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US: मिशिगन में पूजा स्थलों में तोड़फोड़ करने पर होगी कार्रवाई, भारतीय-अमेरिकी जनप्रतिनिधि ने पेश किया विधेयक
Wed, 07 Jun 2023 12:46 PM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 07 Jun 2023 12:46 PM IST
सार
एक भारतीय-अमेरिकी जनप्रतिनिधि रंजीव पुरी ने घृणा अपराध में पूजा स्थलों की तोड़फोड़ को शामिल करने के लिए एक विधेयक पेश किया है।
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भारतीय-अमेरिकी जनप्रतिनिधि रंजीव पुरी
- फोटो : Twitter
विस्तार
अमेरिका के राज्य मिशिगन में किसी पूजा स्थल पर कोई व्यक्ति तोड़फोड़ करता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। एक भारतीय-अमेरिकी जनप्रतिनिधि रंजीव पुरी ने घृणा अपराध में पूजा स्थलों की तोड़फोड़ को शामिल करने के लिए एक विधेयक पेश किया है। इससे पहले एक रिपोर्ट भी सामने आई थी जिसमें बताया गया था कि अमेरिका में घृणा अपराध 12 फीसदी तक बढ़ गए हैं।
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इसी के साथ मिशिगन राज्य के प्रतिनिधि रंजीव पुरी ने दीवाली, वैसाखी, ईद अल-फितर, ईद अल-अधा और नव वर्ष की छुट्टियों को मिशिगन में आधिकारिक राज्य-मान्यता प्राप्त छुट्टियों के रूप में मनाने के लिए एक विधेयक भी पेश किया है। रंजीव पुरी के माता-पिता 1970 के दशक में अमृतसर से अमेरिका चले गए थे।
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रंजीव पुरी का मिशिगन में जनप्रतिनिधि के रूप में दूसरा कार्यकाल है। पुरी अब मिशिगन हाउस मेजोरिटी व्हिप हैं। पुरी की फिलहाल एक प्रभावशाली स्थिति है और सामाजिक मुद्दों को आगे बढ़ाते रहे हैं। उन्होंने पेश करते हुए कहा कि मैंने दीवाली, वैसाखी और ईद-उल-फितर को मिशिगन में आधिकारिक छुट्टी घोषित करने के लिए एक बिल पेश किया है। मेरे पास एक और बिल है जो घृणा अपराधों की परिभाषा का विस्तार करेगा।
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मिशिगन में मूल घृणा अपराध बिल 1988 में लिखा गया था और तब से इसे अपडेट नहीं किया गया है। 35 साल हो गए हैं और इसलिए हम इसे अब अधिक समावेशी के साथ अपडेट कर रहे हैं। रंजीव पुरी के मुताबिक, अगर मंदिर, मस्जिद या सिख गुरुद्वारे जैसी धार्मिक संस्था में तोड़फोड़ की जाती है या उसे अपवित्र किया जाता है, तो अब उन लोगों के खिलाफ भारी जिम्मेदारी के साथ मुकदमा चलाना बहुत आसान होगा।
धार्मिक आधार पर भी हो रहा घृणा अपराध
इससे पहले एफबीआई की रिपोर्ट में बताया गया था कि अमेरिका में सिख समुदाय और यहूदियों के खिलाफ घृणा अपराध के मामले बढ़े हैं। एफबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 में धर्म संबंधित कुल 1005 घृणा अपराध दर्ज किए गए। इनमें से 31.9 प्रतिशत घृणा अपराध की घटनाएं यहूदियों के खिलाफ और 21.3 प्रतिशत सिख समुदाय के खिलाफ दर्ज की गईं। मुस्लिमों के खिलाफ घृणा अपराध की घटनाएं 9.5 फीसदी थी, वहीं कैथोलिक लोगों के खिलाफ घृणा अपराध के मामले 6.1 फीसदी दर्ज हुए।