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चीन की गीदड़भभकी: युद्ध में भारत को अटल टनल से नहीं होगा फायदा, हमारी सेना कर सकती है बेकार
Tue, 06 Oct 2020 01:56 AM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 06 Oct 2020 01:56 AM IST
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atal tunnel
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में सामरिक दृष्टिकोण से बेहद अहम ‘अटल टनल’ के उद्घाटन से चीन बौखला गया है। चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि अटल टनल से भारत को युद्ध के समय ज्यादा लाभ नहीं होगा। अगर युद्ध होता है तो चीनी सेना इसे बेकार करने का माद्दा रखती है। पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को टनल का उद्घाटन किया था।
चीन के रक्षा विशेषज्ञ सोंग झोनपिंग ने अपने लेख में लिखा, पठारी और कम आबादी वाले इलाकों में इस तरह के रास्तों का निर्माण मुख्य रूप से सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता है। अटल टनल की शुरुआत होने से भारतीय सेना को सीमा पर जल्द से जल्द तैनात किया जा सकेगा। साथ ही इस टनल से सैन्य आपूर्ति को भी पूरा किया जा सकेगा। यह सच है कि टनल से भारत के अन्य हिस्सों से लेह की दूरी कम हो जाएगी, लेकिन युद्ध के समय इससे कोई ज्यादा लाभ नहीं होगा। अगर युद्ध होता है तो ऐसी स्थिति में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी इस टनल को बेकार कर देगी। भारत को किसी भी तरह के उकसावे से बचना चाहिए। चीन और भारत के लिए बेहतर है कि दोनों शांति से रहें। भारत को खुद को संयमित रखना चाहिए और ऐसा कोई रास्ता नहीं है जो भारत की युद्ध क्षमता में इजाफा कर सके। भारत चीन की बराबरी नहीं कर सकता।
सड़क, पुल निर्माण को बढ़ा रहा भारत
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा, भारत चीन से लगी सीमा पर सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे का तेजी से निर्माण कर रहा है। दो दशकों बाद पिछले साल 255 किलोमीटर लंबी दरबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी सड़क निर्माण का काम पूरा हुआ। इसके अलावा भारत ने चीन से लगी सीमा पर 73 रणनीतिक सड़कों की पहचान की है, जिनका निर्माण सर्दियों में भी जारी रहेगा।
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चीन के रक्षा विशेषज्ञ सोंग झोनपिंग ने अपने लेख में लिखा, पठारी और कम आबादी वाले इलाकों में इस तरह के रास्तों का निर्माण मुख्य रूप से सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता है। अटल टनल की शुरुआत होने से भारतीय सेना को सीमा पर जल्द से जल्द तैनात किया जा सकेगा। साथ ही इस टनल से सैन्य आपूर्ति को भी पूरा किया जा सकेगा। यह सच है कि टनल से भारत के अन्य हिस्सों से लेह की दूरी कम हो जाएगी, लेकिन युद्ध के समय इससे कोई ज्यादा लाभ नहीं होगा। अगर युद्ध होता है तो ऐसी स्थिति में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी इस टनल को बेकार कर देगी। भारत को किसी भी तरह के उकसावे से बचना चाहिए। चीन और भारत के लिए बेहतर है कि दोनों शांति से रहें। भारत को खुद को संयमित रखना चाहिए और ऐसा कोई रास्ता नहीं है जो भारत की युद्ध क्षमता में इजाफा कर सके। भारत चीन की बराबरी नहीं कर सकता।
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सड़क, पुल निर्माण को बढ़ा रहा भारत
ग्लोबल टाइम्स ने लिखा, भारत चीन से लगी सीमा पर सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे का तेजी से निर्माण कर रहा है। दो दशकों बाद पिछले साल 255 किलोमीटर लंबी दरबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी सड़क निर्माण का काम पूरा हुआ। इसके अलावा भारत ने चीन से लगी सीमा पर 73 रणनीतिक सड़कों की पहचान की है, जिनका निर्माण सर्दियों में भी जारी रहेगा।
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