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भारत ने जम्मू-कश्मीर का मुद्दा हमेशा के लिए यूएनएससी से हटाने को कहा
Wed, 02 Sep 2020 04:27 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 02 Sep 2020 04:27 AM IST
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संयुक्त राष्ट्र
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भारत ने संयुक्त राष्ट्र से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा हमेशा के लिए सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के एजेंडे से हटाने की अपील की है। भारत ने यूएन से यह मुद्दा भारत-पाकिस्तान प्रश्न के पुराना एजेंडा आइटम से हटाने के लिए कहा है। भारत ने कहा कि ऐसी ‘तर्कहीन कवायद’ का एक उन्नत जगत में कोई मतलब नहीं है।
पाकिस्तान पर तीखा आक्रमण बोलते हुए भारत ने उसका नाम लिए बिना कहा कि यहां एक प्रतिनिधिमंडल है, जो खुद को बार-बार अंतरराष्ट्रीय शांति में योगदान देने वाले के तौर पर पेश करने की कोशिश करता रहता है, लेकिन दुर्भाग्य से वो यह पहचानने में चूक जाता है कि उसकी वैश्विक छवि अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के मूल स्रोत और आतंकी संगठनों के केंद्र के तौर पर है। भारत ने आगे कहा कि यह प्रतिनिधिमंडल एक पुराने एजेंडा आइटम पर परिषद में चर्चा के लिए जोर देता रहता है, जबकि सारा मामला परिषद के एजेंडे से हमेशा के लिए हटा दिए जाने की जरूरत है।
भारत ने यह टिप्पणी पाकिस्तान के यूएन राजदूत मुनीर अकरम की तरफ से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा सुरक्षा परिषद की वार्षिक रिपोर्ट पर आयोजित अनौपचारिक वर्चुअल बैठक के दौरान उठाने का प्रयास किए जाने पर की। अकरम ने कहा था कि सुरक्षा परिषद जम्मू-कश्मीर पर अपने खुद के संकल्प और निर्णयों को लागू करने में विफल रही है।
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पाकिस्तान पर तीखा आक्रमण बोलते हुए भारत ने उसका नाम लिए बिना कहा कि यहां एक प्रतिनिधिमंडल है, जो खुद को बार-बार अंतरराष्ट्रीय शांति में योगदान देने वाले के तौर पर पेश करने की कोशिश करता रहता है, लेकिन दुर्भाग्य से वो यह पहचानने में चूक जाता है कि उसकी वैश्विक छवि अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के मूल स्रोत और आतंकी संगठनों के केंद्र के तौर पर है। भारत ने आगे कहा कि यह प्रतिनिधिमंडल एक पुराने एजेंडा आइटम पर परिषद में चर्चा के लिए जोर देता रहता है, जबकि सारा मामला परिषद के एजेंडे से हमेशा के लिए हटा दिए जाने की जरूरत है।
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भारत ने यह टिप्पणी पाकिस्तान के यूएन राजदूत मुनीर अकरम की तरफ से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा सुरक्षा परिषद की वार्षिक रिपोर्ट पर आयोजित अनौपचारिक वर्चुअल बैठक के दौरान उठाने का प्रयास किए जाने पर की। अकरम ने कहा था कि सुरक्षा परिषद जम्मू-कश्मीर पर अपने खुद के संकल्प और निर्णयों को लागू करने में विफल रही है।
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