का खत्म करने वाली दवा दी गई। अन्य जीवन रक्षक मशीनों की मदद से उनकी जान बचाई गई।
विज्ञापन
एम्बुलेंस सेवा का पैरामेडिक निक सिललेट ने कहा कि जब मैंने अतुल की स्थिति देखी तो मुझे लगा कि यह नहीं बच पाएगा। लेकिन इस भयानक घटना के बाद फिर से उसके माता-पिता के साथ बातचीत करता देख मुझे खुशी हुई।
वहीं हैमरस्मिथ अस्पताल में क्रिटिकल केयर सलाहकार डॉ. लौइट ठाकुरिया ने कहा यह वास्तव में एक टीम प्रयास था। यह सौभाग्य की बात है कि आपसी सहयोग के कारण उसकी जान बचाई जा सकी।
घटना के बाद छात्र की मां ने कहा कि मेरे बेटे को मुझे वापस देने के लिए मैं डॉक्टरों का आभार व्यक्त करती हूं। स्वभाविक है इतनी कम उम्र में यह देखने को मिलता है। इस घटना का उसके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा।