India-US: नौसेना के MH-60R ‘सीहॉक’ हेलिकॉप्टर बेड़े के लिए 7995 करोड़ का मेगा सौदा, रक्षा साझेदारी होंगी मजबूत
भारतीय रक्षा मंत्रालय ने अमेरिकी MH-60R ‘सीहॉक’ हेलिकॉप्टर बेड़े के रखरखाव के लिए 7,995 करोड़ रुपये का समझौता मंजूर किया। यह सौदा भारतीय नौसेना की समुद्री क्षमता, इंटरऑपरेबिलिटी और इंडियन ओशन सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
विस्तार
भारत और अमेरिका के रक्षा संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला बड़ा कदम सामने आया है। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन के MH-60R ‘सीहॉक’ मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर बेड़े के रखरखाव और संचालन क्षमता बढ़ाने के लिए ₹7,995 करोड़ (करीब 946 मिलियन डॉलर) का मेगा सस्टेनमेंट पैकेज मंजूर कर दिया है। यह पैकेज भारतीय नौसेना की समुद्री शक्ति, इंटरऑपरेबिलिटी और इंडियन ओशन क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करेगा।
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने भी एक्स पर पोस्ट कर इस सौदे की पुष्टि की और इसे भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों में बेहतरीन खबर बताया। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने लिखा यह पैकेज भारतीय नौसेना की समुद्री क्षमताओं को बढ़ाएगा और भारत, अमेरिका तथा क्षेत्रीय साझेदारों के बीच ऑपरेशनल तालमेल को मजबूत करेगा।
2020 में हुई थी खरीद, अभी तक 15 हेलिकॉप्टर हुए शामिल
भारत ने MH-60R हेलिकॉप्टर 2020 में फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) समझौते के तहत खरीदे थे। वर्तमान में करीब 15 हेलिकॉप्टर नौसेना में शामिल किए जा चुके हैं, जबकि बाकी की डिलीवरी चरणबद्ध जारी है। 2021 में इनका पहला स्क्वॉड्रन INAS 334 कोची स्थित आईएनएस गरुड़ में कमीशन किया गया था।
ये भी पढ़ें:- Navy Day: राष्ट्रपति बोलीं- स्वावलंबन से मजबूत होती है राष्ट्रीय सुरक्षा; केरल के तट पर नौसेना ने दिखाई ताकत
एंटी-सबमरीन से लेकर सतह युद्ध तक सक्षम
MH-60R ‘सीहॉक’ हेलिकॉप्टर, जिसे दुनियाभर में ‘रोमियो’ के नाम से जाना जाता है, समुद्री युद्ध का एक अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म माना जाता है। यह एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, एंटी-सर्फेस मिशन, सर्च एंड रेस्क्यू, इंटेलिजेंस–सर्विलांस–रिकॉनिसेंस ऑपरेशंस और जहाज-आधारित मिशनों को बेहद सटीकता से अंजाम देने में सक्षम है। लंबे दूरी के सेंसर, मल्टी-मोड रडार, नाइट विज़न सिस्टम और उन्नत हथियारों जैसे हेलफायर मिसाइल, टॉरपीडो और मशीन गन से लैस यह हेलिकॉप्टर समुद्री सुरक्षा में गेम-चेंजर साबित होता है।
सस्टेनमेंट पैकेज से बढ़ेगी उपलब्धता
नए सस्टेनमेंट पैकेज से इन हेलिकॉप्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, जबकि रखरखाव का समय और लागत दोनों कम होंगे। इससे न सिर्फ भारत में स्थानीय मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, बल्कि विदेशी तकनीकी सहायता पर निर्भरता भी घटेगी। नौसेना के जहाजों से इनका संचालन और अधिक प्रभावी व तेज़ हो सकेगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, MH-60R बेड़ा भारतीय नौसेना की क्षमता को कई गुना बढ़ाता है, चाहे बात सबमरीन ट्रैकिंग की हो, दुश्मन जहाजों पर कार्रवाई की, समुद्री मार्गों की सुरक्षा की, कैरियर ग्रुप प्रोटेक्शन की या फिर संकट स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने की। यह सौदा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की सामरिक शक्ति और समुद्री पकड़ को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.