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संयुक्त राष्ट्र: भारत ने कहा- आतंकी ढांचे नष्ट करने के लिए ठोस कदम उठाए पाकिस्तान
Wed, 29 Sep 2021 06:18 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, जिनेवा।
एजेंसी, जिनेवा।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 29 Sep 2021 06:18 AM IST
सार
तिरुमूर्ति ने कहा, पाकिस्तान वह देश है, जहां सेना और आईएसआई द्वारा स्थापित तंत्र के शोषण, दमन और अत्याचार के खिलाफ बोलने वालों को रातों-रात गायब कर दिया जाता है। बिना किसी न्यायिक आधार के सजा के नाम पर हत्याएं की जाती हैं।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत ने पाकिस्तान से आतंकवाद के पोषण के खिलाफ भरोसेमंद कदम उठाने और अपने नियंत्रण में मौजूद आतंकी ढांचे को पूरी तरह नष्ट करने के लिए कहा है। भारत की तरफ से यह प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) की 48वीं बैठक में पाकिस्तान की तरफ से की गई टिप्पणी पर जवाब देने के अधिकार के तहत सामने आई।
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संयुक्त राष्ट्र में सोमवार को भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति की तरफ से पाकिस्तान को दिए गए जवाब में कहा गया है, पाकिस्तान की तरफ से भारत के खिलाफ एक और बेबुनियादी व मनगढंत आरोप लगाया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि परिषद का ध्यान पाकिस्तान की तरफ से हड़पे गए भारत के हिस्सों में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन से हटाया जा सके।
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परिषद ने पाकिस्तानी प्रतिनिधियों को लगातार अप्रासंगिक बातें करते देखा है, जो केवल उनकी हताशा और असंतुलित मनोस्थिति को दर्शाता है। संपूर्ण जम्मू-कश्मीर जिसमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला हिस्सा भी शामिल है, हमेशा भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा।
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उन्होंने कहा, पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर पर समय बर्बाद करने के बजाय अपने क्षेत्र में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन पर ध्यान देना चाहिए। यह बेहद हास्यास्पद है कि पाकिस्तान जैसे कट्टरपंथी इस्लामिक देश जो हर लिहाज से पूरी तरह नाकमा हैं, भारत जैसे जीवंत लोकतांत्रिक देश को मूल्यों और संस्कृति का उपदेश देने का दुस्साहस करते हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि पिछले सप्ताह ही कमिटी ऑफ एनफोर्स्ड डिएपियरेंस के सामने पाकिस्तान की निवासी अमीना मसूद ने अपना दुख साझा करते हुए बताया था कि किस तरह से पाकिस्तान की सुरक्षा एजेसियों ने उनका और उनके परिवार का जीवन नर्क बना दिया। बीते 16 वर्ष से वह अपने पति को ढूंढ रही हैं, जिन्हें 2005 में पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में लिया था।
इसके अलावा भारत ने अपने जवाब में कहा, पाकिस्तान दुनिया में आतंक का सबसे बड़ा निर्यातक है। पाकिस्तान वह देश है, जिसके पूर्व राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री खुलेआम यह स्वीकार चुके हैं कि आतंकवाद पाकिस्तान की राजकीय मशीनरी का एक हिस्सा है। एजेंसी
संयुक्त राष्ट्र भारत-पाक के बीच बातचीत को लेकर आशान्वित
संयुक्त राष्ट्र ने भारत व पाकिस्तान के बीच बातचीत को लेकर उम्मीद जताई है। भारत ने 76वीं महासभा के दौरान पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की तरफ से जम्मू-कश्मीर को लेकर की गई टिप्पपी पर विरोध जताया था। इसके बाद से भारत-पाकिस्तान के बीच वाक युद्ध जारी है।
-यूएन के महासचिव एंटोनियों गुटेरेस के प्रवक्ता स्टेफन दुजारिक ने उम्मीद जताते हुए कहा, दोनों देशों के बीच चाहे जिस लहजे में संवाद हुआ, हम आशान्वित हैं कि दोनों देशों में संवाद हो सकता है।
-भारत-पाकिस्तान के बीच हुई तल्ख बातचीत को लेकर सोमवार को प्रेस वार्ता के दौरान दुजारक से पूछा गया था कि क्या संयुक्त राष्ट्र दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने को लेकर चिंतित है, और क्या महासचिव इस मसले पर दोनों देशों से बात करने वाले हैं। एजेंसी
अफगानिस्तान के रास्ते कश्मीर में घुस सकते हैं पाकिस्तान प्रायोजित जिहादी
यूरोपियन फाउंडेशन फोर साउथ एशियन स्टडीज (ईएफएसएएस) ने पाकिस्तान प्रायोजित जिहादी आतंकवादियों के अफगानिस्तान के रास्त कश्मीर में घुसने की आशंका जताई है। यूनएएचआरसी के 48वें सत्र में कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले ईएफएसएएस के निदेशक जुनैद कुरैशी ने परिषद का ध्यान अफगानिस्तान में आतंक के प्रसार के लिए बन रहीं अनुकूल परिस्थितियों की तरफ आकर्षित करते हुए उनका असर जम्मू-कश्मीर पर पड़ने की आशंका जताई।
कुरैशी ने परिषद को बताया, जब 1989 में सोवीयत संघ ने काबुल को छोड़ा था तो इस्लामिक कट्टरपंथी आतंकी कश्मीर तक पहुंच गए थे। अब 32 वर्ष बाद जब अमेरिका अफगानिस्तान से चला गया है तो हजारों आतंकी बेरोजगार हो गए हैं, ऐसे में उन्हें कश्मीर की तरफ भेजा जा सकता है।
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