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किर्गिस्तान : भारत ने विकास परियोजनाओं के लिए 20 करोड़ डॉलर की ऋण सहायता पर जताई सहमति
Tue, 12 Oct 2021 01:19 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, बिश्केक
एजेंसी, बिश्केक
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 12 Oct 2021 01:19 AM IST
सार
विदेश मंत्री एस. जयशंकर तीन मध्य एशियाई देशों के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत करने के लिए किर्गिस्तान, कजाखस्तान और आर्मेनिया की अपनी चार दिन की यात्रा पर हैं। इसी बीच एस. जयशंकर और किर्गिस्तान के विदेश मंत्री रुस्लान कजाकबायेव के साथ बैठक की। बैठक में द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों समेत अफगानिस्तान के मुद्दों पर सद्भावनापूर्ण व रचनात्मक बातचीत हुई।
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एस जयशंकर और किर्गिस्तान के विदेश मंत्री रुस्लान कजाकबायेव
- फोटो : twitter
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विस्तार
भारत ने सोमवार को किर्गिस्तान में विकास परियोजनाओं के लिए 20 करोड़ डॉलर की ऋण सहायता पर सहमति जताई है। यह सहमति विदेश मंत्री एस. जयशंकर और किर्गिस्तान के विदेश मंत्री रुस्लान कजाकबायेव के साथ हुई बैठक में हुई। बैठक में द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों समेत अफगानिस्तान के मुद्दों पर सद्भावनापूर्ण व रचनात्मक बातचीत हुई।
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विदेश मंत्री जयशंकर ने रुस्लान से की द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने की रचनात्मक वार्ता
जयशंकर तीन मध्य एशियाई देशों के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत करने के लिए किर्गिस्तान, कजाखस्तान और आर्मेनिया की अपनी चार दिनी यात्रा के तहत यहां पहुंचे। उन्होंने 20 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा पर सहमति को लेकर ट्वीट करके जानकारी दी। इसके अलावा अत्यधिक प्रभाव वाली सामुदायिक परियोजनाओं को लेकर भी दोनों देशों के बीच आपसी सहमति बनी।
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उन्होंने कहा, हमने भारतीय छात्रों की शीघ्र यात्रा और वीजा व्यवस्था में अधिक उदारता अपनाने की आवश्यकता पर चर्चा की। हमने हमारे रक्षा सहयोग की सकारात्मक समीक्षा की। बैठक के दौरान जयशंकर ने अफगानिस्तान में बदलते हालात पर भी चर्चा की। उन्होंने ट्वीट टकिया, अफगानिस्ताव में हालिया घटनाक्रम पर भारत और किर्गिस्तान का साझा दृष्टिकोण है।
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गांधी पुस्तकालय को भेंट कीं पुस्तकें
जयशंकर ने बिश्केक में मानस-महात्मा गांधी पुस्तकालय को भारतीय महाकाव्य और उत्कृष्ट पुस्तकें भेंट कीं। बिश्केक में अपने प्रवास के दौरान जयशंकर किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापरोव से भी मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया था कि विदेश मंत्री के रूप में यह जयशंकर का किर्गिस्तान का पहला दौरा है। उसने यह भी बताया था कि इस यात्रा के दौरान कुछ समझौतों पर भी हस्ताक्षर की उम्मीद है।
अफगानिस्तान के घटनाक्रम पर करीब से नजर रखा हुए है भारत : जयशंकर
भारत ने कहा कि वह अफगानिस्तान के घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में वर्णित विश्व समुदाय की अपेक्षाओं को पूरा करने संबंधी तालिबान शासन के महत्व को रेखांकित करता है। विदेश मंत्री जय शंकर ने यहां रुस्लान कजाकबायेव के साथ एक बैठक के बाद एक साझा प्रेस वार्ता में यह टिप्पणी की।
उन्होंने कहा किर्गिस्तान के विदेश मंत्री के साथ अफगानिस्तानी घटनाक्रम और क्षेत्र की शांति व सुरक्षा पर इसके प्रभाव को लेकर हुई चर्चा में थोड़ा अधिक समय लगा। उन्होंने कहा, यूएनएससी प्रस्ताव में स्पष्ट उल्लेख है कि अफगानिस्तान की जमीन का उपयोग आतंकियों को पनाह देने, उन्हें प्रशिक्षण देने या उन्हें वित्तपोषण के लिए नहीं किया जाएगा।