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Air Force: भारतीय वायुसेना ने अमेरिका के अलास्का में दिखाया दम, युद्धाभ्यास रेड फ्लैग 2024 में शामिल हुआ दल
Sun, 16 Jun 2024 01:31 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 16 Jun 2024 01:31 PM IST
सार
भारतीय वायुसेना के दल में राफेल फाइटर जेट और एयर क्रू के साथ ही तकनीशियन, इंजीनियर, कंट्रोलर और विषयों के विशेषज्ञ शामिल रहे। युद्धाभ्यास में शामिल होने के लिए आते वक्त राफेल फाइटर जेट को आईएल-78 एयर टू एयर रिफ्यूलर की मदद से हवा में ही ईंधन भरा गया।
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भारतीय वायुसेना का दल
- फोटो : एएनआई
विस्तार
भारतीय वायुसेना के एक दल ने अमेरिका के अलास्का में आयोजित हुए युद्धाभ्यास रेड फ्लैग 2024 में शिरकत की। यह युद्धाभ्यास अमेरिका के अलास्का के इलसन एयर फोर्स बेस पर आयोजित किया गया। यह युद्धाभ्यास 4 जून से 14 जून तक आयोजित हुआ, जिसमें अमेरिका के साथ ही भारत, सिंगापुर, ब्रिटेन, नीदरलैंड, जर्मनी की वायुसेनाएं शामिल हुईं।
साल में चार बार आयोजित होता है रेड फ्लैग युद्धाभ्यास
रेड फ्लैग 2024 का यह दूसरा संस्करण था। रेड फ्लैग युद्धाभ्यास एक एडवांस कॉम्बैट ट्रेनिंग एक्सरसाइज है। यह युद्धाभ्यास साल में चार बार आयोजित होता है। भारतीय वायुसेना के दल में राफेल फाइटर जेट और एयर क्रू के साथ ही तकनीशियन, इंजीनियर, कंट्रोलर और विषयों के विशेषज्ञ शामिल रहे। युद्धाभ्यास में शामिल होने के लिए आते वक्त राफेल फाइटर जेट को आईएल-78 एयर टू एयर रिफ्यूलर की मदद से हवा में ही ईंधन भरा गया। वहीं दल के सदस्यों को लाने के लिए सी-17 ग्लोबमास्टर विमान का इस्तेमाल किया गया। भारतीय वायुसेना का दल 29 मई को अलास्का स्थित इलसन एयर बेस पहुंच गया था।
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रेड फ्लैग एक्सरसाइज के दौरान युद्ध जैसे हालात बनाकर अभ्यास किया गया। वांछित वातावरण के लिए बलों का सीमांकन किया गया, जिसमें रेड फोर्स ने डिफेंस किया और ब्लू फोर्स ने आक्रामण किया। इस अभ्यास में रेड फोर्स मुख्य रूप से अमेरिकी वायुसेना की एग्रेसर स्कवॉड्रन द्वारा बनाई गई थी, जिसमें एफ-16 और एफ-15 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान थे।
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साल में चार बार आयोजित होता है रेड फ्लैग युद्धाभ्यास
रेड फ्लैग 2024 का यह दूसरा संस्करण था। रेड फ्लैग युद्धाभ्यास एक एडवांस कॉम्बैट ट्रेनिंग एक्सरसाइज है। यह युद्धाभ्यास साल में चार बार आयोजित होता है। भारतीय वायुसेना के दल में राफेल फाइटर जेट और एयर क्रू के साथ ही तकनीशियन, इंजीनियर, कंट्रोलर और विषयों के विशेषज्ञ शामिल रहे। युद्धाभ्यास में शामिल होने के लिए आते वक्त राफेल फाइटर जेट को आईएल-78 एयर टू एयर रिफ्यूलर की मदद से हवा में ही ईंधन भरा गया। वहीं दल के सदस्यों को लाने के लिए सी-17 ग्लोबमास्टर विमान का इस्तेमाल किया गया। भारतीय वायुसेना का दल 29 मई को अलास्का स्थित इलसन एयर बेस पहुंच गया था।
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Red Flag is an air combat exercise conducted with multiple scenarios designed to provide realistic combat settings. A demarcation of forces is done for simulating the desired environment, with the Red Force simulating Air Defence elements, and the Blue Force simulating the… pic.twitter.com/UlreLpIrHM
— ANI (@ANI) June 16, 2024
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रेड फ्लैग एक्सरसाइज के दौरान युद्ध जैसे हालात बनाकर अभ्यास किया गया। वांछित वातावरण के लिए बलों का सीमांकन किया गया, जिसमें रेड फोर्स ने डिफेंस किया और ब्लू फोर्स ने आक्रामण किया। इस अभ्यास में रेड फोर्स मुख्य रूप से अमेरिकी वायुसेना की एग्रेसर स्कवॉड्रन द्वारा बनाई गई थी, जिसमें एफ-16 और एफ-15 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान थे।